सफलता के शिखर से विवादों के भंवर तक: जानिए 'चॉक' से साम्राज्य खड़ा करने वाले खान सर उर्फ फैजल खान की पूरी इनसाइड स्टोरी
Myra Dubey
0 सेकंड पहलेHaar ke baad jeetna hi asli champion ki pehchaan hai.
Pranav Srivastava
0 सेकंड पहलेYeh khabar padh ke dil bhar aaya, kya himmat hai!
Anjali Patil
0 सेकंड पहलेYeh padhke lagta hai hum bhi kuch kar sakte hain!
यह कहानी उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले (भाटपार रानी) में जन्मे एक साधारण परिवार के लड़के फैजल खान की है, जिसे आज पूरी दुनिया 'खान सर' के नाम से जानती है। पिता बशीर खान सेना में थे और भाई खुद एक कमांडो हैं, इसलिए देशसेवा का जज्बा फैजल के खून में था। उन्होंने एनडीए (NDA) की परीक्षा भी पास कर ली थी, लेकिन फिजिकल फिटनेस के दौरान हाथ में एक मामूली झुकाव (Minor Tilt) के कारण उन्हें मेडिकल रिजेक्शन का सामना करना पड़ा। सेना में जाकर देश के लिए मर-मिटने का सपना भले ही टूट गया, लेकिन फैजल ने हार नहीं मानी। उन्होंने राइफल की जगह चॉक और मार्कर उठाया और शिक्षा को ही अपना मिशन बना लिया।
मात्र 40 छात्रों से 'चलती-फिरती यूनिवर्सिटी' बनने का सफर
साल 2010 में पटना के मुसल्लहपुर हाट में एक छोटे से कमरे और महज 40 छात्रों के साथ खान सर ने अपनी कोचिंग की शुरुआत की थी। शुरुआती दिनों में संघर्ष इतना बड़ा था कि वे खुद दीवारों पर कोचिंग के पोस्टर चिपकाया करते थे। अपनी जीविका और संस्थान को चलाने के लिए उन्होंने वेल्डिंग का काम किया और जेसीबी तक चलाई। इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से बीएससी और भूगोल में एमए करने वाले खान सर का पढ़ाने का अंदाज सबसे जुदा था।
जटिल से जटिल जियोपॉलिटिक्स, स्पेस साइंस या इतिहास को पटना की देसी भाषा, भोजपुरी के तड़के और 'लिट्टी-चोखा' व 'सत्तू' के उदाहरणों से समझा देने की उनकी कला ने उन्हें लोकप्रिय बना दिया। साल 2019 में उन्होंने यूट्यूब पर कदम रखा और 'Khan GS Research Centre' की शुरुआत की। देखते ही देखते डिजिटल दुनिया में उनकी ऐसी आंधी आई कि बड़े-बड़े एड-टेक (Edu-tech) दिग्गजों के सिंहासन हिल गए। आज उनके यूट्यूब चैनल 'खान ग्लोबल स्टडीज' पर 2.59 करोड़ (25.9M) से ज्यादा सब्सक्राइबर्स हैं और उनके व्यूज अरबों में हैं।
₹107 करोड़ का ऑफर भी ठुकराया
खान सर की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्हें अपने संस्थान को बंद करने या कॉर्पोरेट को सौंपने के लिए ₹107 करोड़ का प्रस्ताव भी मिला था। लेकिन उन्होंने इसे ठुकरा दिया। उनका एक ही संकल्प था—"आर्थिक स्थिति किसी भी छात्र की शिक्षा के बीच बाधा नहीं बननी चाहिए। गरीब के बच्चे को भी राजा (अफसर) बनाना है।"
बिहार का 'नया गणित' और 15,000 करोड़ के कोचिंग मार्केट की जंग
खान सर की इस सफलता के पीछे पटना के कोचिंग उद्योग का एक आक्रामक और अनियंत्रित व्यापार भी छिपा है। हाल ही में बिहार पुलिस भर्ती परीक्षा के नतीजों के बाद एक अजीबोगरीब 'क्रेडिट वॉर' देखने को मिला।
कुल सरकारी भर्तियां: 19,838
'खान ग्लोबल स्टडीज' का दावा: 12,000 सिलेक्शन
'ज्ञान बिंदु एकेडमी' का दावा: 10,000 सिलेक्शन
'रहमान MIMT कोचिंग' का दावा: 4,000 सिलेक्शन
