दिल्ली के मालवीय नगर में नस्लीय शर्मनाक हरकत: पुलिस ने दर्ज की FIR

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देश की राजधानी New Delhi के मालवीय नगर इलाके में अरुणाचल प्रदेश की तीन महिलाओं के साथ कथित नस्लीय टिप्पणी और अभद्र व्यवहार का मामला सामने आया है। घटना 20 फरवरी की बताई जा रही है, जिसकी जानकारी अब सार्वजनिक हुई है।
महिलाएं दक्षिणी दिल्ली के Malviya Nagar में किराए पर रहती हैं। दोपहर करीब 3:30 बजे वे अपने फ्लैट में एयर कंडीशनर लगवा रही थीं। ड्रिलिंग के दौरान गिरी धूल और मलबा नीचे रहने वाले कपल की बालकनी में जा गिरा, जिससे विवाद शुरू हुआ।
‘मोमो’, ‘धंधेवाली’ और अश्लील टिप्पणियां
पीड़ित महिलाओं का आरोप है कि नीचे रहने वाले हर्ष सिंह और उनकी पत्नी रूबी जैन ने गाली-गलौज करते हुए उन्हें “मोमो”, “चाउमीन” और “धंधेवाली” जैसे अपमानजनक शब्दों से संबोधित किया। वीडियो में आरोपी महिला कथित रूप से कहती सुनाई दे रही है: “अगर जानना है मेरा पति कितना जवान है, तो उसके साथ बेडरूम में चली जाओ।”
महिलाओं का कहना है कि यह सिर्फ व्यक्तिगत हमला नहीं था, बल्कि पूरे नॉर्थईस्ट समुदाय की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाली टिप्पणी थी।
वायरल वीडियो में पुलिस की मौजूदगी
घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें एक पुलिस अधिकारी मौके पर बीच-बचाव करते दिखाई दे रहे हैं। हालांकि, आरोप है कि विवाद के दौरान आरोपी लगातार नस्लीय और अश्लील टिप्पणियां करते रहे।
पुलिस की कार्रवाई: FIR दर्ज, गिरफ्तारी बाकी
मालवीय नगर थाने में हर्ष सिंह और रूबी जैन के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा, 79 (महिला के अपमान से संबंधित), 351(2) (आपराधिक धमकी), 3(5) (सामान्य आशय), 196 (धर्म, जाति, जन्म स्थान आदि के आधार पर वैमनस्य फैलाना), के तहत FIR दर्ज की गई है। पुलिस के अनुसार, “किसी भी प्रकार की शारीरिक चोट की सूचना नहीं है, लेकिन शिकायतकर्ताओं ने मानसिक उत्पीड़न और अपमान का आरोप लगाया है।”
अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
मेघालय के सीएम ने जताई नाराजगी
इस घटना पर मेघालय के मुख्यमंत्री Conrad Sangma ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि नॉर्थईस्ट के लोगों के साथ भेदभाव अस्वीकार्य है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
“यह सिर्फ हमारा नहीं, पूरे नॉर्थईस्ट का मामला”
पीड़ित महिलाओं ने कहा: “हम भारत में ही रहते हैं, लेकिन अलग दिखने के कारण हमें ‘मोमो’, ‘चिंकी’ जैसे शब्द सुनने पड़ते हैं। अब यह बर्दाश्त से बाहर है। यह सिर्फ तीन लड़कियों का मामला नहीं, पूरे नॉर्थईस्ट की इज्जत का सवाल है।” उन्होंने आरोपी से औपचारिक माफी की मांग की है।
बढ़ता सवाल: क्या राजधानी में भी सुरक्षित नहीं नॉर्थईस्ट?
यह घटना एक बार फिर सवाल खड़े करती है कि विविधता की बात करने वाली राजधानी में भी नस्लीय पूर्वाग्रह क्यों कायम है? क्या सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के बाद ही ऐसे मामलों में कार्रवाई तेज होती है?



