UPSC ने किया बड़ा बदलाव: अब प्रीलिम्स एग्जाम के तुरंत बाद जारी होगी प्रोविजनल आंसर-की

Saanvi Pandey
0 सेकंड पहलेYeh sab dekh ke bahut dukh hota hai.
संघ लोक सेवा आयोग यानी Union Public Service Commission ने सिविल सेवा परीक्षा 2026 को लेकर एक ऐतिहासिक और अभ्यर्थियों के लिए राहत भरा फैसला लिया है। अब पहली बार यूपीएससी सिविल सर्विसेज प्रीलिम्स परीक्षा खत्म होते ही प्रोविजनल आंसर-की जारी की जाएगी। आयोग का कहना है कि इस कदम से परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी और उम्मीदवारों को अपने प्रदर्शन का समय रहते आकलन करने का मौका मिलेगा।
यूपीएससी सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2026 का आयोजन रविवार, 24 मई 2026 को किया जाएगा। परीक्षा दो शिफ्टों में आयोजित होगी। पहला पेपर सुबह 9:30 बजे से 11:30 बजे तक और दूसरा पेपर दोपहर 2:30 बजे से 4:30 बजे तक होगा।
परीक्षा खत्म होते ही मिलेगी Answer Key
अब तक यूपीएससी फाइनल प्रक्रिया पूरी होने के बाद आंसर-की जारी करता था, जिससे लाखों अभ्यर्थियों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता था। लेकिन नई व्यवस्था के तहत परीक्षा समाप्त होने के तुरंत बाद प्रोविजनल आंसर-की डाउनलोड के लिए उपलब्ध करा दी जाएगी।
इससे छात्र अपने प्रश्नों और उत्तरों का मिलान कर सकेंगे और यह अनुमान लगा पाएंगे कि वे मुख्य परीक्षा के लिए क्वालिफाई कर सकते हैं या नहीं। इससे मेंस की तैयारी को लेकर जल्द निर्णय लेना आसान होगा।
UPSC अध्यक्ष डॉ. अजय कुमार ने बताया “नई शुरुआत”
यूपीएससी अध्यक्ष Dr. Ajay Kumar ने इस पहल को परीक्षा प्रणाली में अधिक पारदर्शिता और जवाबदेही की दिशा में एक नई शुरुआत बताया है। उन्होंने कहा कि आयोग अभ्यर्थियों के साथ समय पर संवाद और निष्पक्ष चयन प्रक्रिया को और मजबूत बनाना चाहता है। उन्होंने यह भी कहा कि इससे छात्रों में परीक्षा परिणाम को लेकर होने वाली अनिश्चितता और मानसिक दबाव काफी हद तक कम होगा।
31 मई तक दर्ज कर सकेंगे आपत्ति
आयोग ने उम्मीदवारों को प्रोविजनल आंसर-की पर आपत्ति दर्ज कराने का भी अवसर दिया है। अभ्यर्थी 31 मई 2026 शाम 6 बजे तक ऑनलाइन माध्यम से अपनी आपत्तियां दर्ज कर सकेंगे। इसके लिए उम्मीदवारों को UPSC की आधिकारिक वेबसाइट के “Online Question Paper Representation Portal (QPRep)” पर जाकर आवेदन करना होगा। अगर किसी उत्तर पर आपत्ति होती है तो छात्रों को अपने दावे के समर्थन में तीन प्रामाणिक स्रोत या दस्तावेज अपलोड करने होंगे।
Subject Experts करेंगे शिकायतों की जांच
यूपीएससी ने स्पष्ट किया है कि प्राप्त सभी आपत्तियों की जांच विषय विशेषज्ञों की टीम द्वारा गहराई से की जाएगी। सभी सुझावों और दावों पर विचार करने के बाद ही अंतिम आंसर-की जारी की जाएगी, जिसके आधार पर परिणाम तैयार होगा।
छात्रों की वर्षों पुरानी मांग हुई पूरी
लंबे समय से यूपीएससी अभ्यर्थी परीक्षा के तुरंत बाद आंसर-की जारी करने की मांग कर रहे थे। छात्रों का कहना था कि इससे उन्हें अपने प्रदर्शन का सही अंदाजा लगाने और भविष्य की रणनीति तय करने में मदद मिलेगी। नई व्यवस्था लागू होने के बाद अब उम्मीदवार जल्दी यह तय कर सकेंगे कि उन्हें मुख्य परीक्षा की तैयारी करनी चाहिए या अगले प्रयास की रणनीति बनानी चाहिए।
933 पदों पर होगी भर्ती
यूपीएससी सिविल सेवा भर्ती 2026 के माध्यम से कुल 933 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। इसके जरिए देश की प्रतिष्ठित सेवाओं जैसे IAS, IPS और IFS के लिए चयन किया जाएगा।
UPSC के इस फैसले से क्या होंगे फायदे?
परीक्षा प्रक्रिया में बढ़ेगी पारदर्शिता,
छात्रों की रिजल्ट एंजायटी होगी कम,
मेंस परीक्षा की तैयारी के लिए मिलेगा ज्यादा समय,
गलत उत्तरों पर समय रहते आपत्ति दर्ज करने का मौका,
चयन प्रक्रिया में बढ़ेगा भरोसा और जवाबदेही,





