ग्वालियर में डिजिटल अरेस्ट गैंग का भंडाफोड़: ₹1.57 करोड़ साइबर ठगी मामले में दो गिरफ्तार

₹1.57 करोड़ साइबर ठगी मामले में दो गिरफ्तार
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Diya Gupta

Diya Gupta

1 महीने पहले

CBI ya SIT jaanch honi chahiye is mamle mein.

Arjun Singh

Arjun Singh

1 महीने पहले

Apradhi ko sakht se sakht saza milni chahiye!

Anika Rajput

Anika Rajput

1 महीने पहले

Society ke liye yeh bahut badi chinta ka vishay hai.

Priya Iyer

Priya Iyer

1 महीने पहले

Society ke liye yeh bahut badi chinta ka vishay hai.

Trapti Tanwar

Trapti Tanwar

1 महीने पहले

Apradhi ko sakht se sakht saza milni chahiye!

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मध्य प्रदेश के ग्वालियर में पुलिस ने ₹1.57 करोड़ के डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड मामले का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि आरोपी साइबर ठगी से प्राप्त रकम को क्रिप्टोकरेंसी के माध्यम से आगे भेज रहे थे। पुलिस ने मामले की जांच को और आगे बढ़ा दिया है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है। पूरे नेटवर्क का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। मामले ने साइबर सुरक्षा को लेकर नई चिंता बढ़ा दी है।


33 दिन तक महिला को डराकर रखा
पुलिस के अनुसार पीड़ित महिला को करीब 33 दिनों तक कथित डिजिटल अरेस्ट के नाम पर मानसिक रूप से डराया गया। आरोपियों ने खुद को सरकारी एजेंसियों का अधिकारी बताकर महिला पर लगातार दबाव बनाया। भय का माहौल बनाकर उससे बड़ी रकम ट्रांसफर कराई गई। महिला को लगातार वीडियो कॉल और अन्य माध्यमों से संपर्क में रखा गया। बाद में मामले की शिकायत पुलिस तक पहुंची। जांच के बाद आरोपियों तक पहुंच बनाई गई।


 क्रिप्टोकरेंसी के जरिए भेजी जा रही थी रकम
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि ठगी से प्राप्त धनराशि को क्रिप्टोकरेंसी के माध्यम से विदेश भेजने का प्रयास किया जा रहा था। पुलिस का दावा है कि यह रकम चीन से जुड़े साइबर अपराधियों तक पहुंचाई जा रही थी। डिजिटल लेनदेन की जांच के लिए तकनीकी विशेषज्ञों की सहायता ली जा रही है। वित्तीय ट्रेल की भी पड़ताल जारी है। मामले में अन्य लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है। साइबर नेटवर्क की पूरी कड़ी जोड़ने का प्रयास जारी है।

 

 पूरे नेटवर्क की जांच जारी
पुलिस अब इस साइबर गिरोह से जुड़े अन्य संदिग्धों की तलाश कर रही है। डिजिटल साक्ष्यों और बैंकिंग लेनदेन की गहन जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करने के लिए कई राज्यों और एजेंसियों से समन्वय किया जा रहा है। मामले में और गिरफ्तारियां होने की संभावना से इनकार नहीं किया गया है। जांच एजेंसियां लगातार कार्रवाई कर रही हैं। तकनीकी पहलुओं की भी गहराई से जांच हो रही है।


डिजिटल अरेस्ट ठगी से सावधान रहने की सलाह
पुलिस ने नागरिकों को डिजिटल अरेस्ट जैसे साइबर फ्रॉड से सतर्क रहने की सलाह दी है। अधिकारियों ने कहा कि कोई भी सरकारी एजेंसी वीडियो कॉल पर किसी व्यक्ति को डिजिटल अरेस्ट नहीं करती। संदिग्ध कॉल, मैसेज या भुगतान के दबाव की स्थिति में तुरंत साइबर हेल्पलाइन या पुलिस से संपर्क करना चाहिए। जागरूकता ही ऐसे अपराधों से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है। लोगों से किसी भी अज्ञात व्यक्ति को धनराशि न भेजने की अपील की गई है। साइबर सुरक्षा नियमों का पालन करने पर जोर दिया गया।


साइबर अपराधियों पर लगातार सख्ती
देशभर में बढ़ रहे डिजिटल अरेस्ट और ऑनलाइन ठगी के मामलों को देखते हुए पुलिस और साइबर एजेंसियां लगातार कार्रवाई कर रही हैं। तकनीकी निगरानी और डिजिटल जांच के माध्यम से ऐसे गिरोहों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि साइबर अपराधियों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। लोगों से सतर्क और जागरूक रहने की अपील की गई है। साइबर अपराध रोकना प्रशासन और नागरिकों दोनों की साझा जिम्मेदारी है। जांच पूरी होने के बाद मामले में और खुलासे हो सकते हैं।

 

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Diya Gupta

Diya Gupta

1 महीने पहले

CBI ya SIT jaanch honi chahiye is mamle mein.

Arjun Singh

Arjun Singh

1 महीने पहले

Apradhi ko sakht se sakht saza milni chahiye!

Anika Rajput

Anika Rajput

1 महीने पहले

Society ke liye yeh bahut badi chinta ka vishay hai.

Priya Iyer

Priya Iyer

1 महीने पहले

Society ke liye yeh bahut badi chinta ka vishay hai.

Trapti Tanwar

Trapti Tanwar

1 महीने पहले

Apradhi ko sakht se sakht saza milni chahiye!

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