मानसून की दस्तक करीब: उत्तर भारत में फिर बढ़ेगी गर्मी

Nidhi kumari
0 सेकंड पहलेPeedit logo ke saath poori tarah sahmat hoon.
Ritika Ghosh
0 सेकंड पहलेYeh mudda rajneeti se upar hai, insaniyat ki baat hai.
Harsh Pandya
0 सेकंड पहलेSamaj ke liye is khabar ka bahut mahatva hai.
देशभर में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून केरल के तट पर 4 से 5 जून के बीच दस्तक दे सकता है। वहीं दूसरी ओर उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ कमजोर पड़ने लगा है, जिसके चलते आने वाले दिनों में तापमान में फिर बढ़ोतरी होने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग का कहना है कि उत्तर भारत के कई हिस्सों में अगले सप्ताह भीषण गर्मी का दौर लौट सकता है।
तमिलनाडु के 15 से अधिक जिलों में भारी बारिश की चेतावनी
IMD ने तमिलनाडु के पश्चिमी और दक्षिणी हिस्सों के कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। नीलगिरी, कोयंबटूर, थेनी, तिरुपुर, डिंडीगुल, तेनकासी, तिरुनेलवेल्ली, कन्याकुमारी, इरोड, नमक्कल, सलेम, धर्मापुरी, कृष्णागिरी, वेल्लोर, रानीपेट और मदुरै समेत कई जिलों में 7 जून तक भारी वर्षा होने की संभावना है।
मौसम विभाग के अनुसार मानसून पूर्व गतिविधियों के कारण इन क्षेत्रों में तेज बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं चल सकती हैं। प्रशासन को सतर्क रहने और निचले इलाकों में विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
चेन्नई समेत उत्तर तमिलनाडु में गर्मी और उमस का कहर
जहां दक्षिण और पश्चिम तमिलनाडु में बारिश की संभावना है, वहीं चेन्नई समेत उत्तर तटीय तमिलनाडु के कई हिस्सों में गर्मी और उमस लोगों की परेशानी बढ़ा रही है। क्षेत्रीय मौसम केंद्र के अनुसार कुछ स्थानों पर अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। अगले कुछ दिनों में तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक और बढ़ोतरी हो सकती है।
उत्तर भारत में खत्म होगी बारिश से मिली राहत
पिछले कुछ दिनों में उत्तर प्रदेश, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के कई हिस्सों में बारिश और आंधी के कारण लोगों को गर्मी से राहत मिली थी। उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बारिश दर्ज की गई, जबकि आगरा में तेज बारिश और हवाओं के कारण जलभराव और सड़क धंसने जैसी घटनाएं सामने आईं।
हालांकि मौसम विभाग का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के कमजोर पड़ने के बाद अब तापमान तेजी से बढ़ेगा। उत्तर प्रदेश में अगले दो से तीन दिनों के भीतर तापमान 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है। फर्रुखाबाद में 42 डिग्री सेल्सियस के साथ प्रदेश का सर्वाधिक तापमान दर्ज किया गया।
मानसून में देरी क्यों हुई?
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार इस वर्ष मानसून की प्रगति कुछ धीमी रही है। हिंद महासागर से आने वाली क्रॉस-इक्वेटोरियल हवाएं अपेक्षाकृत कमजोर रहीं, जिससे नमी का प्रवाह प्रभावित हुआ। इसके अलावा बंगाल की खाड़ी में कोई मजबूत मौसम प्रणाली विकसित नहीं हुई, जो मानसून को आगे बढ़ाने में मदद करती है।
हालांकि अब अरब सागर और बंगाल की खाड़ी दोनों क्षेत्रों में नमी बढ़ रही है तथा हवाओं की गति में सुधार हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगले 48 से 72 घंटों में मानसून केरल में प्रवेश कर सकता है।
किन राज्यों में कब मिलेगी गर्मी से राहत?
मौसम विभाग के अनुसार 5 से 6 जून के बाद मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और दिल्ली-एनसीआर के कई हिस्सों में प्री-मानसून गतिविधियां तेज होंगी। आंधी, बारिश और कहीं-कहीं ओलावृष्टि के कारण तापमान में गिरावट आ सकती है।
पूर्वोत्तर भारत में भी 6 और 7 जून को भारी बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं मध्य भारत के कुछ हिस्सों में तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ बारिश के आसार बने हुए हैं।
किसानों और आम जनता की निगाहें मानसून पर
देश की कृषि व्यवस्था काफी हद तक मानसून पर निर्भर करती है। ऐसे में किसानों सहित आम लोगों की निगाहें दक्षिण-पश्चिम मानसून की प्रगति पर टिकी हुई हैं। मौसम विभाग का मानना है कि मानसून के सक्रिय होते ही दक्षिण और पूर्वी राज्यों में बारिश का दायरा तेजी से बढ़ेगा, जबकि उत्तर भारत को व्यापक राहत मिलने में अभी कुछ सप्ताह का समय लग सकता है।
देश में मौसम दो अलग-अलग तस्वीरें पेश कर रहा है। एक ओर दक्षिण भारत में मानसून की दस्तक और भारी बारिश की तैयारी है, तो दूसरी ओर उत्तर भारत में गर्मी का प्रकोप फिर बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं। आने वाले कुछ दिनों में मानसून की प्रगति और प्री-मानसून गतिविधियां देशभर के मौसम की दिशा तय करेंगी।




