सिद्धार्थनगर में पेट्रोल संकट से बवाल: लंबी कतारों में भिड़े लोग

लंबी कतारों में भिड़े लोग

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उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर में पेट्रोल-डीजल की भारी किल्लत ने हालात को तनावपूर्ण बना दिया है। धौरीकुइयां स्थित एक पेट्रोल पंप पर लंबी कतार में खड़े लोगों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि मामला हाथापाई तक पहुंच गया। बताया जा रहा है कि “पहले मैं” को लेकर शुरू हुई बहस देखते ही देखते मारपीट में बदल गई। करीब 10 मिनट तक दोनों पक्षों के बीच लात-घूंसे चलते रहे, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
इस दौरान मौजूद लोगों ने बीच-बचाव कर स्थिति को संभाला। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।

जिले में ‘नो-स्टॉक’ की मार, आम जनता बेहाल
सिद्धार्थनगर में पेट्रोल और डीजल की किल्लत ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। करीब डेढ़ दर्जन पेट्रोल पंपों पर ‘नो-स्टॉक’ के बोर्ड लगे हैं, जबकि बाकी पंपों पर लंबी-लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं।
सुबह से ही पंपों पर भीड़ उमड़ने लगी, दोपहर तक कई पंप पूरी तरह खाली हो गए, घंटों लाइन में लगने के बाद भी ईंधन मिलने की गारंटी नहीं, बांसी स्टैंड, मधुकरपुर, पकड़ी, डुमरियागंज, इटवा और शोहरतगढ़ समेत जिले के अधिकांश इलाकों में हालात एक जैसे बने हुए हैं।

ग्रामीण क्षेत्रों में और भी गंभीर स्थिति
ग्रामीण इलाकों में स्थिति और ज्यादा खराब है। लोगों को पेट्रोल के लिए कई किलोमीटर तक भटकना पड़ रहा है। मजदूरों का कामकाज प्रभावित, बच्चों को स्कूल ले जाने में दिक्कत, छोटे व्यापारियों की रोजी-रोटी पर असर,

लोगों का फूटा गुस्सा, प्रशासन पर सवाल
ईंधन संकट को लेकर आम जनता में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि:
“सुबह से लाइन में हैं, फिर भी पेट्रोल नहीं मिला”
“अगर कमी नहीं है तो पंप खाली क्यों हैं?”
“आधा दिन पेट्रोल के चक्कर में निकल जाता है”
कई लोगों ने इसे प्रशासनिक विफलता बताया है।

स्थिति संभालने के लिए पुलिस तैनात
भीड़ और बढ़ते तनाव को देखते हुए कई पेट्रोल पंपों पर पुलिस बल तैनात किया गया है। कुछ स्थानों पर हल्की नोकझोंक की घटनाएं भी सामने आईं, जिन्हें पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शांत कराया।

प्रशासन का दावा- ‘कमी नहीं, अफवाह से बढ़ी भीड़’
प्रशासन का कहना है कि जिले में पेट्रोल-डीजल की कोई वास्तविक कमी नहीं है और आपूर्ति सामान्य है।
अधिकारियों के अनुसार: कुछ पंपों पर अस्थायी रूप से स्टॉक खत्म हुआ था, जल्द ही सभी पंपों पर सप्लाई बहाल हो जाएगी, लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील, साथ ही चेतावनी दी गई है कि जमाखोरी या अफवाह फैलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

सूत्रों का दावा: 80% पंप हुए थे खाली
सूत्रों के मुताबिक 25 मार्च को जिले के करीब 80% पेट्रोल पंपों पर किसी न किसी समय ईंधन समाप्त हो गया था। इससे आपूर्ति और वितरण व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।