चंदा चोरी पर धीरेंद्र शास्त्री का बड़ा बयान: दोषियों को मिलेगा महादंड
Ishaan Tiwari
0 सेकंड पहलेAaj ka din bahut mahatvapurna raha jyotish ke hisaab se.
Priya Iyer
0 सेकंड पहलेBhagwan par bharosa rakhna chahiye, woh sab sahi karenge.
Sneha Menon
0 सेकंड पहलेDharm aur aastha hi insaan ko sahi raah dikhati hai.
अयोध्या राम मंदिर चंदा चोरी मामले पर बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि यह घटना करोड़ों राम भक्तों की आस्था पर गहरा आघात है। ऐसे कृत्य किसी भी धार्मिक स्थल की गरिमा के विपरीत हैं। उन्होंने दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की आवश्यकता बताई। साथ ही कहा कि श्रद्धा से जुड़े मामलों में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती।
दोषियों को मिलेगा महादंड
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि जो लोग भगवान राम के धाम में रहकर ऐसी हरकत करते हैं, उन्हें भगवान स्वयं महादंड देंगे। उन्होंने कहा कि धर्म और आस्था के साथ छल करने वालों का अंत कभी अच्छा नहीं होता। ऐसे लोगों को कानून के साथ-साथ ईश्वर के न्याय का भी सामना करना पड़ेगा। उन्होंने भक्तों से संयम बनाए रखने की अपील की। साथ ही न्याय प्रक्रिया पर भरोसा रखने की बात कही।
रावण के अंत से की तुलना
उन्होंने अपने बयान में कहा कि जब रावण ने माता जानकी का हरण किया था तो उसका पूरा वंश समाप्त हो गया था। उसी प्रकार राम मंदिर में चोरी करने वालों का भी बुरा परिणाम होगा। उन्होंने इसे धर्म और संस्कृति के विरुद्ध अपराध बताया। उनका कहना था कि भगवान के धाम में किया गया गलत कार्य कभी छिप नहीं सकता। अंततः सत्य और न्याय की ही विजय होती है।
बड़े नामों को लेकर बड़ा दावा
धीरेंद्र शास्त्री ने दावा किया कि इस मामले में अभी केवल छोटी मछलियां पकड़ी गई हैं। उन्होंने कहा कि यदि वह अपनी पर्ची खोलकर बड़े नामों का खुलासा करेंगे तो उन्हें नुकसान पहुंचाया जा सकता है। उन्होंने संकेत दिया कि मामले में कई प्रभावशाली लोगों की भूमिका की जांच होना जरूरी है। हालांकि उन्होंने किसी का नाम सार्वजनिक नहीं किया। उन्होंने निष्पक्ष जांच पर जोर दिया।
SIT जांच की उठाई मांग
उन्होंने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए SIT और संबंधित जांच एजेंसियों को स्वतंत्र रूप से काम करने दिया जाना चाहिए। उनका मानना है कि जांच पूरी पारदर्शिता के साथ होनी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके। दोषी चाहे कोई भी हो, उसके खिलाफ समान कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कानून के अनुसार कार्रवाई की मांग की। साथ ही कहा कि जांच पूरी होने तक किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से बचना चाहिए।
मंदिर प्रबंधन को लेकर सुझाव
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि इस घटना के बाद मंदिर की सेवा और प्रबंधन का दायित्व समर्पित सनातनी वैष्णव और संत परंपरा से जुड़े लोगों को सौंपा जाना चाहिए। उनका मानना है कि इससे श्रद्धालुओं का विश्वास और अधिक मजबूत होगा। उन्होंने कहा कि मंदिर की व्यवस्था पूरी पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ संचालित होनी चाहिए। इससे भविष्य में ऐसी घटनाओं की संभावना कम होगी। उन्होंने सभी राम भक्तों से धैर्य बनाए रखने और न्यायिक प्रक्रिया पर विश्वास रखने की अपील की।

