जम्मू में भव्य मैराथन आयोजन का आगाज़: युवाओं में दिखा जबरदस्त उत्साह और जोश
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जम्मू शहर रविवार सुबह खेल और उत्साह के रंग में रंगा नजर आया, जब बहुप्रतीक्षित जम्मू मैराथन का भव्य आयोजन किया गया। इस मैराथन का शुभारंभ जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने किया। हजारों की संख्या में युवा, खिलाड़ी और आम नागरिक इस आयोजन का हिस्सा बने, जिससे पूरे शहर में एक सकारात्मक और ऊर्जावान माहौल देखने को मिला।
खेलों से जुड़ा, युवाओं को जोड़ता आयोजन
जम्मू मैराथन केवल एक दौड़ प्रतियोगिता नहीं थी, बल्कि यह युवाओं को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और खेलों के प्रति जागरूक करने का एक मजबूत मंच साबित हुई। अलग-अलग आयु वर्ग के प्रतिभागियों ने इसमें हिस्सा लिया। पुरुष और महिला धावकों के साथ-साथ स्कूल और कॉलेज के छात्रों की भागीदारी ने आयोजन को और खास बना दिया।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला का स्पष्ट संदेश
मैराथन को हरी झंडी दिखाने के बाद मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने अपने संबोधन में कहा,
“खेलों में राजनीति नहीं होनी चाहिए। खेल का उद्देश्य समाज को जोड़ना, युवाओं को आगे बढ़ने का मौका देना और उन्हें सकारात्मक दिशा में प्रेरित करना है।”
उन्होंने यह भी कहा कि खेल किसी भी क्षेत्र की असली ताकत को दर्शाते हैं और युवाओं की ऊर्जा को सही दिशा देने का सबसे प्रभावी माध्यम हैं।
युवाओं के लिए प्रेरणा, समाज के लिए संदेश
मुख्यमंत्री ने युवाओं से आह्वान किया कि वे खेलों को अपने जीवन का अहम हिस्सा बनाएं। उन्होंने कहा कि खेल न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाते हैं, बल्कि अनुशासन, टीमवर्क और आत्मविश्वास भी सिखाते हैं। साथ ही, खेल युवाओं को नशा और नकारात्मक गतिविधियों से दूर रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
जम्मू-कश्मीर की सकारात्मक छवि
सीएम उमर अब्दुल्ला ने कहा कि इस तरह के आयोजन जम्मू-कश्मीर की सकारात्मक छवि को देश और दुनिया के सामने प्रस्तुत करते हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार भविष्य में भी ऐसे खेल आयोजनों को बढ़ावा देगी, ताकि राज्य के युवा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकें।
शांतिपूर्ण और सफल आयोजन
मैराथन के दौरान सुरक्षा और व्यवस्थाओं के पुख्ता इंतज़ाम किए गए थे। स्थानीय प्रशासन, स्वयंसेवकों और खेल संगठनों के सहयोग से कार्यक्रम शांतिपूर्ण और सफल रहा। दर्शकों ने तालियों और उत्साह के साथ धावकों का हौसला बढ़ाया, जिससे पूरे आयोजन में एकता और भाईचारे का संदेश साफ दिखाई दिया।
सिर्फ दौड़ नहीं, एक उम्मीद
जम्मू मैराथन एक खेल आयोजन से कहीं आगे बढ़कर युवा शक्ति, शांति और उम्मीद का प्रतीक बनकर सामने आई। इसने यह संदेश दिया कि खेल समाज को जोड़ सकते हैं और राजनीति से ऊपर उठकर लोगों को एक साझा मंच पर ला सकते हैं।
इस आयोजन ने साबित कर दिया कि जम्मू-कश्मीर के युवा आगे बढ़ने को तैयार हैं—बस उन्हें सही मंच और प्रोत्साहन की जरूरत है।





