शोएब अख्तर के भाई के जनाजे पर विवाद: सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीर और वीडियो

Anjali Patil
0 सेकंड पहलेIs update ka bahut intezaar tha.
Reyansh Joshi
0 सेकंड पहलेYeh padh ke ankhe khul gayi, sabko dikhao.
Arjun Singh
0 सेकंड पहलेYeh khabar sabko share karni chahiye!
पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर के बड़े भाई शाहिद अख्तर के जनाजे को लेकर नया विवाद सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो और तस्वीरों में प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) और उससे जुड़े बताए जाने वाले राजनीतिक संगठन पाकिस्तान मरकजी मुस्लिम लीग (PMML) के कुछ नेताओं की कथित मौजूदगी का दावा किया जा रहा है। इन तस्वीरों के सामने आने के बाद पाकिस्तान में आतंकवादी संगठनों की सार्वजनिक गतिविधियों और उन्हें मिलने वाले कथित संरक्षण पर एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि, वायरल वीडियो और तस्वीरों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
24 जून को हुआ था शाहिद अख्तर का निधन
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, शोएब अख्तर के बड़े भाई शाहिद अख्तर का 24 जून को दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया था। उन्हें इस्लामाबाद के एच-8 कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक किया गया। जनाजे में पाकिस्तान के राजनीतिक, सामाजिक और खेल जगत से जुड़े कई लोग शामिल हुए। स्वयं शोएब अख्तर ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपने भाई के निधन की जानकारी साझा करते हुए शोक व्यक्त किया था।
वायरल वीडियो में किन लोगों की मौजूदगी का दावा?
सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो और तस्वीरों में पाकिस्तान मरकजी मुस्लिम लीग (PMML) के इस्लामाबाद प्रमुख इनाम-उर-रहमान कम्बोह, उप महासचिव अब्दुल्ला तूर, क्षेत्रीय महासचिव हाफिज उमर तथा अन्य नेताओं के दिखाई देने का दावा किया जा रहा है। कुछ रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि लश्कर-ए-तैयबा के वरिष्ठ सदस्य बताए जाने वाले सैफुल्लाह कसूरी भी इस कार्यक्रम में मौजूद थे। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अब तक नहीं हो पाई है।
कौन है सैफुल्लाह कसूरी?
भारतीय सुरक्षा एजेंसियां सैफुल्लाह कसूरी को 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के प्रमुख साजिशकर्ताओं में शामिल मानती हैं। इस हमले में कई पर्यटकों की जान गई थी। भारत ने हमले के बाद आतंकवाद के खिलाफ कई कड़े कदम उठाए थे, जिनमें ऑपरेशन सिंदूर और अन्य सुरक्षा कार्रवाइयां शामिल थीं। भारत लंबे समय से पाकिस्तान पर आतंकवादी संगठनों को संरक्षण देने का आरोप लगाता रहा है।
PMML पर पहले भी लगते रहे हैं आरोप
पाकिस्तान मरकजी मुस्लिम लीग (PMML) को लेकर लंबे समय से आरोप लगाए जाते रहे हैं कि यह प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े लोगों का राजनीतिक मंच है। हालांकि, पाकिस्तान में इस संगठन की ओर से इन आरोपों को खारिज किया जाता रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हाफिज सईद और उससे जुड़े कई संगठनों पर प्रतिबंध लागू हैं।
शोएब अख्तर पर भी उठे सवाल
जनाजे में कथित तौर पर प्रतिबंधित संगठनों से जुड़े लोगों की मौजूदगी के दावों के बाद सोशल मीडिया पर शोएब अख्तर को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, अभी तक ऐसा कोई प्रमाण सामने नहीं आया है जिससे यह साबित हो कि इन लोगों को कार्यक्रम में स्वयं शोएब अख्तर ने आमंत्रित किया था। इस पूरे मामले पर शोएब अख्तर की ओर से भी अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
पाकिस्तान की भूमिका पर फिर छिड़ी बहस
इस घटनाक्रम के बाद पाकिस्तान में आतंकवादी संगठनों की कथित सार्वजनिक मौजूदगी और उनके प्रभाव को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। भारत सहित कई देश पहले भी पाकिस्तान पर अपनी जमीन पर सक्रिय आतंकी नेटवर्क के खिलाफ पर्याप्त कार्रवाई न करने का आरोप लगाते रहे हैं। वायरल वीडियो ने एक बार फिर इन आरोपों को चर्चा के केंद्र में ला दिया है। हालांकि, मामले से जुड़े कई दावों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।



