भारत की ताकत पर पाकिस्तानी जनता की राय: 'भारत हमसे नहीं, अपनी तरक्की खोने से डरता है’

Tanya Bajaj
0 सेकंड पहलेSach dikhane ka shukriya, aisi journalism chahiye.
Reyansh Joshi
0 सेकंड पहलेYeh haalat bahut chintajanak hai, jaldi karyawahi ho.
Diya Gupta
0 सेकंड पहलेIs khabar ko sahi tarike se cover kiya gaya hai.
भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था और वैश्विक प्रभाव को लेकर ऑस्ट्रेलिया के प्रतिष्ठित लॉवी इंस्टीट्यूट ने एशिया पावर इंडेक्स रैंकिंग जारी की है। इस रिपोर्ट में भारत ने जापान और रूस जैसे देशों को पीछे छोड़ते हुए 27 शक्तिशाली देशों की सूची में तीसरा स्थान हासिल किया है। भारत अब केवल चीन और अमेरिका से पीछे है। इस उपलब्धि ने दुनिया भर में भारत की बढ़ती ताकत और प्रभाव को साबित कर दिया है।
पाकिस्तानी यूट्यूबर ने जनता से पूछा सवाल
इसी मुद्दे पर पाकिस्तानी यूट्यूबर शोएब चौधरी ने पाकिस्तान की जनता से बातचीत की और उनसे पूछा कि भारत के ताकतवर बनने पर उनका क्या नजरिया है। इस दौरान कई पाकिस्तानियों ने ऐसे जवाब दिए, जिन्होंने सोशल मीडिया पर चर्चा तेज कर दी।
‘भारत पाकिस्तान पर हमला नहीं करेगा’
एक पाकिस्तानी नागरिक ने कहा कि भारत चाहे कितना भी ताकतवर क्यों न बन जाए, वह पाकिस्तान पर हमला नहीं करेगा। उसका कहना था कि भारत आज विकास और तरक्की की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। अगर भारत पाकिस्तान से युद्ध करेगा, तो उसे आर्थिक और सामाजिक रूप से बहुत नुकसान उठाना पड़ेगा। इसलिए भारत युद्ध नहीं, विकास को चुनेगा।
‘हमारे पास खोने को कुछ नहीं’
उस व्यक्ति ने आगे कहा कि पाकिस्तान के पास खोने के लिए ज्यादा कुछ नहीं है, जबकि भारत ने उद्योग, टेक्नोलॉजी, व्यापार और इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं। उसने कहा कि भारत में कारें बन रही हैं, उद्योग बढ़ रहे हैं, रोजगार के अवसर बन रहे हैं, जबकि पाकिस्तान आज भी बुनियादी उत्पादन में पिछड़ रहा है।
भारत दुश्मन नहीं, महंगाई दुश्मन है
जब यूट्यूबर ने पूछा कि क्या भारत पाकिस्तान का दुश्मन है, तो वहां मौजूद कई लोगों ने कहा कि भारत ने उनसे कोई दुश्मनी नहीं की है। पाकिस्तान का असली दुश्मन वे लोग हैं, जो देश में महंगाई, अस्थिरता और भ्रष्टाचार बढ़ा रहे हैं। लोगों ने माना कि आम जनता शांति चाहती है, दुश्मनी नहीं।
कैलाश पर्वत पर भी चर्चा तेज
इसी दौरान सोशल मीडिया पर कैलाश पर्वत को लेकर भी सवाल उठे कि यह चीन का हिस्सा क्यों है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कैलाश पर्वत भगवान शिव का निवास स्थान माना जाता है और हिंदुओं के लिए अत्यंत पवित्र स्थल है। वर्तमान में कैलाश पर्वत और मानसरोवर झील तिब्बत क्षेत्र में स्थित हैं, जो चीन के प्रशासनिक नियंत्रण में है।
भारत और तिब्बत के ऐतिहासिक संबंध
इतिहासकारों के अनुसार भारत और तिब्बत के बीच सदियों से सांस्कृतिक, धार्मिक और व्यापारिक संबंध रहे हैं। लेकिन 1950 के दशक में चीन ने तिब्बत पर कब्जा कर लिया, जिसके बाद यह क्षेत्र चीन के प्रशासनिक नियंत्रण में आ गया। इसके बावजूद हर साल हजारों भारतीय श्रद्धालु कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जाते हैं।
भारत की बढ़ती ताकत और आर्थिक सफलता अब पड़ोसी देशों में भी चर्चा का विषय बन चुकी है। पाकिस्तान की आम जनता के बयान यह दिखाते हैं कि लोग युद्ध नहीं, विकास और स्थिरता चाहते हैं। वहीं कैलाश पर्वत जैसे धार्मिक मुद्दे भारत की सांस्कृतिक चेतना से हमेशा जुड़े रहेंगे।






