ड्रग्स रूल्स 1945 में बड़ा बदलाव: अब बिना डॉक्टर की पर्ची नहीं मिलेगी कफ सिरप

अब बिना डॉक्टर की पर्ची नहीं मिलेगी कफ सिरप
प्रतिक्रियाएँ
Aditya Verma

Aditya Verma

0 सेकंड पहले

Hum is cause ke saath hain, awaaz uthani chahiye.

Dhruv Bhatt

Dhruv Bhatt

0 सेकंड पहले

Community ko mil ke aage aana hoga is mudde par.

CommentsReactionsFeedback

केंद्र सरकार ने दवाओं की बिक्री को लेकर एक बड़ा और महत्वपूर्ण फैसला लिया है। अब देशभर में कफ सिरप समेत किसी भी औषधीय सिरप को खरीदने के लिए डॉक्टर की पर्ची (प्रिस्क्रिप्शन) अनिवार्य होगी। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, बिना डॉक्टर की सलाह के मेडिकल स्टोर से सिरप खरीदना संभव नहीं होगा।
सरकार ने यह कदम दवाओं के सुरक्षित उपयोग को सुनिश्चित करने और गलत तरीके से दवाओं के इस्तेमाल पर रोक लगाने के उद्देश्य से उठाया है। नए नियम लागू होने के बाद सभी दवा विक्रेताओं और फार्मेसियों को निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा।

 

ड्रग्स रूल्स 1945 में किया गया संशोधन
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने ‘ड्रग्स (पांचवां संशोधन) नियम, 2026’ के तहत ड्रग्स रूल्स, 1945 में संशोधन किया है। इस संशोधन के तहत शेड्यूल K की सूची से “Syrups” शब्द को हटा दिया गया है। अब तक शेड्यूल K के अंतर्गत कुछ दवाओं को विशेष परिस्थितियों में बिना डॉक्टर की पर्ची के बेचने की छूट प्राप्त थी। लेकिन सिरप को इस सूची से हटाए जाने के बाद अब उन पर भी सामान्य नियामकीय प्रावधान लागू होंगे और उनकी बिक्री डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन के आधार पर ही की जा सकेगी।

 

अब नहीं होगी ओवर-द-काउंटर बिक्री
नए नियम के बाद कफ सिरप सहित सभी प्रकार की औषधीय सिरप दवाओं की ओवर-द-काउंटर (OTC) बिक्री बंद हो जाएगी। इसका मतलब है कि ग्राहक सीधे मेडिकल स्टोर से सिरप नहीं खरीद सकेंगे। फार्मासिस्ट को दवा देने से पहले पंजीकृत चिकित्सक द्वारा जारी वैध प्रिस्क्रिप्शन देखना आवश्यक होगा। नियमों का उल्लंघन करने वाले दवा विक्रेताओं के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

 

बच्चों की सुरक्षा और दवा गुणवत्ता पर फोकस
सरकार का यह फैसला ऐसे समय में आया है जब पिछले कुछ वर्षों में दूषित और घटिया गुणवत्ता वाले कफ सिरप के कारण बच्चों की मौत के कई मामले सामने आए थे। विशेष रूप से मध्य प्रदेश और राजस्थान में हुई घटनाओं ने दवाओं की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा की थीं। स्वास्थ्य मंत्रालय का मानना है कि नए नियमों से दवाओं के दुरुपयोग पर रोक लगेगी और विशेष रूप से बच्चों को दी जाने वाली सिरप दवाओं की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।

 

जनता और विशेषज्ञों से सुझाव लेने के बाद लागू हुआ नियम
सरकार ने इस संशोधन का प्रारूप दिसंबर 2025 में जारी किया था और इस पर आम जनता, फार्मा उद्योग तथा अन्य हितधारकों से सुझाव और आपत्तियां आमंत्रित की थीं। प्राप्त सुझावों पर विचार करने के बाद अंतिम अधिसूचना जारी की गई।
मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि यह संशोधन ड्रग्स टेक्निकल एडवाइजरी बोर्ड से परामर्श के बाद लागू किया गया है और इसका उद्देश्य दवा वितरण प्रणाली को अधिक सुरक्षित और जवाबदेह बनाना है।

 

फार्मेसियों को दी गई सख्त चेतावनी
स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी दवा वितरकों और खुदरा विक्रेताओं को निर्देश दिया है कि वे नए नियमों का पूरी तरह पालन करें। बिना डॉक्टर की पर्ची के सिरप बेचने पर कार्रवाई की जा सकती है। मंत्रालय ने कहा है कि नियमों की अनदेखी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी।

प्रतिक्रियाएँ
Aditya Verma

Aditya Verma

0 सेकंड पहले

Hum is cause ke saath hain, awaaz uthani chahiye.

Dhruv Bhatt

Dhruv Bhatt

0 सेकंड पहले

Community ko mil ke aage aana hoga is mudde par.

CommentsReactionsFeedback

खबरे और भी है...