राजीव गांधी हत्याकांड पर फिर मचा बवाल: तमिलनाडु सीएम विजय के प्रभाकरन श्रद्धांजलि विवाद पर सियासत गरम

Neha Tripathi
0 सेकंड पहलेNeta ji ko yeh khabar zaroor dikhni chahiye!
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री थलपति विजय द्वारा लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम (LTTE) के संस्थापक वेलुपिल्लई प्रभाकरन को श्रद्धांजलि देने के बाद देश की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। विजय के इस कदम पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी के समर्थन ने बीजेपी को कांग्रेस पर हमला बोलने का मौका दे दिया है। बीजेपी ने इसे पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या से जुड़े संवेदनशील मुद्दे से जोड़ते हुए कांग्रेस की राजनीति पर सवाल खड़े किए हैं।
बीजेपी ने राहुल गांधी पर साधा निशाना
बीजेपी प्रवक्ता Tejinder Pal Singh Bagga ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि तमिलनाडु के सीएम विजय ने ऐसे व्यक्ति को श्रद्धांजलि दी है, जिसे पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या के लिए जिम्मेदार माना जाता है। उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर सत्ता के लिए ऐसे लोगों से समझौता किया जा सकता है, तो भविष्य में किस तरह की राजनीति देखने को मिलेगी, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।
विजय ने मुल्लीवाइक्कल स्मरण दिवस पर दी श्रद्धांजलि
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री Thalapathy Vijay ने 18 मई को ‘मुल्लीवाइक्कल स्मरण दिवस’ के अवसर पर सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए श्रीलंका के तमिलों के अधिकारों की बात कही। विजय ने लिखा कि मुल्लीवाइक्कल की यादें हमेशा दिलों में रहेंगी और समुद्र पार रहने वाले तमिल भाई-बहनों के अधिकारों के लिए वे हमेशा उनके साथ खड़े रहेंगे।
दरअसल, 18 मई 2009 को श्रीलंकाई सेना ने मुल्लीवाइक्कल में LTTE प्रमुख Velupillai Prabhakaran को मार गिराया था। इस दिन को दुनिया भर में तमिल समुदाय ‘तमिल नरसंहार स्मरण दिवस’ के रूप में भी याद करता है।
LTTE और राजीव गांधी हत्या का पुराना विवाद
उग्रवादी संगठन Liberation Tigers of Tamil Eelam पर 1991 में पूर्व प्रधानमंत्री Rajiv Gandhi की हत्या का आरोप लगाया गया था। भारत में LTTE पर प्रतिबंध भी लगाया गया था और प्रभाकरन को इस मामले में मुख्य आरोपी माना गया था। इसी कारण विजय द्वारा प्रभाकरन को श्रद्धांजलि देने के मुद्दे को लेकर राजनीतिक विवाद और गहरा गया है।
कांग्रेस के समर्थन पर सोशल मीडिया में भी बहस
विजय की पार्टी टीवीके को विधानसभा में बहुमत के लिए अन्य दलों का समर्थन मिला था, जिसमें कांग्रेस समेत कई दल शामिल रहे। अब विजय के बयान और राहुल गांधी के समर्थन को लेकर सोशल media पर भी तीखी बहस देखने को मिल रही है। कई यूजर्स कांग्रेस से सवाल पूछ रहे हैं कि क्या राजनीतिक गठबंधन के लिए ऐसे मुद्दों को नजरअंदाज किया जा सकता है।
कौन था प्रभाकरन?
Velupillai Prabhakaran श्रीलंका में तमिलों के लिए अलग ‘तमिल ईलम’ राष्ट्र की मांग करने वाले उग्रवादी संगठन LTTE का संस्थापक था। LTTE को दुनिया के सबसे खतरनाक गुरिल्ला संगठनों में गिना जाता था। संगठन ने आत्मघाती हमलों की रणनीति को बड़े स्तर पर इस्तेमाल किया। श्रीलंका में सिंहली और तमिल समुदायों के बीच लंबे समय तक चले जातीय संघर्ष के दौरान प्रभाकरन तमिलों के बड़े चेहरे के रूप में उभरा था।
श्रीलंका में तमिल-सिंहली संघर्ष की पृष्ठभूमि
श्रीलंका में सिंहली समुदाय बहुसंख्यक है और सत्ता व राजनीति में उसका प्रभाव लंबे समय से बना हुआ है। तमिल समुदाय लंबे समय से प्रतिनिधित्व, अधिकार और बराबरी की मांग करता रहा है। इसी असंतोष के बीच LTTE का उदय हुआ और करीब तीन दशक तक श्रीलंका गृहयुद्ध की आग में झुलसता रहा।
पहले भी प्रभाकरन को लेकर बयान दे चुके हैं विजय
थलपति विजय इससे पहले सितंबर 2025 में भी ईलम तमिलों के मुद्दे पर भावनात्मक बयान दे चुके हैं। उन्होंने कहा था कि दुनिया भर में बसे तमिल समुदाय ने ऐसे नेता को खोया है जिसने उन्हें मां जैसा स्नेह दिया था। विजय ने तब भी तमिलों के अधिकारों की आवाज उठाने की बात कही थी।
राजनीतिक गलियारों में बढ़ी हलचल
प्रभाकरन को श्रद्धांजलि देने के मुद्दे ने एक बार फिर तमिल राजनीति, श्रीलंका तमिल मुद्दे और राष्ट्रीय राजनीति को आमने-सामने ला दिया है। बीजेपी और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है, जबकि सोशल मीडिया पर भी यह मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है।



