बगलामुखी जयंती 2026 आज: कौन हैं मां बगलामुखी, क्यों कहा जाता है पीताम्बरा?

कौन हैं मां बगलामुखी, क्यों कहा जाता है पीताम्बरा?
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Rohan Desai

Rohan Desai

0 सेकंड पहले

Poori detail share karein, hum aur jaanna chahte hain.

Aarohi Chaudhary

Aarohi Chaudhary

0 सेकंड पहले

Sarkar ko iske baare mein kuch karna chahiye!

Ayaan Khan

Ayaan Khan

0 सेकंड पहले

Yeh khabar bahut important hai, sabko pata honi chahiye!

Yash Kulkarni

Yash Kulkarni

0 सेकंड पहले

Yeh sab dekh ke bahut dukh hota hai.

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आज 24 अप्रैल 2026, शुक्रवार को मां बगलामुखी जयंती पूरे देश में श्रद्धा और आस्था के साथ मनाई जा रही है। मां बगलामुखी दस महाविद्याओं में आठवीं महाविद्या मानी जाती हैं। इन्हें पीताम्बरा देवी भी कहा जाता है क्योंकि उन्हें पीला रंग अत्यंत प्रिय है। मान्यता है कि मां की पूजा से शत्रुओं का नाश होता है, कोर्ट-कचहरी के मामलों में सफलता मिलती है और जीवन की बाधाएं समाप्त होती हैं।

कौन हैं मां बगलामुखी?
मां बगलामुखी हिंदू धर्म और तंत्र शास्त्र में अत्यंत पूजनीय देवी हैं। इन्हें स्तंभन शक्ति की देवी कहा जाता है, अर्थात वे शत्रु की वाणी, बुद्धि और शक्ति को रोक देती हैं। उनके चित्रों में उन्हें शत्रु की जीभ पकड़कर खींचते हुए दिखाया जाता है, जो बुराई की शक्ति को रोकने का प्रतीक माना जाता है।

बगलामुखी जयंती 2026 शुभ मुहूर्त
आज पूजा के लिए कई शुभ योग बन रहे हैं:
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:19 से 5:03 बजे तक,
लाभ चौघड़िया: सुबह 7:24 से 9:02 बजे तक,
अमृत काल: सुबह 9:03 से 10:42 बजे तक,
अभिजीत मुहूर्त: 11:53 से 12:46 बजे तक,
शुभ चौघड़िया: दोपहर 12:18 से 1:58 बजे तक,
विजय मुहूर्त: 2:30 से 3:23 बजे तक,
प्रदोष काल: शाम 6:06 से 7:38 बजे तक,
इन समयों में पूजा करना विशेष फलदायी माना गया है।

मां बगलामुखी की 16 दिव्य शक्तियां
तंत्र शास्त्र के अनुसार मां बगलामुखी 16 शक्तियों का केंद्र हैं:
स्तंभिनी – शत्रु की गति रोकती हैं,
जंभिनी – अहंकार नष्ट करती हैं,
मोहिनी – आकर्षण शक्ति देती हैं,
वशंकरी – परिस्थितियों को अनुकूल बनाती हैं,
द्राविणी – नकारात्मकता दूर करती हैं,
आकर्षणी – धन और सफलता आकर्षित करती हैं,
क्षोभणी – विरोधियों में भय पैदा करती हैं,
साधना – एकाग्रता देती हैं,
भय नाशिनी – डर दूर करती हैं,
विजय – मुकदमे और प्रतियोगिता में जीत दिलाती हैं,
रोग निवारण – स्वास्थ्य रक्षा करती हैं,
बुद्धि दात्री – निर्णय क्षमता देती हैं,
शत्रु नाशिनी – विरोधियों का नाश करती हैं,
संकट हरणी – संकटों से बचाती हैं,
वाक् सिद्धि – वाणी में प्रभाव देती हैं,
अजेय – हर क्षेत्र में विजय दिलाती हैं,

मां बगलामुखी की जीभ खींचने का रहस्य
पौराणिक कथा के अनुसार, मदन नामक असुर ने तपस्या से वाक् सिद्धि प्राप्त कर ली थी। वह जो बोलता था, वही सच हो जाता था। उसके दुष्प्रभाव से सृष्टि संकट में आ गई। तब मां बगलामुखी प्रकट हुईं और उसकी जीभ पकड़कर उसकी विनाशकारी वाणी को रोक दिया। यही कारण है कि मां का यह स्वरूप बुराई पर नियंत्रण का प्रतीक माना जाता है।

बगलामुखी जयंती पर करें ये विशेष उपाय
कोर्ट केस में जीत के लिए : बगलामुखी कवच का पाठ करें।
शत्रु शांति के लिए : पीली सरसों से हवन करें।
बिजनेस तरक्की के लिए : सफेद फूल वाला पौधा मंदिर में दान करें।
वैवाहिक सुख के लिए : जरूरतमंद को भोजन कराएं।
मानसिक शांति के लिए : सफेद गाय को मीठे चावल खिलाएं।
स्वास्थ्य लाभ के लिए : शहद, घी और दूब से हवन करें।

पूजा विधि
सुबह स्नान करके पीले वस्त्र पहनें।
पीला कपड़ा बिछाकर मां की मूर्ति या यंत्र स्थापित करें।
हल्दी, पीले फूल, चावल और मिठाई अर्पित करें।
घी का दीपक जलाएं।
मंत्र जाप करें।
आरती करके क्षमा प्रार्थना करें।

चमत्कारी मंत्र
ॐ ह्लीं बगलामुखि सर्वदुष्टानां वाचं मुखं पदं स्तंभय जिह्वां कीलय बुद्धिं विनाशय ह्लीं ॐ स्वाहा। मान्यता है कि इस मंत्र के जाप से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और आत्मविश्वास बढ़ता है।

धार्मिक संदेश
बगलामुखी जयंती केवल पूजा का पर्व नहीं, बल्कि यह हमें सिखाती है कि सत्य, धैर्य और आत्मविश्वास से हर संकट पर विजय पाई जा सकती है।

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Rohan Desai

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Aarohi Chaudhary

Aarohi Chaudhary

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Sarkar ko iske baare mein kuch karna chahiye!

Ayaan Khan

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Yeh khabar bahut important hai, sabko pata honi chahiye!

Yash Kulkarni

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Yeh sab dekh ke bahut dukh hota hai.

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