ललितपुर में महिलाओं का ‘रणचंडी’ अवतार: बीच सड़क पर रौंदी हजारों की बोतलें
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उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिले में शराब के बढ़ते दुष्प्रभावों से त्रस्त महिलाओं का सब्र आखिरकार टूट गया। महरौनी कोतवाली क्षेत्र के खितवांस गांव में मंगलवार (3 फरवरी 2026) को महिलाओं ने शराब की दुकानों के खिलाफ ऐसा उग्र प्रदर्शन किया, जिसने पूरे जिले को हिला कर रख दिया।
लाठी-डंडों के साथ शराब ठेके पर हमला
करीब 150 महिलाओं ने लाठी-डंडों के साथ कंपोजिट शराब की दुकान पर धावा बोल दिया। लंबे समय से दुकान हटाने की मांग कर रही महिलाओं ने प्रशासन की अनदेखी से आक्रोशित होकर पहले दुकान का शटर और ताला तोड़ा, फिर भीतर रखी देशी, अंग्रेजी शराब और बीयर की पेटियों को बाहर सड़क पर फेंक दिया।
सड़क बनी रणक्षेत्र, बहने लगी ‘नशे की नदी’
महिलाओं ने शराब की बोतलों और पाउचों को अपने पैरों और पत्थरों से कुचल डाला। शराब फटकर सड़क पर बहने लगी, जिससे ललितपुर–महरौनी मार्ग रणक्षेत्र में बदल गया। इस दौरान दोनों ओर से वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और करीब 2 किलोमीटर लंबा जाम लग गया।
“गांव में शराब नहीं, स्कूल और शांति चाहिए”
प्रदर्शन के दौरान महिलाएं और ग्रामीण लगातार नारे लगा रहे थे— “गांव में शराब नहीं, स्कूल और शांति चाहिए” महिलाओं का आरोप है कि शराब के कारण गांव के युवक बर्बाद हो रहे हैं, घरेलू हिंसा बढ़ रही है और महिलाओं-बेटियों के साथ छेड़छाड़ की घटनाएं आम हो गई हैं।
पुलिस पहुंची, तब तक आंदोलनकारी हो चुके थे गायब
सूचना मिलते ही सीओ रक्षपाल सिंह, कोतवाली प्रभारी राजा दिनेश सिंह, आबकारी इंस्पेक्टर अन्विता तिवारी सहित 5 थानों की फोर्स मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक महिलाएं दुकान खाली कर अपना विरोध दर्ज करा चुकी थीं। पुलिस को सड़क पर केवल टूटी बोतलें, पाउच और बिखरा मलबा ही मिला।
ठेकेदार का आरोप: भीड़ जुटाकर की गई लूटपाट
मामले में नया मोड़ तब आया जब शराब ठेकेदार प्रदुम्न दुबे ने महरौनी थाने में तहरीर दी। ठेकेदार ने ग्राम प्रधान कमलेश समेत अन्य लोगों पर भीड़ उकसाने, सीसीटीवी तोड़ने और करीब 15 लाख रुपये के नुकसान का आरोप लगाया। तहरीर में 80 हजार रुपये नकद लूटे जाने का भी दावा किया गया है।
महिलाओं की चेतावनी: दोबारा दुकान खुली तो फिर होगा आंदोलन
प्रदर्शनकारी महिलाओं ने साफ चेतावनी दी है कि यदि गांव में दोबारा शराब की दुकान खोली गई, तो वे फिर से उग्र आंदोलन करेंगी। उनका कहना है कि शराब नहीं, शिक्षा और सुरक्षा चाहिए।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो, प्रशासन पर दबाव
इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो के सामने आने के बाद प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं और नशा विरोधी आंदोलन को लेकर नई बहस छिड़ गई है।




