50 साल बाद इतिहास: इंसानों को चंद्रमा के करीब ले गया

इंसानों को चंद्रमा के करीब ले गया
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मंगलवार, 7 अप्रैल को नासा के आर्टेमिस-2 मिशन के चार अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा की चारों ओर यात्रा करने में सफल रहे। 50 साल से अधिक समय के बाद इंसान फिर चंद्रमा के बेहद करीब पहुंचा है। इस ऐतिहासिक मिशन के तहत ओरियन अंतरिक्ष यान ने डीप स्पेस में प्रवेश किया, जहां पहले केवल अपोलो मिशन का दबदबा था।

लूनर फ्लाईबाय: चंद्रमा का कॉस्मिक पिवट
लूनर फ्लाईबाय वह तकनीक है जिसमें अंतरिक्ष यान चंद्रमा के पास से गुजरता है, लेकिन उसकी कक्षा में रुकने के लिए इंजन का इस्तेमाल नहीं करता। आर्टेमिस-2 क्रू ने फ्री-रिटर्न ट्राजेक्टरी का उपयोग किया, जिसमें चंद्रमा के गुरुत्वाकर्षण का प्राकृतिक स्लिंगशॉट की तरह फायदा लिया गया। यह मार्ग बेहद सुरक्षित माना जाता है और मिशन को बिना किसी बड़े इंजन के पृथ्वी की ओर लौटने में मदद करता है।

चंद्रमा का दूरस्थ हिस्सा और नई खोजें
क्रू ने चंद्रमा के उस हिस्से का अध्ययन किया, जो हमेशा पृथ्वी से दूर रहता है। यह हिस्सा गड्ढों से भरा है और इसे मारिया जैसे चिकने मैदान नहीं हैं। आर्टेमिस-2 ने इस दौरान चंद्रमा की सतह पर भूरे और नीले नए शेड्स भी देखे। Christina Koch ने बताया कि चंद्रमा पास से ज्यादा भूरा दिखाई देता है।

अपोलो 13 का रिकॉर्ड टूटा
अंतरिक्ष यात्रियों ने पृथ्वी से 2,52,752 मील की दूरी तय कर 1970 के Apollo 13 का रिकॉर्ड (2,48,655 मील) तोड़ दिया। यह मानव इतिहास में अब तक की सबसे लंबी दूरी है। इस मिशन ने चंद्रमा के दूरस्थ हिस्से की सतही संरचनाओं जैसे Reiner Gamma और Glushko crater का अध्ययन किया।

मिशन में शामिल अंतरिक्ष यात्री
रीड वाइजमैन (Reid Wiseman),
विक्टर ग्लोवर (Victor Glover),
क्रिस्टीना कोच (Christina Koch),
जेरेमी हैनसेन (Jeremy Hansen),
तीन अमेरिकी और एक कनाडाई अंतरिक्ष यात्री लगातार शिफ्ट में काम करते हुए डेटा और तस्वीरें इकट्ठा कर रहे हैं।

चंद्रमा पर नए क्रेटर का नामकरण
मिशन के दौरान दो नए क्रेटर बनाए गए – Integrity (कैप्सूल के नाम पर) और Carol (कमांडर Reid Wiseman की पत्नी के सम्मान में)। इस ऐतिहासिक क्षण ने अंतरिक्ष यात्रियों को भावुक कर दिया।

भविष्य की योजना: चंद्रमा और मंगल
आर्टेमिस-2 मिशन चंद्रमा पर इंसानों की वापसी और Mars तक भविष्य के मानव मिशनों की तैयारी का अहम कदम है। नासा का लक्ष्य चंद्रमा पर स्थायी बेस बनाना और अंतरिक्ष में नई संभावनाओं का रास्ता खोलना है। अगले दो साल में चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के पास मानव भेजने की योजना है।

अंतरिक्ष यात्रियों के अनुभव
जेरेमी हैनसेन: “यह क्षण अगली पीढ़ी को चुनौती देने का है।”
क्रिस्टीना कोच: “धरती से फिर संपर्क करके बहुत अच्छा लगा। चंद्रमा पास से ज्यादा भूरा और जीवंत दिखाई दे रहा है।”
विक्टर ग्लोवर ने बताया कि कुछ पहाड़ियां इतनी चमकदार थीं, जैसे उन पर बर्फ जमी हो।

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