प्रेमानंद जी महाराज की तबीयत बिगड़ी: पदयात्रा और एकांतिक दर्शन अनिश्चितकाल के लिए स्थगित

Dhruv Bhatt
6 घंटे पहलेRishiyon ne sadi pehle hi inka jikr kiya tha.
Ishaan Tiwari
7 घंटे पहलेAaj ka din bahut mahatvapurna raha jyotish ke hisaab se.
Riya Jain
7 घंटे पहलेAaj ka din bahut mahatvapurna raha jyotish ke hisaab se.
Pihu Agarwal
10 घंटे पहलेDharm aur aastha hi insaan ko sahi raah dikhati hai.
Pooja Reddy
12 घंटे पहलेDharm aur aastha hi insaan ko sahi raah dikhati hai.
Yash Kulkarni
12 घंटे पहलेYeh toh planets ki chaal ka hi asar hai!
Premanand Ji Maharaj की तबीयत को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के चलते उनकी प्रतिदिन होने वाली पदयात्रा, एकांतिक वार्तालाप और एकांतिक दर्शन को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया है। इस फैसले के बाद देशभर के भक्तों और श्रद्धालुओं में मायूसी का माहौल है।
श्रीराधा केलिकुंज आश्रम ने जारी की आधिकारिक एडवाइजरी
वृंदावन स्थित आश्रम की ओर से जारी सूचना में कहा गया कि पूज्य महाराज श्री की आज्ञा अनुसार प्रातः सोगरी कुंड तक होने वाली पदयात्रा, आंतरिक वार्तालाप और एकांतिक दर्शन अगले आदेश तक बंद रहेंगे। रविवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे थे, लेकिन उन्हें यह सूचना मिलने के बाद निराश होकर लौटना पड़ा।
लंबे समय से किडनी की बीमारी से जूझ रहे हैं महाराज
बताया जा रहा है कि प्रेमानंद महाराज पिछले कई वर्षों से किडनी संबंधी बीमारी से पीड़ित हैं। नियमित डायलिसिस के कारण उनके स्वास्थ्य में लगातार उतार-चढ़ाव बना रहता है। डॉक्टरों ने फिलहाल उन्हें आराम करने की सलाह दी है। इससे पहले भी स्वास्थ्य कारणों से उनकी पदयात्रा कुछ समय के लिए रोकी जा चुकी है।
हजारों श्रद्धालु बिना दर्शन लौटे वापस
हर दिन की तरह रविवार रात भी हजारों भक्त महाराज जी के दर्शन के लिए वृंदावन पहुंचे थे। श्रद्धालुओं को उम्मीद थी कि महाराज जी रात करीब 3 बजे पदयात्रा के लिए निकलेंगे, लेकिन उनकी जगह आश्रम के शिष्यों ने पहुंचकर लाउडस्पीकर से जानकारी दी कि स्वास्थ्य खराब होने की वजह से यात्रा रद्द की जा रही है। इसके बाद श्रद्धालुओं से भीड़ न लगाने की अपील की गई।
सोशल मीडिया पर भक्त कर रहे जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना
महाराज जी की तबीयत बिगड़ने की खबर सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर उनके लाखों अनुयायी जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं। भक्त राधा रानी से प्रार्थना कर रहे हैं कि प्रेमानंद महाराज जल्द स्वस्थ होकर फिर से अपने प्रवचनों और दर्शन से भक्तों को आशीर्वाद दें।
रोज डेढ़ किलोमीटर पदयात्रा करते थे महाराज
प्रेमानंद महाराज रोज तड़के करीब 3 बजे केली कुंज आश्रम से सौभरी वन तक पदयात्रा करते थे। करीब डेढ़ किलोमीटर लंबी इस यात्रा में हजारों श्रद्धालु शामिल होते थे। सामान्य दिनों में लगभग 20 हजार भक्त दर्शन के लिए पहुंचते थे, जबकि विशेष अवसरों पर यह संख्या लाखों तक पहुंच जाती थी।
13 साल की उम्र में छोड़ दिया था घर
प्रेमानंद महाराज का जन्म उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के अखरी गांव में हुआ था। बचपन में उनका नाम अनिरुद्ध कुमार पांडे था। कम उम्र से ही उनका झुकाव अध्यात्म की ओर था और 13 वर्ष की आयु में उन्होंने घर छोड़ दिया था। बाद में वृंदावन पहुंचकर उन्होंने राधावल्लभ संप्रदाय को अपनाया और आज वह देश के प्रसिद्ध संतों में गिने जाते हैं।
भक्तों के लिए भावुक करने वाला पल
वृंदावन में प्रेमानंद महाराज के दर्शन और प्रवचन सुनने के लिए देश-विदेश से भक्त पहुंचते हैं। ऐसे में उनकी तबीयत खराब होने और दर्शन बंद होने की खबर ने श्रद्धालुओं को भावुक कर दिया है। भक्त अब उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं।





