भारत -जापान शिखर सम्मेलन: भारत -जापान ने आतंकवाद के खिलाफ दिखाई एकजुटता

भारत -जापान ने आतंकवाद के खिलाफ दिखाई एकजुटता
प्रतिक्रियाएँ
Vivaan Gupta

Vivaan Gupta

0 सेकंड पहले

Bharat tab hi badlega jab log jagruk aur ekjut honge.

CommentsReactionsFeedback

नई दिल्ली में भारत और जापान के बीच 16वें वार्षिक शिखर सम्मेलन का आयोजन किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान की नवनियुक्त प्रधानमंत्री सनाए ताकाएची ने इसमें भाग लिया। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत बनाने पर विस्तार से चर्चा की। बैठक में क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचार-विमर्श हुआ। दोनों देशों ने सहयोग को नई ऊंचाई देने की प्रतिबद्धता दोहराई। कई महत्वपूर्ण विषयों पर साझा समझ विकसित की गई।


आतंकवाद के खिलाफ साझा संदेश
शिखर सम्मेलन के दौरान दोनों नेताओं ने आतंकवाद के खिलाफ कड़ा और स्पष्ट संदेश दिया। उन्होंने कहा कि आतंकवाद किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं है और इसके खिलाफ वैश्विक स्तर पर एकजुट कार्रवाई जरूरी है। दोनों देशों ने सीमा पार आतंकवाद पर भी चिंता व्यक्त की। अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई गई। शांति और सुरक्षा को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। आतंकवाद के खिलाफ साझा प्रयास जारी रखने का संकल्प लिया गया।

 

रणनीतिक साझेदारी पर जोर
भारत और जापान ने अपनी विशेष रणनीतिक एवं वैश्विक साझेदारी को और मजबूत करने का निर्णय लिया। दोनों देशों ने रक्षा, सुरक्षा और समुद्री सहयोग को बढ़ाने पर सहमति जताई। मुक्त और सुरक्षित हिंद-प्रशांत क्षेत्र के महत्व को दोहराया गया। आपसी विश्वास और सहयोग को भविष्य में और विस्तार देने की बात कही गई। दोनों देशों ने साझा हितों पर मिलकर कार्य करने का भरोसा जताया। संबंधों को नई दिशा देने पर विशेष जोर दिया गया।

 

आर्थिक सहयोग पर चर्चा
बैठक के दौरान व्यापार, निवेश और तकनीकी सहयोग को बढ़ावा देने पर भी विस्तार से चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने नई परियोजनाओं और निवेश के अवसरों पर विचार साझा किए। बुनियादी ढांचा, डिजिटल तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की सहमति बनी। आर्थिक विकास के लिए संयुक्त प्रयासों को महत्वपूर्ण बताया गया। दोनों देशों ने दीर्घकालिक साझेदारी को मजबूत करने का भरोसा व्यक्त किया। उद्योग और निवेश के क्षेत्र में नए अवसर तलाशने पर जोर दिया गया।


वैश्विक मुद्दों पर बनी सहमति
भारत और जापान ने कई क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर समान दृष्टिकोण व्यक्त किया। नियम आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था और वैश्विक शांति बनाए रखने पर बल दिया गया। दोनों देशों ने बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग जारी रखने की प्रतिबद्धता दोहराई। आपदा प्रबंधन, जलवायु परिवर्तन और ऊर्जा सुरक्षा जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने साझा हितों की रक्षा के लिए मिलकर काम करने का भरोसा दिया। वैश्विक स्थिरता को प्राथमिकता देने पर सहमति बनी।


संबंधों को मिलेगी नई मजबूती
16वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन को दोनों देशों के संबंधों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस बैठक से रक्षा, व्यापार, निवेश और रणनीतिक सहयोग को नई गति मिलने की उम्मीद है। दोनों नेताओं ने भविष्य में नियमित संवाद और सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे द्विपक्षीय संबंध और मजबूत होंगे। भारत और जापान ने साझा मूल्यों और आपसी विश्वास को आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया। शिखर सम्मेलन को दोनों देशों की दीर्घकालिक साझेदारी की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

प्रतिक्रियाएँ
Vivaan Gupta

Vivaan Gupta

0 सेकंड पहले

Bharat tab hi badlega jab log jagruk aur ekjut honge.

CommentsReactionsFeedback

खबरे और भी है...