मध्य प्रदेश में डिजिटल क्रांति: अब देश के किसी भी कोने से होगा दस्तावेजों का साइबर पंजीयन

अब देश के किसी भी कोने से होगा दस्तावेजों का साइबर पंजीयन
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भोपाल स्थित पंजीयन भवन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ‘साइबर पंजीयन कार्यालय’ का शुभारंभ किया। इस अत्याधुनिक सुविधा के जरिए अब नागरिक देश के किसी भी कोने में बैठकर मध्य प्रदेश में दस्तावेजों का ऑनलाइन पंजीयन करा सकेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कदम प्रदेश को डिजिटल गवर्नेंस के नए युग में प्रवेश दिलाने वाला है।

अब पंजीयन होगा पूरी तरह डिजिटल और फेसलेस
नई व्यवस्था के तहत 75 से अधिक सेवाओं को ऑनलाइन जोड़ा गया है। इनमें— लोन दस्तावेज, मुख्तारनामा, माइनिंग लीज, हलफनामा, पावर ऑफ अटॉर्नी, पार्टनरशिप डीड, महिला सह-स्वामित्व अंतरण, जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज शामिल हैं।
उद्घाटन अवसर पर ऑनलाइन फेसलेस पंजीयन प्रक्रिया का लाइव डेमो भी प्रस्तुत किया गया, जिसमें वीडियो-KYC और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से दस्तावेजों के पंजीयन की पूरी प्रक्रिया दिखाई गई।

‘संपदा 1.0’ और ‘संपदा 2.0’ के बाद नई पहल
मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘संपदा 1.0’ और ‘संपदा 2.0’ की सफलता के बाद साइबर पंजीयन तकनीक आधारित सुशासन की नई शुरुआत है। प्रदेश में अब तक 14 लाख 95 हजार से अधिक दस्तावेजों का पंजीयन किया जा चुका है। साथ ही 55 जिलों में साइबर तहसील परियोजना लागू की गई है, जिससे राजस्व बंटवारा और नामांतरण जैसी प्रक्रियाएं भी ऑनलाइन पूरी की जा रही हैं।

राष्ट्रीय स्तर पर सराहना
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि संपदा 2.0 के नवाचार को वर्ष 2025 का राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस स्वर्ण पुरस्कार प्राप्त हुआ है। उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि 2024-25 में लागू एडवांस सॉफ्टवेयर से चल और अचल संपत्ति के दस्तावेज अब पूरी तरह डिजिटल और पेपरलेस तरीके से पंजीकृत हो रहे हैं।

अब हाउसिंग बोर्ड और विकास प्राधिकरण ट्रांसफर भी ऑनलाइन
सरकार ने स्पष्ट किया कि हाउसिंग बोर्ड और विकास प्राधिकरण से जुड़े स्थानांतरण दस्तावेज भी अब पेपरलेस रजिस्ट्रेशन के माध्यम से होंगे। नागरिकों को पंजीयन कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। यह पहल ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को बढ़ावा देने के साथ प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करेगी।

पेपरलेस और कैशलेस सिस्टम को बढ़ावा
नई प्रणाली से— समय की बचत, धन की बचत, पर्यावरण संरक्षण, पारदर्शिता में वृद्धि, मानवीय हस्तक्षेप में कमी, जैसे कई सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेंगे।

मुख्यमंत्री का संदेश
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मध्य प्रदेश प्रशासनिक पारदर्शिता, नवाचार और जनकल्याण को प्राथमिकता दे रहा है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से साइबर पंजीयन के माध्यम से वित्तीय वर्ष के लक्ष्य समय पर पूर्ण करने का आह्वान किया।

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