भोपाल कोर्टयार्ड बाय मैरियट पर FSSAI की कार्रवाई: फूड लाइसेंस निलंबित

Reyansh Joshi
0 सेकंड पहलेPeedit logo ke saath poori tarah sahmat hoon.
राजधानी भोपाल के प्रतिष्ठित पंचसितारा होटल कोर्टयार्ड बाय मैरियट को लेकर खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन का मामला सामने आया है। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने निरीक्षण के दौरान गंभीर अनियमितताएं मिलने पर होटल का केंद्रीय फूड लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था। हालांकि होटल प्रबंधन द्वारा त्वरित सुधारात्मक कार्रवाई और विस्तृत अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत किए जाने के बाद महज 24 घंटे के भीतर लाइसेंस बहाल कर दिया गया।
शिकायत के बाद हुई संयुक्त जांच
जानकारी के अनुसार, डीबी सिटी परिसर स्थित कोर्टयार्ड बाय मैरियट होटल के संबंध में होटल परिसर में चूहों की मौजूदगी की शिकायत प्राप्त हुई थी। शिकायत मिलने के बाद राज्य खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) तथा एफएसएसएआई की संयुक्त टीम ने होटल का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने होटल की रसोई, स्टोर रूम और अन्य खाद्य भंडारण क्षेत्रों का विस्तृत परीक्षण किया।
निरीक्षण में सामने आईं कई गंभीर खामियां
जांच के दौरान होटल की स्वच्छता व्यवस्था संतोषजनक नहीं पाई गई। अधिकारियों को रसोई और स्टोर क्षेत्र में साफ-सफाई की कमी, खाद्य पदार्थों के अनुचित भंडारण तथा खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन से जुड़ी कई अनियमितताएं मिलीं। निरीक्षण टीम ने पाया कि कुछ स्थानों पर शाकाहारी और मांसाहारी खाद्य सामग्री को अलग-अलग रखने के नियमों का पालन नहीं किया जा रहा था।
इसके अलावा ड्राई स्टोरेज क्षेत्र की दीवारों का पेंट उखड़ा हुआ मिला, जबकि कोल्ड स्टोरेज में खराब और सड़ी हुई सब्जियां भी पाई गईं। कुछ हिस्सों में काकरोचों की मौजूदगी के संकेत भी मिले।
रिकॉर्ड में मिले चूहों और अन्य कीटों के संकेत
हालांकि निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को प्रत्यक्ष रूप से चूहों की गतिविधियां दिखाई नहीं दीं, लेकिन पेस्ट कंट्रोल से जुड़े रिकॉर्ड और दस्तावेजों की जांच में चूहों और छिपकलियों की मौजूदगी संबंधी कई टिप्पणियां दर्ज मिलीं। इससे होटल में कीट नियंत्रण व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हुए।
सार्वजनिक स्वास्थ्य को देखते हुए लिया गया बड़ा फैसला
एफएसएसएआई ने इन कमियों को सार्वजनिक स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा मानते हुए होटल का केंद्रीय खाद्य लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था। साथ ही होटल प्रबंधन को सभी खामियां दूर करने और खाद्य सुरक्षा मानकों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
होटल प्रबंधन ने प्रस्तुत की 157 पेज की रिपोर्ट
कार्रवाई के बाद होटल प्रबंधन ने व्यापक सुधारात्मक कदम उठाए। प्रबंधन ने एफएसएसएआई को 157 पृष्ठों की विस्तृत अनुपालन रिपोर्ट सौंपी, जिसमें बताया गया कि कच्चे माल की प्राप्ति वाले क्षेत्र में नए दरवाजे लगाए गए हैं, कीटों और कृंतकों के प्रवेश को रोकने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा उपाय किए गए हैं तथा रसोई और स्टोरेज क्षेत्रों में विशेष सफाई एवं सैनिटाइजेशन अभियान चलाया गया है।
चेतावनी के साथ बहाल हुआ लाइसेंस
एफएसएसएआई ने होटल द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों और सुधारात्मक उपायों की समीक्षा के बाद उन्हें संतोषजनक माना। इसके बाद होटल का खाद्य लाइसेंस बहाल कर दिया गया। हालांकि प्रबंधन को भविष्य में खाद्य सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन करने तथा सुधारात्मक उपायों को निरंतर बनाए रखने की चेतावनी भी दी गई है।
खाद्य सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
इस पूरे घटनाक्रम ने बड़े और प्रतिष्ठित होटलों में खाद्य सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर नई बहस छेड़ दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि ग्राहकों के स्वास्थ्य और विश्वास को बनाए रखने के लिए होटल एवं रेस्टोरेंट उद्योग में नियमित निरीक्षण और कड़े मानकों का पालन बेहद आवश्यक है।







