मिजोरम में बड़ी कार्रवाई: 7 विदेशी नागरिक गिरफ्तार

7 विदेशी नागरिक गिरफ्तार

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भारत की सुरक्षा एजेंसियों ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए मिजोरम से 7 विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया है। इनमें एक अमेरिकी नागरिक और 6 यूक्रेनी नागरिक शामिल हैं। ये सभी भारत में टूरिस्ट वीजा पर आए थे, लेकिन बाद में इन्होंने नियमों का उल्लंघन करते हुए बिना अनुमति मिजोरम का रुख किया और वहां से अवैध रूप से म्यांमार सीमा पार कर गए।

ड्रोन वॉरफेयर ट्रेनिंग का सनसनीखेज खुलासा

जांच में सामने आया है कि ये सभी विदेशी नागरिक म्यांमार में सक्रिय कुकी-चिन सशस्त्र समूहों को ड्रोन वॉरफेयर, हथियार संचालन और जैमिंग तकनीक की ट्रेनिंग दे रहे थे। यह गतिविधि सिर्फ म्यांमार तक सीमित नहीं थी, बल्कि इसका असर भारत के पूर्वोत्तर राज्यों की सुरक्षा पर भी पड़ सकता था।

अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के संकेत

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की जांच में यह खुलासा हुआ है कि इस पूरे नेटवर्क में कुल 14 विदेशी नागरिक शामिल हो सकते हैं। यूरोप से ड्रोन और उपकरण भारत के रास्ते म्यांमार भेजे जा रहे थे, जिससे यह साफ होता है कि यह एक संगठित और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैला नेटवर्क है। 

 

 

कैसे काम कर रहा था पूरा नेटवर्क?

टूरिस्ट वीजा पर भारत में एंट्री,

गुवाहाटी के जरिए मिजोरम पहुंचना,

बिना परमिट के प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश,

अवैध रूप से म्यांमार सीमा पार करना,

उग्रवादी समूहों को तकनीकी ट्रेनिंग देना,

यह पूरा ऑपरेशन बेहद योजनाबद्ध तरीके से चलाया जा रहा था, जिससे सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ गई है।

सरकार का बयान और कानूनी कार्रवाई

विदेश मंत्रालय ने इस मामले पर स्पष्ट किया है कि सभी गिरफ्तारियां पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई हैं। यूक्रेनी नागरिकों के लिए काउंसलर एक्सेस का अनुरोध मिला है, जिस पर नियमों के अनुसार निर्णय लिया जाएगा। इस मामले में UAPA के तहत केस दर्ज किया गया है और आगे की जांच जारी है।

फर्जी खबरों पर सरकार की सख्त प्रतिक्रिया

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे दावों—जैसे 3,000 यूक्रेनी नागरिकों के भारत में घुसपैठ—को सरकार ने पूरी तरह फर्जी बताया है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें।

सुरक्षा एजेंसियों के लिए चेतावनी और सफलता

यह मामला जहां एक तरफ भारत की सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी सफलता है, वहीं यह चेतावनी भी है कि विदेशी नेटवर्क अब नई तकनीकों के जरिए भारत में घुसपैठ की कोशिश कर रहे हैं। NIA अब डिजिटल फुटप्रिंट, फंडिंग सोर्स और लोकल कनेक्शन की गहराई से जांच कर रही है। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां संभव हैं।

क्या है बड़ा सवाल?

क्या इस नेटवर्क का भारत में लोकल कनेक्शन है?

ड्रोन और उपकरण भारत के रास्ते कैसे भेजे गए?

क्या यह भारत विरोधी बड़ी साजिश का हिस्सा है?