लखनऊ के अलीगंज में भीषण अग्निकांड: 15 की मौत, कई छात्र घायल

15 की मौत, कई छात्र घायल
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उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में सोमवार दोपहर हुए भीषण अग्निकांड ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया। पुरनिया इलाके की एक बहुमंजिला इमारत में अचानक आग लगने के बाद देखते ही देखते लपटों ने पूरी बिल्डिंग को अपनी चपेट में ले लिया। शुरुआती जानकारी के अनुसार हादसे में अब तक 15 लोगों की मौत की खबर सामने आई है, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं। मृतकों में बड़ी संख्या छात्रों और युवाओं की बताई जा रही है।

 

गेमिंग जोन, सॉफ्टवेयर ऑफिस और कोचिंग सेंटर में मची अफरा-तफरी
बताया जा रहा है कि आग सबसे पहले इमारत की ऊपरी मंजिल पर स्थित गेमिंग जोन और सॉफ्टवेयर ऑफिस में लगी। उस समय कार्यालय और कोचिंग सेंटर में 30 से अधिक लोग मौजूद थे। आग फैलते ही पूरे परिसर में अफरा-तफरी मच गई। धुएं और आग की लपटों के बीच फंसे लोगों ने किसी तरह बाहर निकलने का प्रयास किया। कई छात्रों और कर्मचारियों ने जान बचाने के लिए ऊंचाई से छलांग लगा दी, जिससे कई लोग घायल हो गए।

 

बचाव के लिए तारों का सहारा, कई लोग झुलसे
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं बचा तो कुछ लोगों ने बिल्डिंग के पास से गुजर रहे तारों का सहारा लेकर नीचे उतरने की कोशिश की। इस दौरान कई लोग घायल हुए। आग की भयावहता इतनी अधिक थी कि आसपास के इलाकों में भी दहशत का माहौल बन गया। धुएं के घने गुबार दूर तक दिखाई दिए।

 

दमकल और प्रशासन ने संभाला मोर्चा
घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। कई दमकल वाहनों की मदद से आग बुझाने का अभियान शुरू किया गया। राहत और बचाव दल ने इमारत में फंसे लोगों को निकालने के लिए दीवार काटकर और वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल कर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। कुछ लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है, जबकि अभी भी कुछ लोगों के फंसे होने की आशंका जताई जा रही है।

 

मुख्यमंत्री योगी ने दौरा छोड़ा, लखनऊ के लिए हुए रवाना
हादसे की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपना अलीगढ़ दौरा बीच में ही छोड़ दिया और तत्काल लखनऊ रवाना हो गए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को घटनास्थल पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही पुलिस महानिदेशक और अपर मुख्य सचिव गृह से विस्तृत रिपोर्ट तलब की गई है। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

 

जांच के दायरे में भवन की अनुमति और सुरक्षा व्यवस्था
लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने भी घटना की जांच शुरू कर दी है। यह पता लगाया जा रहा है कि भवन में व्यावसायिक गतिविधियों की अनुमति थी या नहीं, अग्नि सुरक्षा के क्या इंतजाम थे और आग लगने का वास्तविक कारण क्या था। शुरुआती स्तर पर शॉर्ट सर्किट को आग लगने की संभावित वजह माना जा रहा है, हालांकि जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

 

प्रदेशभर में शोक, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर व्यावसायिक और शैक्षणिक संस्थानों में अग्नि सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों और अभिभावकों ने भवनों में सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक जांच की मांग की है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

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