मुरैना रेल हादसा: आग की अफवाह बनी मौत का कारण

आग की अफवाह बनी मौत का कारण
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Sai Mehta

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मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में रविवार को एक बेहद दर्दनाक रेल हादसा हो गया। खजुराहो-उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस में आग लगने की अफवाह फैलने के बाद यात्रियों के बीच भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। जान बचाने के लिए कई यात्री ट्रेन से उतरकर रेलवे ट्रैक पर पहुंच गए। इसी दौरान समानांतर ट्रैक से गुजर रही पातालकोट एक्सप्रेस की चपेट में आने से चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।

 

मोबाइल फटने के बाद फैली आग की अफवाह
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इंटरसिटी एक्सप्रेस के एक जनरल कोच में किसी यात्री का मोबाइल फोन फट गया था। इसके बाद धुआं और चिंगारी दिखाई देने से ट्रेन में आग लगने की अफवाह फैल गई। घबराए यात्रियों ने अलार्म चेन पुलिंग कर ट्रेन को रोक दिया, जिसके बाद कई लोग बिना स्थिति समझे ट्रेन से नीचे उतरने लगे।

 

घबराहट में ट्रैक पर पहुंचे यात्री
ट्रेन रुकने के बाद कुछ यात्री रेलवे लाइन के किनारे और दूसरी पटरी तक पहुंच गए। इसी दौरान आगरा की ओर से मुरैना जा रही पातालकोट एक्सप्रेस तेज रफ्तार से वहां से गुजर रही थी। यात्रियों को दूसरी ट्रेन के आने का अंदाजा नहीं लगा और वे उसकी चपेट में आ गए। हादसा इतना भयावह था कि चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।

 

मृतकों की पहचान
हादसे में जान गंवाने वालों में आफरीन पत्नी नदीम खान (आगरा), उनका चार वर्षीय पुत्र असद खान, शकुंतला देवी पत्नी भूरी सिंह परमार (आगरा) तथा विरमा देवी पत्नी गिरधारी गिरी (बीकानेर, राजस्थान) शामिल हैं। कुछ रिपोर्टों में एक अन्य महिला कंचन सिंह का नाम भी सामने आया है, जिसकी पुष्टि प्रशासनिक जांच के बाद स्पष्ट होगी।

 

रेलवे ने दी घटना की जानकारी
उत्तर मध्य रेलवे के झांसी मंडल के अनुसार, गाड़ी संख्या 19665 खजुराहो-उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस रविवार शाम करीब 4:15 बजे हेतमपुर-धौलपुर रेलखंड के बीच अलार्म चेन पुलिंग के कारण रुकी थी। ट्रेन रुकने के दौरान कुछ यात्री नीचे उतरकर दूसरी रेलवे लाइन पर चले गए, जहां से गुजर रही गाड़ी संख्या 20424 फिरोजपुर-सिवनी पातालकोट एक्सप्रेस की चपेट में आने से यह हादसा हुआ।

 

प्रशासन और रेलवे अधिकारी मौके पर पहुंचे
घटना की सूचना मिलते ही रेलवे प्रशासन, रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ), सरकारी रेलवे पुलिस (जीआरपी) और स्थानीय प्रशासन की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं। घायलों और प्रभावित यात्रियों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई गई। रेलवे ने मृतकों के परिजनों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया है।

 

प्रत्यक्षदर्शियों ने सुनाई हादसे की आपबीती
हादसे के एक प्रत्यक्षदर्शी यात्री ने बताया कि ट्रेन में आग लगने की अफवाह सुनते ही लोग घबराकर बाहर कूदने लगे। इसी अफरा-तफरी में कई यात्री ट्रैक पर पहुंच गए। उन्होंने बताया कि उनकी पत्नी और बच्चा भी नीचे उतर गए थे, लेकिन दूसरी ओर से आ रही ट्रेन की चपेट में आने से उनकी मौत हो गई।

 

हादसे की जांच शुरू
रेलवे प्रशासन ने घटना के कारणों और परिस्थितियों की विस्तृत जांच के आदेश दे दिए हैं। शुरुआती जांच में आग लगने की पुष्टि नहीं हुई है और पूरे मामले को अफवाह के कारण हुई दुर्घटना माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

 

अफवाहों से बचने की अपील
इस हादसे ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि आपात स्थिति में घबराहट और अफवाहें कितनी घातक साबित हो सकती हैं। रेलवे और प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि किसी भी आपात स्थिति में आधिकारिक निर्देशों का पालन करें और अफवाहों पर भरोसा न करें।

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