ट्विशा शर्मा मौत मामला: CM आवास के बाहर धरने पर बैठा परिवार
Pooja Reddy
2 घंटे पहलेAam aadmi ki taklif samjhna aur samajhana dono zaroori hai.
Rohan Desai
5 घंटे पहलेYeh sab dekh ke bahut dukh hota hai.
Aditya Verma
5 घंटे पहलेYeh sab dekh ke bahut dukh hota hai.
Tanya Bajaj
5 घंटे पहलेYeh haalat bahut chintajanak hai, jaldi karyawahi ho.
Nisha Shah
10 घंटे पहलेAise logon ko support karna humara farz hai.
मध्य प्रदेश की राजधानी Bhopal में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। ट्विशा के परिजन मुख्यमंत्री आवास के बाहर धरना प्रदर्शन पर बैठ गए और न्याय की मांग करते हुए जमकर नारेबाजी की। परिवार का आरोप है कि ट्विशा को ससुराल में मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना दी जाती थी, साथ ही जबरन गर्भपात कराने और हत्या तक के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
CM आवास के बाहर परिवार का प्रदर्शन
रविवार को ट्विशा शर्मा के पिता, भाई और अन्य परिजन मुख्यमंत्री आवास पहुंचे। उन्होंने मुख्यमंत्री Mohan Yadav से मुलाकात की मांग की और कहा कि उन्हें मध्य प्रदेश में निष्पक्ष जांच की उम्मीद नहीं है। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने परिवार को समझाने की कोशिश की।
मुख्यमंत्री निवास में ट्विशा के पिता और भाई की मुलाकात मुख्यमंत्री के OSD से हुई, जहां परिवार को आश्वासन दिया गया कि अदालत के आदेश आने तक शव को सुरक्षित रखा जाएगा।
परिवार की दो बड़ी मांगें
ट्विशा के परिजनों ने मामले में दो प्रमुख मांगें रखीं—
पोस्टमार्टम दोबारा दिल्ली AIIMS में कराया जाए,
पूरे मामले की जांच मध्य प्रदेश से बाहर किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराई जाए,
परिवार का कहना है कि आरोपी पक्ष प्रभावशाली है, इसलिए राज्य के भीतर निष्पक्ष जांच संभव नहीं लग रही।
शादी के पांच महीने बाद हुई मौत
31 वर्षीय ट्विशा शर्मा मूल रूप से Noida की रहने वाली थीं। दिसंबर 2025 में उनकी शादी मैट्रिमोनियल वेबसाइट के जरिए भोपाल के अधिवक्ता समर्थ सिंह से हुई थी। समर्थ सिंह रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह के बेटे बताए जा रहे हैं।
मौत से पहले मां को किया था फोन
परिजनों के मुताबिक, 12 मई की रात ट्विशा ने अपनी मां को फोन कर ससुराल में प्रताड़ना की बात बताई थी। परिवार का दावा है कि नौकरी छोड़ने को लेकर उसे लगातार अपमानित किया जाता था और मानसिक दबाव बनाया जा रहा था। बताया गया कि बातचीत के दौरान अचानक फोन कट गया और कुछ देर बाद सास गिरिबाला सिंह ने फोन कर बताया कि ट्विशा ने फांसी लगा ली है।
दहेज हत्या का मामला दर्ज
Katara Hills थाना पुलिस ने ट्विशा के पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह के खिलाफ दहेज हत्या सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया है। हालांकि गिरिबाला सिंह को अदालत से अग्रिम जमानत मिल चुकी है, जिससे परिवार में नाराजगी और बढ़ गई है।
SIT करेगी मामले की जांच
भोपाल पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। मिसरोद ACP रजनीश कश्यप की अध्यक्षता में गठित टीम में महिला अधिकारी समेत कई थाना प्रभारियों को शामिल किया गया है। परिवार लगातार मांग कर रहा है कि जांच SIT, CBI या किसी बाहरी एजेंसी से कराई जाए ताकि किसी प्रकार का प्रभाव जांच पर न पड़े।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कई सवाल
All India Institute of Medical Sciences Bhopal की प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण “एंटीमॉर्टम हैंगिंग” बताया गया है, लेकिन शरीर पर कई चोटों के निशान मिलने की बात भी सामने आई है।
रिपोर्ट के अनुसार:
ब्लड सैंपल और विसरा FSL जांच के लिए सुरक्षित किए गए,
नाखून और अन्य फॉरेंसिक सैंपल भी लिए गए,
कथित फांसी में इस्तेमाल रस्सी या लिगेचर मटेरियल जांच टीम को नहीं मिला,
इसी बिंदु को लेकर परिवार ने जांच पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
शव लेने से परिजनों का इनकार
ट्विशा का शव पिछले कई दिनों से AIIMS भोपाल की मोर्चरी में रखा हुआ है। परिवार ने स्पष्ट कहा है कि जब तक दिल्ली AIIMS में दोबारा पोस्टमार्टम नहीं होगा, तब तक अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। कटारा हिल्स थाना प्रभारी सुनील दुबे के अनुसार, AIIMS प्रशासन ने शव को लंबे समय तक सुरक्षित रखने में कठिनाई जताई है। अब पुलिस अदालत से मार्गदर्शन मांगेगी।
परिवार ने लगाए गंभीर आरोप
ट्विशा के भाई मेजर हर्षित शर्मा ने आरोप लगाया कि:
ट्विशा पर मानसिक दबाव बनाया जाता था,
गर्भपात के लिए मजबूर किया गया,
उसके चरित्र पर सवाल उठाए जाते थे,
दहेज और संपत्ति ट्रांसफर को लेकर दबाव था,
परिवार ने CCTV फुटेज, डिजिटल सबूत और गवाहों की सुरक्षा की मांग भी उठाई है।
हाई-प्रोफाइल परिवार होने से बढ़ी संवेदनशीलता
मामले ने इसलिए भी तूल पकड़ा है क्योंकि ट्विशा का ससुराल एक प्रभावशाली परिवार से जुड़ा बताया जा रहा है। पति पेशे से वकील हैं जबकि सास गिरिबाला सिंह रिटायर्ड जज रह चुकी हैं। इसी कारण परिवार जांच प्रभावित होने की आशंका जता रहा है।
सोशल मीडिया पर उठे सवाल
घटना के बाद सोशल मीडिया पर भी यह मामला तेजी से चर्चा का विषय बन गया है। कई लोग मामले में निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग कर रहे हैं। वहीं विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी संवेदनशील मामले में आधिकारिक जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होता।
पुलिस और अदालत की अगली कार्रवाई पर नजर
अब पूरे मामले में अदालत के अगले आदेश और दिल्ली AIIMS में दोबारा पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। वहीं सोशल मीडिया पर #JusticeForTwisha अभियान भी तेजी पकड़ रहा है।






