संसद विशेष सत्र: महिला आरक्षण लागू करने की दिशा में बड़ा कदम

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देश की राजनीति में बड़ा बदलाव लाने की दिशा में केंद्र सरकार ने संसद के विशेष सत्र में महिला आरक्षण से जुड़े तीन अहम संशोधन विधेयक पेश किए हैं। इन विधेयकों का उद्देश्य 2023 में पारित “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” को पूरी तरह लागू करना है, जिससे वर्ष 2029 से लोकसभा और सभी राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण मिल सके।
लोकसभा सीटें बढ़ाने का बड़ा प्रस्ताव
सरकार ने लोकसभा की कुल सीटों को मौजूदा 543 से बढ़ाकर अधिकतम 850 करने का प्रस्ताव रखा है। इसमें राज्यों के लिए 815 सीटें और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए 35 सीटें निर्धारित की जा सकती हैं। नए प्रावधान के तहत करीब 273 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी, जिससे राजनीति में महिलाओं की भागीदारी में बड़ा इजाफा होगा।
परिसीमन प्रक्रिया होगी निर्णायक
इन विधेयकों का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा परिसीमन (Delimitation) है, जिसके तहत जनसंख्या के आधार पर सीटों का पुनर्निर्धारण किया जाएगा। यह प्रक्रिया नई जनगणना के बाद लागू होगी और इसी के आधार पर महिला आरक्षण को प्रभावी बनाया जाएगा।
तीन प्रमुख विधेयक कौन-कौन से हैं?
सरकार द्वारा पेश किए गए तीन प्रमुख विधेयक इस प्रकार हैं:
- केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक 2026,
- संविधान (131वां संशोधन) विधेयक 2026,
- परिसीमन विधेयक 2026,
इनका मकसद संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को आरक्षण देने के साथ-साथ सीटों की संख्या और संरचना में बदलाव करना है।
संसद में चर्चा और वोटिंग का शेड्यूल
लोकसभा में इन विधेयकों पर 16 और 17 अप्रैल को कुल 18 घंटे चर्चा होगी। इसके बाद वोटिंग कराई जाएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस चर्चा की शुरुआत करेंगे, जबकि जवाब गृह मंत्री अमित शाह देंगे।
इसके बाद 18 अप्रैल को राज्यसभा में 10 घंटे की चर्चा के बाद मतदान होगा।
सरकार बनाम विपक्ष: टकराव तेज
जहां सरकार इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम बता रही है, वहीं विपक्ष ने परिसीमन प्रक्रिया और समय को लेकर सवाल उठाए हैं। विपक्ष का कहना है कि यह कदम राजनीतिक लाभ के लिए उठाया गया है और इससे कुछ राज्यों की राजनीतिक ताकत प्रभावित हो सकती है।
समर्थन और विरोध की राजनीति
बसपा प्रमुख मायावती ने इस विधेयक का समर्थन करते हुए इसे ऐतिहासिक कदम बताया है, हालांकि उन्होंने SC, ST और OBC महिलाओं के लिए अलग कोटा की मांग भी रखी है। वहीं कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने परिसीमन को लेकर चिंता जताई और इसे सत्ता संतुलन बदलने की कोशिश बताया।
देश की राजनीति में क्या बदलेगा?
अगर ये विधेयक पारित होते हैं, तो 2029 के आम चुनाव से महिलाओं को 33% आरक्षण मिलने का रास्ता साफ हो जाएगा। इससे भारतीय राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी और सत्ता संरचना में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।




