डिजिटल अरेस्ट गैंग के 3 सदस्य गिरफ्तार: CBI और ATS अधिकारी बनकर ठगी

CBI और ATS अधिकारी बनकर ठगी
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Ritika Ghosh

Ritika Ghosh

2 महीने पहले

Yeh incident sun ke dil bhaari ho gaya.

Anjali Patil

Anjali Patil

2 महीने पहले

Peedit ko jald se jald nyay milna chahiye.

Monika Das

Monika Das

2 महीने पहले

CBI ya SIT jaanch honi chahiye is mamle mein.

Ritika Ghosh

Ritika Ghosh

2 महीने पहले

Poori detail share karein, hum aur jaanna chahte hain.

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डिजिटल अरेस्ट गैंग का भंडाफोड़  दिल्ली पुलिस ने एक बड़े साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए पश्चिम बंगाल से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि यह गिरोह लोगों को डराकर पैसे वसूलने का काम करता था। पुलिस के अनुसार आरोपी खुद को जांच एजेंसियों का अधिकारी बताकर लोगों को निशाना बनाते थे। मामले की विस्तृत जांच जारी है। पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों की भी तलाश कर रही है।


महिला को वीडियो कॉल पर डराया गया
आरोपियों ने एक महिला को व्हाट्सएप वीडियो कॉल किया और खुद को CBI तथा ATS अधिकारी बताया। उन्होंने महिला को कथित कानूनी कार्रवाई और गिरफ्तारी का डर दिखाया। पुलिस के अनुसार आरोपी लगातार दबाव बनाकर महिला को डराते रहे। महिला घबराकर उनकी बातों में आ गई। इसके बाद उससे बड़ी रकम ठग ली गई।


 7.22 लाख रुपये की ठगी
जांच में पता चला कि आरोपियों ने महिला से कुल 7.22 लाख रुपये अपने खातों में ट्रांसफर करवा लिए। आरोपी फर्जी पहचान और डर का माहौल बनाकर लोगों से पैसे ऐंठते थे। पुलिस अब ठगी की रकम के लेनदेन की जांच कर रही है। बैंक खातों और डिजिटल रिकॉर्ड को खंगाला जा रहा है। मामले में और खुलासे होने की संभावना है।

 

 पश्चिम बंगाल से हुई गिरफ्तारी
दिल्ली पुलिस की साइबर टीम ने तकनीकी जांच और डिजिटल ट्रैकिंग के आधार पर पश्चिम बंगाल में कार्रवाई की। वहां से गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार आरोपियों से पूछताछ जारी है। उनके मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल उपकरण जब्त किए गए हैं। इनसे कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिलने की उम्मीद है।


डिजिटल अरेस्ट से रहें सावधान
पुलिस ने लोगों को चेतावनी दी है कि कोई भी सरकारी एजेंसी व्हाट्सएप वीडियो कॉल पर गिरफ्तारी की धमकी नहीं देती। यदि कोई व्यक्ति खुद को CBI, ATS, पुलिस या किसी अन्य एजेंसी का अधिकारी बताकर पैसे मांगता है, तो तुरंत सतर्क हो जाएं। ऐसे मामलों की जानकारी साइबर हेल्पलाइन या स्थानीय पुलिस को दें। डर के कारण किसी भी खाते में पैसे ट्रांसफर न करें।


 साइबर अपराध पर सख्त कार्रवाई
दिल्ली पुलिस ने कहा कि डिजिटल अरेस्ट जैसे साइबर अपराधों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। आरोपियों के नेटवर्क और उनके सहयोगियों की पहचान की जा रही है। पुलिस लोगों से ऑनलाइन ठगी के प्रति जागरूक रहने की अपील कर रही है। किसी भी संदिग्ध कॉल, लिंक या वीडियो कॉल पर भरोसा न करें। समय रहते शिकायत करने से बड़ी ठगी रोकी जा सकती है।

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Ritika Ghosh

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2 महीने पहले

Yeh incident sun ke dil bhaari ho gaya.

Anjali Patil

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2 महीने पहले

Peedit ko jald se jald nyay milna chahiye.

Monika Das

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2 महीने पहले

CBI ya SIT jaanch honi chahiye is mamle mein.

Ritika Ghosh

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2 महीने पहले

Poori detail share karein, hum aur jaanna chahte hain.

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