NEET पेपर लीक पर सुप्रिया श्रीनेत का सरकार पर हमला: बोलीं- ‘जिम्मेदारों पर कार्रवाई छोड़ Telegram को बनाया निशाना’
Myra Dubey
0 सेकंड पहलेAam janta ka kya hoga? Koi nahi socha inke baare mein.
NEET पेपर लीक मामले को लेकर कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और सोशल मीडिया चेयरमैन सुप्रिया श्रीनेत ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। एक वीडियो संदेश जारी करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपनी नाकामी छिपाने के लिए तकनीकी प्लेटफॉर्म्स को दोषी ठहरा रही है, जबकि असली जिम्मेदारों पर कार्रवाई नहीं की जा रही है।
NTA की जवाबदेही पर उठाए सवाल
सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) सीधे केंद्र सरकार के अधीन कार्य करती है। ऐसे में देश की सबसे महत्वपूर्ण मेडिकल प्रवेश परीक्षा में पेपर लीक जैसी गंभीर घटना होने के बावजूद सरकार जवाबदेही तय करने से बच रही है। उन्होंने कहा कि परीक्षा आयोजित कराने वाली संस्था और उससे जुड़े अधिकारियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
‘Telegram को बलि का बकरा बनाया जा रहा’
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि सरकार पूरे मामले का दोष Telegram जैसे प्लेटफॉर्म पर डालकर वास्तविक मुद्दे से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है। उनके अनुसार लाखों छात्र अपनी पढ़ाई, नोट्स और स्टडी मटेरियल के लिए Telegram का उपयोग करते हैं। ऐसे में प्लेटफॉर्म के खिलाफ कार्रवाई का माहौल बनाना छात्रों के हितों के खिलाफ है।
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि पेपर लीक सरकार की नाक के नीचे हुआ, लेकिन अब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इसकी नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा नहीं दिया है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि परीक्षा प्रणाली में इतनी बड़ी चूक हुई है तो जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ अब तक कठोर कदम क्यों नहीं उठाए गए।
निष्पक्ष जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग
कांग्रेस नेता ने दावा किया कि इस पूरे मामले में करोड़ों रुपये के घोटाले और प्रभावशाली लोगों की भूमिका की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने मांग की कि मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कर दोषियों को कानून के अनुसार सख्त सजा दी जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
राजनीतिक बयानबाजी तेज
NEET पेपर लीक विवाद को लेकर राजनीतिक बयानबाजी लगातार तेज होती जा रही है। एक ओर विपक्ष सरकार से जवाबदेही और कार्रवाई की मांग कर रहा है, वहीं सरकार और संबंधित एजेंसियां मामले की जांच और सुधारात्मक कदमों का दावा कर रही हैं। इस बीच लाखों छात्रों और अभिभावकों की नजरें जांच के परिणामों पर टिकी हुई हैं।





