Kanpur Burn Ward Wedding: आग में झुलसी दुल्हन संग अस्पताल में लिए सात फेरे
Kavya Mishra
0 सेकंड पहलेYeh sirf ek ghar ki nahi, pure samaj ki baat hai.
Ravi sinha
0 सेकंड पहलेHum is cause ke saath hain, awaaz uthani chahiye.
Yash Kulkarni
0 सेकंड पहलेAam aadmi ki taklif samjhna aur samajhana dono zaroori hai.
Nisha Shah
0 सेकंड पहलेYeh mudda rajneeti se upar hai, insaniyat ki baat hai.
Diya Gupta
53 मिनट पहलेCommunity ko mil ke aage aana hoga is mudde par.
Monika Das
2 घंटे पहलेPeedit logo ke saath poori tarah sahmat hoon.
उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के घाटमपुर क्षेत्र से एक बेहद भावुक और दिल छू लेने वाली घटना सामने आई है। जगन्नाथपुर गांव में शादी की तैयारियों के बीच अचानक लगी भीषण आग ने पूरे परिवार की खुशियों को मातम में बदल दिया। हादसे में दुल्हन समेत करीब 12 लोग झुलस गए। लेकिन इस दर्दनाक हादसे के बीच दूल्हे ने ऐसा फैसला लिया, जिसने हर किसी की आंखें नम कर दीं।
मेहंदी समारोह के दौरान हुआ हादसा
जानकारी के मुताबिक, जगदीश सिंह की बेटी गरिमा सिंह उर्फ श्वेता की शादी कानपुर निवासी विकास सिंह के साथ तय थी। घर में मेहंदी और हल्दी की रस्में चल रही थीं। रिश्तेदारों और मेहमानों से घर भरा हुआ था, तभी किचन में गैस सिलेंडर की पाइप से रिसाव शुरू हो गया। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया।
आग बुझाने की कोशिश के दौरान चूल्हे पर रखी खौलते तेल की कड़ाही पलट गई, जिससे वहां मौजूद कई लोग झुलस गए। हादसे में दुल्हन गरिमा, उसके पिता और एक फोटोग्राफर समेत कुल 12 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
चार एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाए गए घायल
घटना के बाद पूरे गांव में अफरा-तफरी मच गई। चार एंबुलेंस की मदद से सभी घायलों को घाटमपुर सीएचसी पहुंचाया गया। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उन्हें कानपुर रेफर कर दिया। दुल्हन को जाजमऊ स्थित मिशिका हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज शुरू हुआ।
दूल्हे ने नहीं छोड़ा दुल्हन का साथ
हादसे की खबर मिलते ही दूल्हा विकास सिंह अपने परिवार के साथ अस्पताल पहुंचा। डॉक्टरों और परिजनों ने शादी टालने की सलाह दी, लेकिन विकास ने साफ शब्दों में कहा कि रिश्ते केवल अच्छे समय के लिए नहीं होते, मुश्किल हालात में साथ निभाना ही सच्चा प्यार है।
विकास के इस फैसले ने दोनों परिवारों को भावुक कर दिया। इसके बाद अस्पताल प्रशासन से अनुमति लेकर बर्न वार्ड में ही शादी कराने का निर्णय लिया गया।
बर्न वार्ड बना शादी का मंडप
अस्पताल के नर्सिंग स्टाफ और परिजनों ने मिलकर बर्न वार्ड के एक हिस्से को फूलों और मालाओं से सजाया। बिना बैंड-बाजे और शोर-शराबे के अस्पताल का वार्ड ही मंडप बन गया। शुक्रवार रात दूल्हा साधारण कपड़ों में वार्ड पहुंचा और घायल दुल्हन गरिमा की मांग में सिंदूर भरकर उसे अपनी पत्नी के रूप में स्वीकार किया। अस्पताल में मौजूद डॉक्टर, नर्स और परिजन इस भावुक पल को देखकर भावुक हो उठे।
डॉक्टरों ने बताया दुर्लभ और भावुक पल
मिशिका हॉस्पिटल के एमडी डॉ. सुरेंद्र पटेल ने बताया कि अस्पताल के इतिहास में यह बेहद दुर्लभ और भावुक घटना थी। उन्होंने कहा कि दुल्हन की हालत में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है और उसे पूरी तरह ठीक होने में कुछ दिन लग सकते हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल हुई प्रेम और भरोसे की कहानी
यह घटना अब सोशल Media पर तेजी से वायरल हो रही है। लोग दूल्हे विकास सिंह की जमकर तारीफ कर रहे हैं और इसे सच्चे प्यार, भरोसे और इंसानियत की मिसाल बता रहे हैं। कई यूजर्स ने कहा कि रिश्तों की असली परीक्षा मुश्किल समय में ही होती है और विकास ने अपने फैसले से यह साबित कर दिया।
इंसानियत और मोहब्बत की मिसाल बना यह विवाह
जहां एक ओर आग ने शादी की खुशियों को दर्द में बदल दिया, वहीं दूसरी ओर दूल्हे के फैसले ने यह साबित कर दिया कि प्यार केवल रस्मों का नाम नहीं, बल्कि हर परिस्थिति में साथ निभाने का वादा होता है। कानपुर की यह कहानी आज लाखों लोगों के दिलों को छू रही है।







