UP में रसोई गैस संकट: लखनऊ से गोरखपुर तक हाहाकार
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उत्तर प्रदेश के कई बड़े शहरों में इन दिनों रसोई गैस की भारी किल्लत ने आम लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। लखनऊ, गोरखपुर, सुल्तानपुर और आसपास के जिलों में गैस एजेंसियों के बाहर सुबह से ही लंबी कतारें लग रही हैं, लेकिन कई उपभोक्ताओं को बुकिंग के 4 से 5 दिन बाद भी LPG सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है।
स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि लखनऊ में एक उपभोक्ता ने गुस्से में अपनी गैस पासबुक तक फाड़ दी। लोगों का आरोप है कि एजेंसियों में अव्यवस्था, तकनीकी समस्याएं और कालाबाजारी की वजह से संकट और गहरा गया है।
गैस एजेंसियों पर लंबी कतारें, उपभोक्ता परेशान
लखनऊ के कपूरथला स्थित अशोक गैस सर्विस समेत कई एजेंसियों के बाहर गुरुवार सुबह से ही उपभोक्ताओं की भीड़ देखी गई। लोग घंटों लाइन में खड़े रहे, लेकिन कई को खाली हाथ लौटना पड़ा।
उपभोक्ताओं का कहना है कि : OTP समय पर नहीं पहुंचता, एजेंसी कर्मचारी सहयोग नहीं करते, बुकिंग के बावजूद सिलेंडर नहीं दिया जाता, कई लोगों ने आरोप लगाया कि OTP लेकर सिलेंडर किसी दूसरे ग्राहक को दे दिया जाता है।
OTP लेकर दूसरे को सिलेंडर देने का आरोप
लाइन में खड़े कई उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया कि एजेंसी कर्मचारी OTP लेकर सिलेंडर किसी और को दे देते हैं।
ग्राहकों के अनुसार: OTP दिखाने के बाद भी सिलेंडर नहीं मिलता, बार-बार एजेंसी के चक्कर लगाने पड़ते हैं, सिलेंडर की कमी के कारण ब्लैक मार्केटिंग बढ़ने की आशंका है।
शादी समारोहों पर पड़ा संकट का असर
गैस की कमी का असर अब शादी-विवाह जैसे बड़े कार्यक्रमों पर भी दिखाई देने लगा है।
1. लखनऊ में टली शादी
जयपुर से लखनऊ में होने वाली एक शादी को गैस सिलेंडर की कमी के कारण टालना पड़ा। दुल्हन के पिता महेंद्र मोहन ने बताया कि कैटरर्स ने सिलेंडर की कमी का हवाला देते हुए खाना बनाने से मना कर दिया।
2. दुबई में फंसा परिवार
पुराने चौक निवासी शमीम मुर्तजा के बेटे की शादी भी टालनी पड़ी क्योंकि परिवार के सदस्य दुबई से भारत नहीं आ पाए और गैस सिलेंडर की समस्या भी बनी हुई है।
3. होटल ने किया आयोजन से इंकार
सुल्तानपुर के वीर बहादुर सिंह की बेटी की शादी पहले लखनऊ में होनी थी, लेकिन होटल प्रबंधन ने गैस सिलेंडर की कमी के कारण 1500 लोगों के भोजन की व्यवस्था से इंकार कर दिया।
अब शादी गांव में लकड़ी के चूल्हों पर खाना बनाकर करने का निर्णय लिया गया है।
छात्र और हॉस्टल निवासी भी परेशान
इंदिरानगर के एक हॉस्टल में रहने वाले छात्र विवेक कुमार ने बताया कि पिछले चार दिनों से गैस न मिलने के कारण खाना बनाना मुश्किल हो गया है। मकान मालिक ने इलेक्ट्रिक हीटर चलाने से मना कर दिया, होटल और ढाबों में भी खाना मिलना मुश्किल हो गया, कई छात्रों को खाने के लिए दूर जाना पड़ रहा है।
कमर्शियल सिलेंडर की कमी से कारोबार ठप
गैस संकट का असर होटल, रेस्टोरेंट और फास्ट फूड कारोबार पर भी दिखाई दे रहा है। गोमती नगर, हुसड़िया चौराहा, नरही और निशातगंज जैसे इलाकों में लगभग 70% फास्ट फूड ठेले बंद हो चुके हैं। मिठाई व्यापारी अविनाश त्रिपाठी ने बताया कि शादी के सीजन में लिए गए ऑर्डर पूरे करना मुश्किल हो रहा है।
सप्लाई चेन पर अंतरराष्ट्रीय तनाव का असर
विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका, इज़राइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक सप्लाई चेन प्रभावित हुई है। इसके कारण, LPG टैंकरों की संख्या घट गई, पहले 32 टैंकर आते थे, अब सिर्फ 10–12 ही पहुंच पा रहे हैं, बाटलिंग प्लांट में सिलेंडर रिफिलिंग प्रभावित हुई है।
सरकार ने सख्त किए बुकिंग नियम
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने गैस बुकिंग के नियम कड़े कर दिए हैं।
अब नए नियम के अनुसार:
सिंगल कनेक्शन: 21 दिन बाद ही अगली बुकिंग,
डबल कनेक्शन: 25 दिन बाद बुकिंग संभव,
इसका उद्देश्य जमाखोरी रोकना और सप्लाई संतुलित रखना बताया जा रहा है।
कंपनियों का दावा: LPG की कमी नहीं
तेल कंपनियों का कहना है कि गैस की कोई वास्तविक कमी नहीं है।
कंपनियों के अनुसार:
होली के आसपास सिलेंडर की मांग अचानक बढ़ जाती है,
बड़ी संख्या में बुकिंग होने से तकनीकी समस्याएं आ रही हैं,
जल्द ही सप्लाई सामान्य हो जाएगी।
कालाबाजारी पर प्रशासन सख्त
गुडंबा क्षेत्र में अवैध गैस रिफिलिंग की सूचना पर आपूर्ति विभाग और पुलिस ने छापेमारी भी की। जिला पूर्ति अधिकारी रामेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि, गैस या पेट्रोल की कमी नहीं है, कालाबाजारी करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।
गैस संकट का असर बाजार तक
इस संकट का असर अन्य बाजारों पर भी पड़ने लगा है। इलेक्ट्रॉनिक सामान के दाम बढ़ रहे हैं, ड्राई फ्रूट्स की आपूर्ति प्रभावित हुई, बाजार में कीमतें 5–15% तक बढ़ने लगी हैं।
उत्तर प्रदेश में LPG गैस की कमी ने आम लोगों की दैनिक जिंदगी को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। सिलेंडर के लिए लंबी कतारें, शादी समारोहों का टलना, होटल-रेस्टोरेंट का बंद होना और छात्रों की परेशानी इस संकट की गंभीरता को दिखाते हैं। यदि सप्लाई जल्द सामान्य नहीं हुई तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।

