दहेज की बलि चढ़ी दीपिका नागर: ग्रेटर नोएडा में नवविवाहिता की संदिग्ध मौत से मचा हड़कंप

Nidhi kumari
0 सेकंड पहलेCommunity ko mil ke aage aana hoga is mudde par.
Nidhi kumari
0 सेकंड पहलेYeh samajik mudda bahut gambhir hai, dhyan dena zaroori hai.
Trapti Tanwar
0 सेकंड पहलेAise logon ko support karna humara farz hai.
Aarohi Chaudhary
0 सेकंड पहलेSamaj ke liye is khabar ka bahut mahatva hai.
Rohan Desai
1 घंटे पहलेYeh mudda rajneeti se upar hai, insaniyat ki baat hai.
उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा स्थित जलपुरा गांव में 24 वर्षीय नवविवाहिता दीपिका नागर की संदिग्ध मौत ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। डेढ़ साल पहले बड़े अरमानों और सपनों के साथ हुई शादी के बाद दीपिका की मौत ने दहेज उत्पीड़न और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिवार का आरोप है कि दीपिका को लगातार दहेज के लिए प्रताड़ित किया जा रहा था और आखिरकार उसकी हत्या कर दी गई।
कौन थीं दीपिका नागर?
दीपिका नागर ग्रेटर नोएडा के थाना बादलपुर क्षेत्र के कुड़ी खेड़ा गांव की रहने वाली थीं। वह पढ़ाई में बेहद होनहार थीं और पोस्ट ग्रेजुएट तक शिक्षा हासिल कर चुकी थीं। ग्रामीणों के अनुसार दीपिका शांत स्वभाव, समझदार और मिलनसार लड़की थीं। गांव में उन्हें पढ़ी-लिखी और संस्कारी बेटियों में गिना जाता था।
14 महीने पहले हुई थी शादी
जानकारी के अनुसार दीपिका की शादी करीब 14 महीने पहले जलपुरा गांव निवासी ऋतिक से हुई थी। ऋतिक के पिता मनोज गांव के पूर्व प्रधान बताए जाते हैं। परिवार का दावा है कि शादी में करीब एक करोड़ रुपये खर्च किए गए थे और दहेज में स्कॉर्पियो समेत काफी सामान दिया गया था। इसके बावजूद ससुराल पक्ष की मांगें खत्म नहीं हुईं।
फॉर्च्यूनर कार और 50 लाख की मांग का आरोप
मृतका के परिजनों ने आरोप लगाया है कि शादी के कुछ समय बाद ही ससुराल पक्ष फॉर्च्यूनर कार और 50 लाख रुपये की मांग करने लगा था। मांग पूरी नहीं होने पर दीपिका को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था। परिवार का कहना है कि दीपिका कई बार फोन पर रोते हुए अपने दर्द और मारपीट की जानकारी देती थी।
‘रिश्तों की मर्यादा में सब सहती रही दीपिका’
दीपिका की मां और रिश्तेदारों का कहना है कि वह रिश्तों और समाज की मर्यादा को देखते हुए सब कुछ सहती रही। परिवार के मुताबिक वह उम्मीद करती थी कि समय के साथ हालात सुधर जाएंगे, लेकिन प्रताड़ना लगातार बढ़ती गई।
संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत
17 मई की रात दीपिका की मौत की खबर सामने आई। पुलिस की शुरुआती जांच में कहा गया कि दीपिका ने कथित रूप से दहेज उत्पीड़न से परेशान होकर तीसरी मंजिल से छलांग लगा दी। हालांकि मायके पक्ष इसे आत्महत्या नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या बता रहा है।
अस्पताल में छोड़कर भागने का आरोप
परिजनों का आरोप है कि घटना के बाद ससुराल पक्ष दीपिका को अस्पताल में छोड़कर फरार हो गया। जब परिवार शारदा अस्पताल पहुंचा तो दीपिका मृत मिली। परिवार का दावा है कि उसके शरीर पर कई चोटों के निशान थे और तेज धार हथियार से हमला किए जाने के भी संकेत मिले हैं।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने बढ़ाई सस्पेंस
दीपिका की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर 30 से ज्यादा चोटों के निशान मिलने की बात सामने आई है। हालांकि मौत का स्पष्ट कारण सामने नहीं आ सका है। पुलिस ने विसरा सुरक्षित रखकर जांच के लिए लैब भेज दिया है। अब बिसरा रिपोर्ट और कॉल डिटेल के आधार पर पूरे मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
पति और ससुर गिरफ्तार
मृतका के पिता की शिकायत पर पुलिस ने दहेज हत्या समेत गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पति ऋतिक और ससुर मनोज को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों को कोर्ट में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश में भी जुटी है।
गांव में भारी आक्रोश
दीपिका की मौत के बाद गांव और आसपास के इलाकों में भारी गुस्सा देखने को मिला। अस्पताल और पोस्टमार्टम हाउस में बड़ी संख्या में लोग जुट गए। ग्रामीणों का कहना है कि इतनी पढ़ी-लिखी और समझदार लड़की के साथ ऐसा होना बेहद शर्मनाक है। परिवार ने चेतावनी दी है कि यदि आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा।
महिला संगठनों ने की फास्ट ट्रैक कोर्ट की मांग
महिला उन्नति संस्थान की कानूनी सलाहकार एडवोकेट सीमा भाटी ने मामले को समाज के लिए कलंक बताते हुए फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई की मांग की है। उन्होंने पीड़ित परिवार को निशुल्क कानूनी सहायता देने की भी बात कही।
लगातार बढ़ रहे दहेज हत्या के मामले
ग्रेटर नोएडा और आसपास के क्षेत्रों में दहेज हत्या के मामलों में लगातार बढ़ोतरी चिंता का विषय बन चुकी है। पढ़ी-लिखी और नौकरीपेशा महिलाएं भी दहेज की मांग और घरेलू प्रताड़ना का शिकार हो रही हैं। दीपिका नागर की मौत ने एक बार फिर समाज को झकझोर दिया है और दहेज प्रथा पर कड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।






