हाथरस केस पर फिर गरमाई सियासत: डॉक्यूमेंट्री के नए दावों से उठे कई बड़े सवाल
Ishaan Tiwari
0 सेकंड पहलेChunav ke baad sab bhool jaate hain, yahi haqeeqat hai.
Diya Gupta
0 सेकंड पहलेNeta ji ko yeh khabar zaroor dikhni chahiye!
Pihu Agarwal
0 सेकंड पहलेNishpaksh patrakarita ke liye shukriya, aise media chahiye.
Vaishali shinde
1 घंटे पहलेChunav ke baad sab bhool jaate hain, yahi haqeeqat hai.
Kavya Mishra
1 घंटे पहलेYeh rajneeti ka asli chehra hai.
हाथरस मामले को लेकर एक बार फिर देशभर में राजनीतिक और सामाजिक बहस तेज हो गई है। हाल ही में इस केस पर बनी एक डॉक्यूमेंट्री में कई नए दावे और कथित सबूत सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों के बीच तीखी चर्चा शुरू हो गई है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि यदि डॉक्यूमेंट्री में इतने गंभीर आरोप और तथ्य सामने आए हैं, तो क्या मामले की दोबारा जांच होगी या फिर कोई नई कार्रवाई की जाएगी।
डॉक्यूमेंट्री में सामने आए चौंकाने वाले दावे
डॉक्यूमेंट्री में शामिल कुछ बयानों ने पूरे मामले को फिर से सुर्खियों में ला दिया है। इसमें एक गाइनिकॉलोजिस्ट का बयान भी शामिल है, जिसमें दावा किया गया कि पीड़िता को अस्पताल लाने से पहले उसे नहलाया गया था और कई अहम सबूत मिटा दिए गए थे। डॉक्टर ने यह भी कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि जांच के दौरान सच सामने आ जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
पीड़िता के बयान को लेकर भी उठे सवाल
डॉक्यूमेंट्री में यह दावा भी किया गया है कि पीड़िता ने अपने साथ गलत होने की बात कही थी, लेकिन उसके बयान को गंभीरता से नहीं लिया गया। आरोप लगाया गया कि मामले की जांच को कमजोर किया गया ताकि आरोपियों को फायदा मिल सके। साथ ही यह भी कहा गया कि कई अहम सबूत अदालत में पेश ही नहीं किए गए, जो मामले की दिशा बदल सकते थे।
कांग्रेस ने की दोबारा जांच की मांग
कांग्रेस ने इस पूरे मामले में दोबारा जांच की मांग उठाई है। महिला कांग्रेस अध्यक्ष अलका लाम्बा ने कहा कि डॉक्यूमेंट्री में कई नए तथ्य सामने आए हैं, लेकिन अब तक इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि पीड़िता के परिवार की बातों को नजरअंदाज किया गया और जांच प्रक्रिया में गंभीर लापरवाही बरती गई।
“समय पर सबूत जुटाए जाते तो मिल सकती थी सख्त सजा”
अलका लाम्बा ने कहा कि यदि समय रहते सही तरीके से सबूत जुटाए जाते और उन्हें अदालत में पेश किया जाता, तो दोषियों को कड़ी सजा मिल सकती थी। कांग्रेस ने यह भी सवाल उठाया कि डॉक्यूमेंट्री में सामने आए दावों पर उत्तर प्रदेश पुलिस अब तक चुप क्यों है और मामले में आगे क्या कदम उठाए जाएंगे।
सोशल मीडिया पर बंटी राय
हाथरस मामले पर बनी इस डॉक्यूमेंट्री के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की राय दो हिस्सों में बंटी दिखाई दे रही है। एक पक्ष निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग कर रहा है, जबकि दूसरा पक्ष डॉक्यूमेंट्री में किए गए दावों की सत्यता पर सवाल उठा रहा है। ट्विटर, फेसबुक और अन्य प्लेटफॉर्म्स पर इस मुद्दे को लेकर लगातार बहस जारी है।
आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार
फिलहाल इस पूरे मामले में संबंधित एजेंसियों और उत्तर प्रदेश पुलिस की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है। लोगों की नजर अब इस बात पर टिकी हुई है कि क्या इन नए दावों के बाद सरकार या जांच एजेंसियां कोई नई कार्रवाई करती हैं या नहीं।




