मुजफ्फरनगर में खून के रिश्तों का कत्ल: गांव मोरना में दहशत

गांव मोरना में दहशत

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उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के भोपा थाना क्षेत्र के मोरना गांव में एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। 55 वर्षीय किसान रामप्रसाद की उनकी ही दो बेटियों द्वारा चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई।
घटना के दूसरे दिन भी गांव में दहशत और सन्नाटा पसरा रहा। गली-मोहल्लों, बस स्टैंड और बाजारों में सिर्फ इसी हत्याकांड की चर्चा होती रही। मृतक के घर पर सांत्वना देने वालों का तांता लगा रहा।

कैसे हुआ खुलासा? – पुलिस जांच में सामने आए चौंकाने वाले तथ्य
सोमवार सुबह रामप्रसाद का खून से लथपथ शव घर के मुख्य द्वार के पास चारपाई पर मिला। सूचना मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। घर की तलाशी के दौरान भूसे की कोठरी में खून से सने कपड़े, दुपट्टे और हत्या में प्रयुक्त दो चाकू बरामद किए गए। एसपी ग्रामीण आदित्य बंसल के अनुसार, पूछताछ में बड़ी बेटी कोमल (32) और उसकी 16 वर्षीय नाबालिग बहन ने अपराध कबूल कर लिया। कोमल को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया, नाबालिग को राजकीय संप्रेक्षण गृह, गौतमबुद्धनगर भेजा गया |

‘जहरीली खीर’ से रची गई थी हत्या की साजिश
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि हत्या पूरी प्लानिंग के तहत की गई। बाजार से लोरेजापाम की 20 गोलियां लाई गईं, रात के खाने में बनाई गई खीर में 16 गोलियां मिला दी गईं, पूरा परिवार गहरी नींद में चला गया, इसके बाद सो रहे पिता पर चाकू से ताबड़तोड़ वार किए गए, हत्या के बाद खून से सने कपड़े और चाकू को भूसे में छिपा दिया गया।

परिवार की मांग – “दोनों को मिले कड़ी से कड़ी सजा”
मृतक की पत्नी चंद्रकली और बेटे अमित व सुमित ने साफ कहा कि अब उनका बेटियों से कोई रिश्ता नहीं है। अमित ने बताया कि पिता का मोबाइल और एक टैबलेट भी गायब है, जिसकी कॉल डिटेल से मामले में किसी बाहरी व्यक्ति की संलिप्तता सामने आ सकती है। परिवार ने पुलिस से यह भी मांग की है कि बेटियों को नशीली गोलियां उपलब्ध कराने वाले व्यक्ति की पहचान की जाए।

हत्या की वजह क्या थी?
आरोपी बेटियों ने पुलिस को बताया कि: पिता बेटा-बेटी में भेदभाव करते थे, शादी और बेरोजगारी को लेकर रोज ताने देते थे, छोटी बहन को मोबाइल पर बात करने से रोकते थे, एक सप्ताह पहले मारपीट भी की थी, हालांकि गांव में चर्चा है कि क्या “सिर्फ रोक-टोक” इतनी जघन्य वारदात का कारण हो सकती है?
यह सवाल समाज के सामने एक गंभीर चिंतन का विषय बन गया है।

 गांव में सामाजिक मंथन
गांव मोरना में लोग इस घटना को केवल एक पारिवारिक विवाद नहीं, बल्कि सामाजिक ताने-बाने में आई दरार के रूप में देख रहे हैं।
क्या परिवारों में संवाद की कमी बढ़ रही है?
क्या मानसिक तनाव और सामाजिक दबाव ऐसे अपराधों को जन्म दे रहे हैं?
क्या बेटियों की बदलती सोच और पारिवारिक अपेक्षाओं के बीच टकराव बढ़ रहा है?
इन सवालों के जवाब अब जांच और न्यायालय की प्रक्रिया के साथ सामने आएंगे।

पुलिस का बयान
एसपी ग्रामीण आदित्य बंसल ने कहा कि: “अमित की तहरीर पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। दोनों आरोपियों से पूछताछ के बाद हत्या में प्रयुक्त चाकू बरामद कर लिए गए हैं। मामले की गहन जांच जारी है।”

अंतिम संस्कार
पोस्टमार्टम के बाद रामप्रसाद का अंतिम संस्कार शुकतीर्थ में किया गया। गांव में मातम का माहौल है और लोग अब भी इस घटना से उबर नहीं पाए हैं।

मुजफ्फरनगर का यह हत्याकांड सिर्फ एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि समाज के बदलते रिश्तों और बढ़ते मानसिक तनाव का आईना भी है। कानून अपना काम करेगा, लेकिन यह घटना समाज के लिए एक चेतावनी बनकर सामने आई है।