2026 में BCCI का बड़ा एक्शन: हनी ट्रैप, वेपिंग और ड्रेसिंग रूम अनुशासन पर सख्त नियम लागू

Anjali Patil
0 सेकंड पहलेPoori team ko dil se congratulations!
इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 के बीच खिलाड़ियों, टीम अधिकारियों और फ्रेंचाइजी मालिकों की बढ़ती अनुशासनहीनता ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) को बड़ा कदम उठाने पर मजबूर कर दिया है। बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने सभी टीमों को चेतावनी देते हुए साफ कहा है कि हालिया घटनाओं ने लीग की छवि और सुरक्षा व्यवस्था दोनों को नुकसान पहुंचाया है। इसी के चलते बोर्ड ने 7 पेज की नई एडवाइजरी जारी की है, जिसमें खिलाड़ियों की सुरक्षा, ड्रेसिंग रूम अनुशासन और बाहरी लोगों की एंट्री को लेकर बेहद कड़े नियम बनाए गए हैं।
हनी ट्रैप को लेकर BCCI की सबसे बड़ी चेतावनी
बीसीसीआई की एंटी-करप्शन यूनिट ने आशंका जताई है कि हाई-प्रोफाइल खिलाड़ियों को हनी ट्रैप में फंसाकर उनसे गलत काम करवाने या संवेदनशील जानकारी हासिल करने की कोशिश हो सकती है। बोर्ड ने पाया कि कुछ खिलाड़ी बिना टीम मैनेजर की अनुमति के अपने होटल रूम में बाहरी लोगों को बुला रहे थे। अब नए नियमों के तहत कोई भी बाहरी व्यक्ति, चाहे वह रिश्तेदार या दोस्त ही क्यों न हो, टीम मैनेजर की लिखित अनुमति के बिना खिलाड़ी या स्टाफ के कमरे में नहीं जा सकेगा। खिलाड़ियों को सभी मुलाकातें होटल लॉबी या सार्वजनिक क्षेत्रों में ही करनी होंगी।
वेपिंग और नशीले पदार्थों पर जीरो टॉलरेंस नीति
राजस्थान रॉयल्स के कप्तान रियान पराग का ड्रेसिंग रूम में वेपिंग करते वीडियो वायरल होने के बाद बीसीसीआई ने बेहद सख्त रुख अपनाया है। बोर्ड ने साफ किया है कि टूर्नामेंट के किसी भी वेन्यू, होटल या ड्रेसिंग रूम में ई-सिगरेट और प्रतिबंधित पदार्थों का इस्तेमाल पूरी तरह बैन रहेगा। निर्देश में कहा गया है कि भारत में ई-सिगरेट कानूनन प्रतिबंधित है और ऐसा करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है। फ्रेंचाइजी मैनेजमेंट को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ को इस नियम की जानकारी लिखित रूप से दें।
टीम मालिकों के लिए भी बने नए नियम
बीसीसीआई ने केवल खिलाड़ियों ही नहीं बल्कि टीम मालिकों के लिए भी सख्त प्रोटोकॉल लागू किए हैं। मैच के दौरान डगआउट, ड्रेसिंग रूम या प्लेइंग एरिया में मालिकों की मौजूदगी और खिलाड़ियों से सीधे संवाद को नियमों का उल्लंघन माना गया है। अब कोई भी मालिक मैच के दौरान खिलाड़ियों को गले नहीं लगा सकेगा और न ही उनसे सीधे बातचीत कर सकेगा। बोर्ड का मानना है कि इससे मैच की मर्यादा और पेशेवर माहौल प्रभावित होता है।
होटल से बाहर जाने पर भी लगेगी निगरानी
नई गाइडलाइन के मुताबिक अब खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ को होटल से बाहर जाने से पहले सिक्योरिटी अधिकारियों (SLO/TIO) से अनुमति लेना अनिवार्य होगा। बीसीसीआई ने पाया कि कुछ खिलाड़ी बिना जानकारी दिए बाहर जा रहे थे, जिससे सुरक्षा जोखिम बढ़ रहा था। अब खिलाड़ियों की मूवमेंट का पूरा रिकॉर्ड रखा जाएगा और किसी भी लापरवाही को गंभीर अनुशासनात्मक मामला माना जाएगा।
डगआउट में मोबाइल और आईडी कार्ड को लेकर भी सख्ती
बीसीसीआई की एंटी-करप्शन यूनिट ने टीम डगआउट में मोबाइल फोन के इस्तेमाल और अनधिकृत व्यक्तियों की मौजूदगी पर भी चिंता जताई है। राजस्थान रॉयल्स के एक मैनेजर को डगआउट में फोन इस्तेमाल करते पकड़ा गया था, जिसके बाद बोर्ड ने जुर्माना भी लगाया। अब सभी खिलाड़ियों और स्टाफ को स्टेडियम, होटल और प्रैक्टिस के दौरान आईडी कार्ड हमेशा गले में पहनना अनिवार्य होगा।
नियम तोड़ने पर जुर्माना, सस्पेंशन और कानूनी कार्रवाई
बीसीसीआई ने चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कारण बताओ नोटिस, भारी जुर्माना, मौजूदा या अगले सीजन से निलंबन और जरूरत पड़ने पर पुलिस केस तक दर्ज कराया जा सकता है। टीम मैनेजरों को 48 घंटे के भीतर खिलाड़ियों को नई गाइडलाइन समझाने और उनसे लिखित पावती लेने के निर्देश दिए गए हैं। बोर्ड समय-समय पर टीमों का ऑडिट और निरीक्षण भी करेगा ताकि मैदान के बाहर भी खेल की गरिमा और सुरक्षा बनी रहे।
IPL 2026 में बढ़ी सख्ती, खिलाड़ियों को दी गई अंतिम चेतावनी
आईपीएल 2026 का आधे से ज्यादा सीजन खत्म हो चुका है और इसी बीच सामने आए विवादों ने बीसीसीआई को एक्शन मोड में ला दिया है। बोर्ड अब किसी भी तरह की लापरवाही या अनुशासनहीनता को बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है। आने वाले दिनों में सभी फ्रेंचाइजी के CEO के साथ बैठक कर नियमों के पालन की समीक्षा भी की जाएगी।






