लखनऊ अग्निकांड: कोचिंग सेंटर में लगी भीषण आग
Ishaan Tiwari
0 सेकंड पहलेHamara media aisa hi hona chahiye, sach aur saaf.
Anika Rajput
0 सेकंड पहलेKya koi aur khabar bhi aane wali hai is topic par?
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में स्थित एक कोचिंग एवं एनिमेशन संस्थान में लगी भीषण आग ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया। सोमवार दोपहर करीब 2:15 बजे चार मंजिला इमारत में आग लगने के बाद वहां मौजूद छात्र-छात्राओं और कर्मचारियों के बीच अफरा-तफरी मच गई। देखते ही देखते आग और धुएं ने पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे कई लोग अंदर फंस गए।
चार घंटे तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन
घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग, पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं। आग पर काबू पाने और लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए हाइड्रोलिक क्रेन, सीढ़ियों और विशेष बचाव उपकरणों का उपयोग किया गया। करीब चार घंटे की मशक्कत के बाद शाम 6:30 बजे आग पर पूरी तरह नियंत्रण पाया जा सका। इस दौरान कई लोगों को खिड़कियों और एसी पाइपों के सहारे बाहर निकलने की कोशिश करते देखा गया।
15 लोगों की मौत, कई घायल
इस दर्दनाक हादसे में छात्र-छात्राओं और कर्मचारियों समेत 15 लोगों की मौत हो गई, जबकि कम से कम 9 लोग घायल बताए जा रहे हैं। घायलों को तत्काल ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है। मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और अस्पताल से लेकर घटनास्थल तक शोक का माहौल बना हुआ है।
सुरक्षा इंतजामों पर उठे सवाल
हादसे के बाद इमारत की सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मृतकों के परिजनों और प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि भवन में पर्याप्त अग्निशमन सुविधाएं उपलब्ध नहीं थीं। कुछ परिजनों का दावा है कि अंदर आने-जाने के लिए केवल एक मुख्य गेट था, जो थंब इम्प्रेशन सिस्टम से संचालित होता था। आग लगने के बाद सिस्टम के काम करना बंद कर देने से कई लोग बाहर निकलने का रास्ता नहीं खोज सके।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताई भयावह स्थिति
घटनास्थल पर मौजूद लोगों के अनुसार आग लगने के बाद धुआं इतनी तेजी से फैला कि लोगों को संभलने का मौका ही नहीं मिला। कई छात्रों ने जान बचाने के लिए खिड़कियां तोड़ीं और ऊपरी मंजिलों से कूदने का प्रयास किया। प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों का कहना है कि यदि सुरक्षा मानकों का पालन किया गया होता तो इतनी बड़ी जनहानि टाली जा सकती थी।
मुख्यमंत्री ने किया मुआवजे का ऐलान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये तथा गंभीर रूप से घायल लोगों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। साथ ही घटना की जांच के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि आग लगने के कारणों और संभावित लापरवाही की जिम्मेदारी तय की जा सके।
जांच के बाद सामने आएंगे कई अहम तथ्य
फिलहाल प्रशासन आग लगने के वास्तविक कारणों की जांच कर रहा है। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि भवन में अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं। शुरुआती आरोपों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिनका जवाब जांच रिपोर्ट के बाद ही सामने आ सकेगा।



