ऋषिकेश में बड़ा ट्रेन हादसा: उज्जैनी एक्सप्रेस के 3 डिब्बे पटरी से उतरे
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उत्तराखंड के ऋषिकेश में सोमवार रात एक बड़ा रेल हादसा होते-होते टल गया। योग नगरी ऋषिकेश रेलवे स्टेशन के पास शंटिंग प्रक्रिया के दौरान उज्जैनी एक्सप्रेस के तीन डिब्बे पटरी से उतर गए। हादसा रात करीब 9:30 बजे हुआ, जब ट्रेन यार्ड में ट्रैक बदलने की प्रक्रिया चल रही थी। राहत की बात यह रही कि घटना के समय ट्रेन पूरी तरह खाली थी और उसमें कोई यात्री सवार नहीं था।
इंजन डेड एंड से टकराया, तीन कोच हुए डिरेल
रेलवे सूत्रों के अनुसार, शंटिंग लाइन के अंत में लगे बफर यानी डेड एंड से इंजन टकरा गया। टक्कर के बाद डिब्बों पर अचानक दबाव बढ़ा, जिससे ट्रेन के तीन कोच पटरी से उतर गए। इनमें से एक बोगी पूरी तरह ट्रैक से बाहर निकल गई और लगभग 20 फुट तक लटक गई। हादसे की तस्वीरें और वीडियो सामने आने के बाद लोगों में दहशत फैल गई।
ब्रेक फेल होने की शुरुआती आशंका
प्रारंभिक जांच में ट्रेन के ब्रेक फेल होने की आशंका जताई जा रही है। बताया जा रहा है कि नियमित मेंटेनेंस के दौरान तकनीकी खराबी के कारण ट्रेन नियंत्रण से बाहर हो गई। हालांकि रेलवे विभाग ने अभी आधिकारिक रूप से किसी निष्कर्ष की पुष्टि नहीं की है और मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है।
हादसे के समय केवल लोको पायलट मौजूद था
जानकारी के मुताबिक हादसे के वक्त ट्रेन में सिर्फ लोको पायलट मौजूद था। घटना के तुरंत बाद रेलवे प्रशासन, GRP और रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। पटरियों पर भारी भीड़ जमा हो गई थी, जिसे GRP जवानों ने नियंत्रित किया। देर रात से ही क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त कोचों को हटाने और ट्रैक बहाली का काम जारी है।
CCTV में कैद हुआ पूरा हादसा
रेलवे स्टेशन परिसर में लगे CCTV कैमरों में पूरी घटना रिकॉर्ड हो गई है। रेलवे अधिकारी फुटेज के आधार पर हादसे के कारणों की जांच कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि हादसे से रेल यातायात पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा और अन्य ट्रेनों का संचालन सामान्य रूप से जारी है।
रेलवे अधिकारियों की देरी पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों और रेलवे कर्मचारियों ने आरोप लगाया है कि हादसे के बाद वरिष्ठ रेलवे अधिकारी करीब ढाई घंटे तक घटनास्थल पर नहीं पहुंचे। इसको लेकर रेलवे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि रेलवे विभाग ने इन आरोपों पर अभी कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।
तीन दिनों में कई रेल हादसों ने बढ़ाई चिंता
बीते तीन दिनों में देशभर में रेल हादसों की कई घटनाएं सामने आई हैं। सोमवार सुबह बिहार के सासाराम रेलवे स्टेशन पर पैसेंजर ट्रेन में आग लग गई थी। वहीं रविवार को रतलाम के पास तिरुवनंतपुरम-हजरत निजामुद्दीन राजधानी एक्सप्रेस के AC कोच में आग लगी थी। इससे पहले हैदराबाद के नामपल्ली स्टेशन पर खड़ी ट्रेन के दो AC कोचों में भी आग लगने की घटना हुई थी। लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने रेलवे सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
रेलवे ने शुरू की उच्चस्तरीय जांच
रेलवे प्रशासन ने उज्जैनी एक्सप्रेस हादसे की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाने के बाद जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल ट्रैक से कोच हटाने और रेल सेवाओं को पूरी तरह सामान्य करने का काम तेजी से जारी है।

