फावड़ा लेकर सड़क पर उतरी विधायक: फतेहपुर में निर्माण कार्य पर सवाल
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उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले से भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की एक बड़ी तस्वीर सामने आई है। खागा विधानसभा क्षेत्र की भाजपा विधायक कृष्णा पासवान ने सड़क निर्माण में कथित घोटाले को उजागर करने के लिए खुद फावड़ा उठा लिया।
अहिमापुर से रतनपुर (धाता विकास खंड) तक बनाई जा रही करीब 2200 से 4000 मीटर लंबी सड़क, जिसकी लागत लगभग ₹37.99 लाख बताई जा रही है, उसकी गुणवत्ता को लेकर ग्रामीणों ने शिकायत की थी। शिकायत मिलते ही विधायक 21 फरवरी को मौके पर पहुंचीं।
वड़े से खोदकर जांची सड़क की मोटाई
निरीक्षण के दौरान विधायक ने खुद फावड़ा लेकर सड़क की ऊपरी परत को खुरचा। आरोप है कि सड़क की डामरीकरण परत इतनी कमजोर थी कि पपड़ी की तरह उखड़ने लगी।
ग्रामीणों का कहना है कि: गिट्टी डालने से पहले रसायन का सही इस्तेमाल नहीं हुआ, रोलर पर्याप्त नहीं चलाया गया, मोटाई निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं थी, विधायक ने मौके पर फोटो और वीडियो बनवाए और उन्हें सोशल मीडिया पर साझा किया। वीडियो वायरल होते ही लोक निर्माण विभाग (PWD) और ठेकेदारों में हड़कंप मच गया।
PWD अधिकारियों को लगाई फटकार
घटना के बाद विधायक ने तत्काल PWD के एक्सईएन (XEN), जेई (JE) और अन्य अधिकारियों से फोन पर बात कर कड़ी नाराजगी जाहिर की। विधायक कृष्णा पासवान ने कहा: “हमारी सरकार में किसी भी प्रकार का भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सड़कें मानकों के अनुसार बनेंगी और गुणवत्ता की निगरानी मैं स्वयं करूंगी।” उन्होंने संबंधित अधिकारियों को पत्र लिखकर कार्रवाई के निर्देश भी दिए हैं।
निर्माण कार्य पर उठे बड़े सवाल
सड़क की कुल लागत: ₹37,99,000,
अब तक निर्मित हिस्सा: लगभग 500 मीटर,
कुल प्रस्तावित लंबाई: करीब 4 किमी,
स्थान: ऐमापुर–रतनपुर मार्ग, धाता विकास खंड,
PWD के सहायक अभियंता (AE) प्रतीक अग्रवाल का कहना है कि शिकायत की जांच की जा रही है और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई होगी।
अखिलेश यादव के बयान पर पलटवार
सड़क निर्माण को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव द्वारा की गई टिप्पणी पर पलटवार करते हुए विधायक ने कहा: “सपा सरकार में सड़कें गड्ढों से भरी रहती थीं। आज जब बेहतर सड़कें बन रही हैं तो विपक्ष हताशा में बयान दे रहा है।”
सोशल मीडिया पर मिली मिली-जुली प्रतिक्रिया
विधायक द्वारा शेयर किए गए वीडियो पर सोशल मीडिया में तीखी बहस छिड़ गई है। एक यूजर ने लिखा – “अब ऐसा करने से कोई फायदा नहीं, 2027 में जनता बटन दबाएगी।” वहीं कई लोगों ने विधायक की कार्रवाई को ‘साहसिक कदम’ बताया।
क्या ‘कमीशनखोरी’ ने निगल लिया जनता का पैसा?
ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल कर सरकारी धन की बंदरबांट की गई है। विधायक ने चेतावनी दी है कि यदि अनियमितता पाई गई तो संबंधित अधिकारी और ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। यह मामला न सिर्फ फतेहपुर बल्कि पूरे प्रदेश में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल खड़ा कर रहा है।
फतेहपुर में विधायक का फावड़ा चलाना केवल एक प्रतीकात्मक कार्रवाई नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश माना जा रहा है। अब देखना यह है कि जांच के बाद विभागीय स्तर पर क्या ठोस कार्रवाई होती है।

