दिल्ली अग्निकांड: मालवीय नगर होटल में 21 लोगों की मौत

Yash Kulkarni
0 सेकंड पहलेHamara media aisa hi hona chahiye, sach aur saaf.
Reyansh Joshi
0 सेकंड पहलेKya koi aur khabar bhi aane wali hai is topic par?
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के मालवीय नगर स्थित हौज रानी इलाके में हुए भीषण अग्निकांड ने पूरे देश को झकझोर दिया है। बुधवार सुबह होटल फ्लोरिश स्टे (Flourish Stay B&B) में लगी भयावह आग में अब तक 21 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें 11 विदेशी नागरिक और 10 भारतीय शामिल हैं। हादसे के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता तक ने गहरा दुख व्यक्त किया है।
होटल मालिक गिरफ्तार, लुकआउट सर्कुलर के बाद पुलिस की कार्रवाई
इस दर्दनाक हादसे के बाद दिल्ली पुलिस ने होटल के मालिक लवकेश बजाज को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने इससे पहले बजाज और उसकी पत्नी के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर भी जारी किया था, क्योंकि आशंका जताई जा रही थी कि दोनों देश छोड़कर फरार हो सकते हैं। फिलहाल पुलिस होटल संचालन में हुई कथित लापरवाही और सुरक्षा मानकों के उल्लंघन को लेकर गहन पूछताछ कर रही है।
बिना फायर एनओसी के चल रहा था होटल
प्रशासनिक जांच में सामने आया है कि होटल के पास अग्नि सुरक्षा (Fire NOC) से संबंधित आवश्यक अनुमति नहीं थी। अधिकारियों के अनुसार, जिस भवन को सीमित क्षमता वाले गेस्ट हाउस के रूप में मंजूरी मिली थी, वहां नियमों को दरकिनार कर बहुमंजिला होटल और रेस्टोरेंट संचालित किए जा रहे थे। इतना ही नहीं, होटल में निर्धारित क्षमता से लगभग चार गुना अधिक लोगों को ठहराया गया था।
मौत का कुआं बनी छह मंजिला इमारत
मुख्य अग्निशमन अधिकारी अभिलाष कुमार मलिक के अनुसार, इमारत में बेसमेंट और ग्राउंड फ्लोर सहित कुल छह मंजिलें थीं, लेकिन पूरे भवन में केवल एक सीढ़ी और एक लिफ्ट मौजूद थी। वेंटिलेशन की व्यवस्था लगभग नहीं थी और अधिकांश खिड़कियां स्थायी रूप से बंद थीं। आग लगने के बाद पूरा भवन चिमनी की तरह धुएं और गर्मी से भर गया, जिससे लोगों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला।
रेस्क्यू ऑपरेशन में बचाई गईं कई जानें
आग लगने की सूचना सुबह करीब 8:50 बजे दमकल विभाग को मिली, जिसके बाद आठ दमकल गाड़ियों को मौके पर भेजा गया। राहत और बचाव अभियान के दौरान 40 से अधिक लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया, जबकि कई गंभीर रूप से झुलसे लोगों को मैक्स अस्पताल सहित अन्य अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान एक दमकलकर्मी और कई पुलिसकर्मी भी घायल हुए।
विदेशी नागरिकों की मौत से बढ़ी चिंता
पुलिस के अनुसार मृतकों में नौ अफ्रीकी देशों के नागरिक और तुर्कमेनिस्तान के दो नागरिक शामिल हैं। विदेशी नागरिकों की बड़ी संख्या में मौत होने के कारण मामले को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी संवेदनशीलता बढ़ गई है। प्रशासन मृतकों की पहचान और उनके देशों से संपर्क स्थापित करने की प्रक्रिया में जुटा हुआ है।
मजिस्ट्रेट जांच के आदेश, कई सवालों के जवाब बाकी
दिल्ली सरकार ने पूरे मामले की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दे दिए हैं। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि भवन निर्माण नियमों, अग्नि सुरक्षा मानकों और होटल संचालन से जुड़े नियमों का उल्लंघन कैसे हुआ। इस हादसे ने राजधानी में संचालित हो रहे गेस्ट हाउस, होटल और रेस्तरां की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
राजधानी में सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल
मालवीय नगर का यह अग्निकांड केवल एक हादसा नहीं बल्कि सुरक्षा नियमों की अनदेखी का भयावह उदाहरण बनकर सामने आया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि भवन में पर्याप्त निकास मार्ग, फायर प्रोटेक्शन सिस्टम और वेंटिलेशन की व्यवस्था होती, तो इतनी बड़ी जनहानि टाली जा सकती थी। अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट और दोषियों पर होने वाली कार्रवाई पर टिकी हुई है।



