राम मंदिर चंदा विवाद पर रवि किशन का पलटवार: 'जिसने पाप किया है, उसे सख्त सजा मिलेगी’

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Myra Dubey

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Yeh sirf ek ghar ki nahi, pure samaj ki baat hai.

Sai Mehta

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Community ko mil ke aage aana hoga is mudde par.

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राम मंदिर चढ़ावा और चंदा प्रबंधन को लेकर उठे सवालों के बीच उत्तर प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा सांसद रवि किशन ने विपक्षी दल समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि यदि किसी ने भी कोई गलत काम किया है तो उसे कानून के तहत कड़ी से कड़ी सजा दी जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि मोदी-योगी सरकार में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

 

रवि किशन बोले- सपा को चिंता करने की जरूरत नहीं

बलिया दौरे पर मीडिया से बातचीत के दौरान रवि किशन ने समाजवादी पार्टी को उसके पुराने रुख की याद दिलाई। उन्होंने कहा कि जो लोग वर्षों तक राम मंदिर और भगवान राम के विरोध में राजनीति करते रहे, वे आज मंदिर के शुभचिंतक बनने का प्रयास कर रहे हैं। भाजपा सांसद ने कहा, “जिसने भी पाप किया है, उसे सख्त सजा मिलेगी। सपा को चिंता करने की जरूरत नहीं है। ये लोग पहले राम विरोधी रहे हैं।”

उन्होंने आगे कहा कि देश और प्रदेश में कानून का राज है और किसी भी प्रकार की अनियमितता सामने आने पर निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी।

 

दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा: भाजपा सांसद

रवि किशन ने भरोसा दिलाया कि सरकार पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है। उन्होंने कहा कि यदि जांच में कोई भी व्यक्ति दोषी पाया जाता है, चाहे उसका पद या प्रभाव कुछ भी हो, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होगी। भाजपा सांसद के अनुसार सरकार की प्राथमिकता पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है।

 

अखिलेश यादव ने उठाए गंभीर सवाल

दूसरी ओर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने मांग की कि राम मंदिर से जुड़े सभी वित्तीय और प्रशासनिक मामलों की बहुसदस्यीय न्यायिक जांच कराई जाए। अखिलेश का कहना है कि जांच के दायरे में ट्रस्टी, समिति सदस्य और प्रशासनिक अधिकारी सभी को शामिल किया जाना चाहिए।

उन्होंने आरोप लगाया कि बड़े स्तर पर अनियमितताओं की आशंका है और बिना मिलीभगत के ऐसे मामले संभव नहीं होते।

 

चढ़ावे से जमीन और शिलाओं तक पहुंचा विवाद

अखिलेश यादव ने दावा किया कि विवाद केवल चढ़ावे तक सीमित नहीं है। उनके अनुसार मामला चंदे, जमीन खरीद और कथित रूप से करोड़ों-अरबों रुपये मूल्य की श्रीराम शिलाओं तक पहुंच चुका है। उन्होंने भाजपा से जुड़े सहयोगियों और संबंधित पदाधिकारियों की संपत्तियों तथा वित्तीय लेन-देन की जांच कराने की भी मांग की।

 

2027 चुनाव तक गूंज सकता है मुद्दा

राम मंदिर चढ़ावा विवाद को लेकर भाजपा और समाजवादी पार्टी के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर लगातार जारी है। जहां भाजपा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा जता रही है, वहीं विपक्ष पूरे मामले की न्यायिक जांच की मांग कर रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मुद्दा आने वाले समय में उत्तर प्रदेश की राजनीति और 2027 विधानसभा चुनाव की बहस का प्रमुख विषय बन सकता है।

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