मुंबई में फिर महंगी हुई CNG: 17 दिनों में दूसरी बार बढ़े दाम

Neha Tripathi
18 घंटे पहलेAcchi khabar! Positive news bhi aati rehni chahiye.
Aryan Malhotra
19 घंटे पहलेAcchi khabar! Positive news bhi aati rehni chahiye.
Neel Saxena
22 घंटे पहलेItni important news, dosto ko zaroor bhejo.
Monika Das
1 दिन पहलेAcchi khabar! Positive news bhi aati rehni chahiye.
महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई और मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन (MMR) के लोगों को एक बार फिर महंगाई का सामना करना पड़ रहा है। महानगर गैस लिमिटेड (MGL) ने कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (CNG) की कीमतों में 2 रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी कर दी है। नई दरें 29 मई की मध्यरात्रि से लागू हो चुकी हैं, जिसके बाद मुंबई में CNG की कीमत 84 रुपये से बढ़कर 86 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है।
17 दिनों में दूसरी बार बढ़े CNG के दाम
यह मई महीने में दूसरी बार है जब CNG की कीमतों में इजाफा किया गया है। इससे पहले 14 मई को भी MGL ने 2 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी की थी। तब कीमत 82 रुपये से बढ़कर 84 रुपये प्रति किलोग्राम हुई थी। लगातार दूसरी बढ़ोतरी ने वाहन चालकों और आम उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ा दी है।
12 लाख से अधिक CNG वाहनों पर पड़ेगा असर
मुंबई महानगर क्षेत्र में लगभग 12 लाख वाहन CNG पर चलते हैं। इनमें बड़ी संख्या में ऑटो रिक्शा, टैक्सी और व्यावसायिक वाहन शामिल हैं। नई कीमतों का सीधा असर इन वाहन मालिकों की परिचालन लागत पर पड़ेगा। इसके अलावा घरेलू पाइप गैस (PNG) के दाम भी 50 पैसे प्रति एससीएम बढ़ा दिए गए हैं, जिससे करीब 31 लाख घर प्रभावित होंगे।
ऑटो और टैक्सी चालकों ने किराया बढ़ाने की मांग उठाई
CNG महंगी होने के बाद ऑटो और टैक्सी यूनियनों ने किराए में बढ़ोतरी की मांग तेज कर दी है। यूनियन नेताओं का कहना है कि लगातार बढ़ती ईंधन कीमतों से ड्राइवरों की आय प्रभावित हो रही है। ऑटो यूनियनों ने बेस किराये में बढ़ोतरी के लिए संबंधित प्राधिकरणों को पत्र भी भेजा है। टैक्सी संगठनों ने भी न्यूनतम किराए में 2 से 3 रुपये की बढ़ोतरी की मांग रखी है।
पश्चिम एशिया संकट बना कीमतों में बढ़ोतरी का बड़ा कारण
विशेषज्ञों के अनुसार पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर साफ दिखाई दे रहा है। अमेरिका, ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते संघर्ष के कारण तेल और गैस की आपूर्ति प्रभावित हुई है। विशेष रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य से होने वाली तेल और एलएनजी आपूर्ति पर दबाव बढ़ा है, जो वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का महत्वपूर्ण मार्ग माना जाता है।
कच्चे तेल की कीमतें और रुपये की कमजोरी भी जिम्मेदार
MGL के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार में गैस खरीद लागत बढ़ने, कच्चे तेल के दामों में तेजी, भारतीय रुपये की कमजोरी और सप्लाई चेन में व्यवधान के कारण CNG की कीमतों में वृद्धि करनी पड़ी है। इन वैश्विक परिस्थितियों का असर सीधे भारतीय उपभोक्ताओं पर पड़ रहा है।
पेट्रोल-डीजल भी लगातार हो रहे महंगे
CNG के साथ-साथ पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भी लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। हाल ही में पेट्रोल 2.61 रुपये प्रति लीटर और डीजल 2.71 रुपये प्रति लीटर महंगा हुआ था। वर्तमान में मुंबई में पेट्रोल 111.21 रुपये प्रति लीटर और डीजल 97.83 रुपये प्रति लीटर के आसपास बिक रहा है।
फिर भी पेट्रोल-डीजल से सस्ता विकल्प बनी हुई है CNG
कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद CNG अभी भी पेट्रोल और डीजल के मुकाबले अधिक किफायती ईंधन मानी जा रही है। आंकड़ों के अनुसार CNG उपयोग करने वाले वाहन चालकों को पेट्रोल की तुलना में लगभग 45 प्रतिशत और डीजल की तुलना में करीब 12 प्रतिशत तक की बचत होती है।
आगे और बढ़ सकती हैं ईंधन कीमतें?
ऊर्जा बाजार के जानकारों का मानना है कि यदि पश्चिम एशिया में तनाव लंबे समय तक बना रहता है और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित होती है, तो आने वाले दिनों में ईंधन कीमतों पर और दबाव बढ़ सकता है। ऐसे में आम उपभोक्ताओं, परिवहन क्षेत्र और उद्योगों को अतिरिक्त आर्थिक बोझ का सामना करना पड़ सकता है।

