भीषण गर्मी ने बेजुबानों की बढ़ाई मुश्किलें: 45 डिग्री तापमान में पेड़ से नीचे गिरा चमगादड़

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Rohan Desai

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0 सेकंड पहले

Sach dikhane ka shukriya, aisi journalism chahiye.

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उत्तर प्रदेश के Hamirpur में पड़ रही भीषण गर्मी अब इंसानों के साथ-साथ बेजुबान जानवरों के लिए भी जानलेवा साबित होने लगी है। जिले में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है, जिससे जनजीवन पूरी तरह प्रभावित है। तेज धूप और गर्म हवाओं के बीच पशु-पक्षियों की हालत भी बेहद खराब हो गई है।

 

कचहरी परिसर में दिखा भावुक दृश्य
Hamirpur डिस्ट्रिक्ट कोर्ट परिसर में उस समय भावुक माहौल बन गया, जब एक चमगादड़ तेज गर्मी और प्यास की वजह से अचानक पेड़ से नीचे गिर पड़ा। गर्मी से बेहाल चमगादड़ इतनी कमजोर हालत में था कि वह न उड़ पा रहा था और न ही ठीक से हिल पा रहा था।

 

अधिवक्ताओं ने पेश की इंसानियत की मिसाल
चमगादड़ को तड़पता देख वहां मौजूद अधिवक्ताओं और लोगों ने तुरंत मदद के लिए कदम बढ़ाए। लोगों ने बोतल से उसे पानी पिलाया और सुरक्षित स्थान पर रखकर उसकी जान बचाने की कोशिश की। जैसे ही पानी की बूंदें उसके गले से नीचे उतरीं, उसमें धीरे-धीरे हरकत दिखाई देने लगी।
यह दृश्य वहां मौजूद लोगों को भावुक कर गया। कई लोगों ने इस पूरी घटना का वीडियो भी बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

 

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
वायरल वीडियो को देखकर लोग इंसानियत और दया की जमकर तारीफ कर रहे हैं। सोशल मीडिया यूज़र्स लोगों से अपील कर रहे हैं कि इस भीषण गर्मी में पक्षियों और जानवरों के लिए घरों और सार्वजनिक स्थानों पर पानी जरूर रखें। कई यूज़र्स का कहना है कि गर्मी की मार सिर्फ इंसानों तक सीमित नहीं है, बल्कि बेजुबान जीव भी इससे बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं।

 

हीटवेव से बढ़ी परेशानी
Hamirpur समेत उत्तर प्रदेश के कई जिलों में इन दिनों भीषण हीटवेव का असर देखने को मिल रहा है। दोपहर के समय सड़कें सुनसान हो रही हैं और लोग घरों में रहने को मजबूर हैं। ऐसे में खुले आसमान के नीचे रहने वाले पशु-पक्षियों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मी के इस मौसम में लोगों को अपने आसपास पक्षियों और जानवरों के लिए पानी और खाने की व्यवस्था करनी चाहिए, ताकि उनकी जान बचाई जा सके।

 

लोगों से की जा रही अपील
इस घटना के बाद स्थानीय लोग भी आम नागरिकों से अपील कर रहे हैं कि वे अपने घरों की छत, बालकनी या आसपास के क्षेत्रों में पानी के बर्तन रखें। छोटी-सी कोशिश कई बेजुबान जानवरों की जिंदगी बचा सकती है।

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