तीनों बड़े संस्थानों के दावों को जोड़ दिया जाए तो आंकड़ा 26,000 पार कर जाता है, जो कि कुल वैकेंसियों से भी कहीं ज्यादा है। बाजार के जानकारों के मुताबिक, यह असल में बिहार के 15,000 करोड़ रुपये के कोचिंग मार्केट पर एकछत्र राज करने की लड़ाई है। राज्य के 12,700 से अधिक कोचिंग संस्थानों के समंदर में दो सबसे बड़े शार्क—खान सर और ज्ञान बिंदु एकेडमी के रोशन आनंद सर हैं। यह पूरी जंग नंबर-1 और नंबर-2 की कुर्सी के एकाधिकार (Monopoly) को लेकर है।
2 जून की वो रात: जब गोलियों की तड़तड़ाहट से दहल उठा पटना
इसी व्यावसायिक प्रतिद्वंद्विता का सबसे खौफनाक चेहरा 2 जून 2026 की रात को पटना के कदमकुआं इलाके में देखने को मिला। खान सर के संस्थान पर 15-20 लोगों ने हमला कर दिया और पत्थरों की बारिश कर दी। खान सर के प्रबंधन ने प्रतिद्वंदी 'ज्ञान बिंदु एकेडमी' के मालिक रोशन आनंद पर इस साजिश का आरोप लगाया, जिसके बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर रोशन आनंद समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया।
लेकिन कहानी में असली मोड़ तब आया जब सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें खान सर के दो प्राइवेट गार्ड्स सरकारी राइफल से सरेआम हवा में फायरिंग करते नजर आए। पुलिस एफआईआर के मुताबिक, खान सर पर आरोप है कि उन्होंने भीड़ को डराने और भगाने के लिए अपने सुरक्षा गार्डों को फायरिंग का निर्देश दिया था, जिससे इलाके में दहशत और अफरातफरी फैल गई। इसी आधार पर पटना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109 और आर्म्स एक्ट के तहत खान सर उर्फ फैजल खान को मुख्य आरोपी बनाते हुए नामजद FIR दर्ज की है। फिलहाल पुलिस की 5 अफसरों की टीम (जिसमें 2 डीएसपी और 3 एसएचओ शामिल हैं) उनकी तलाश में जुटी है, और कयास लगाए जा रहे हैं कि खान सर जल्द ही सरेंडर कर सकते हैं।
विवादों का पुराना नाता: घूंघट से लेकर 'अब्दुल पायलट' कमेंट तक
यह पहली बार नहीं है जब खान सर विवादों में घिरे हैं। सोशल मीडिया के इस किंग का नाता पहले भी कई बड़े विवादों से रहा है:
घूंघट विवाद (जून 2025): उनकी शादी और रिसेप्शन की तस्वीरें सामने आने के बाद ट्रोलर्स ने उन्हें निशाने पर लिया था, क्योंकि प्रोग्रेसिव सोच की बात करने वाले शिक्षक की पत्नी पूरे चेहरे पर लाल घूंघट डाले नजर आई थीं। हालांकि, खान सर ने इसे अपनी पत्नी की व्यक्तिगत इच्छा बताया था।
अब्दुल पायलट कमेंट (2021): फ्रांस-पाकिस्तान विवाद के दौरान एक समुदाय विशेष पर की गई उनकी टिप्पणी, "अगर अब्दुल पायलट होता तो क्या होता..." पर भारी बवाल हुआ था और ट्विटर पर #ArrestKhanSir ट्रेंड कर गया था।
ताजा वायरल वीडियो: वर्तमान एफआईआर के बीच उनका एक और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वे कथित तौर पर 'सिंगर' नाम से व्हाट्सएप ग्रुप ज्वाइन करने वाले एक छात्र को अमर्यादित भाषा में डांटते सुनाई दे रहे हैं।
'मसीहा' और 'मर्यादा' के बीच फंसी व्यवस्था
पटना की सड़कों पर चली ये गोलियां सिर्फ दो कोचिंग माफियाओं की आपसी जंग नहीं हैं, बल्कि यह इस बात का सबूत हैं कि जब शिक्षा का मंदिर एक बेकाबू व्यापार में तब्दील हो जाता है, तो मर्यादाएं सबसे पहले दम तोड़ती हैं। लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुके खान सर आज खुद कानून के कटघरे में खड़े हैं। क्या सोशल मीडिया की लोकप्रियता इंसाफ के तराजू को झुका सकती है? सच्चाई और साजिश का अंतिम फैसला तो पटना पुलिस की चार्जशीट और अदालत की चौखट पर ही होगा, लेकिन इस घटना ने डिजिटल दुनिया के 'भगवानों' और देश के लोकतांत्रिक कानूनों की मर्यादा पर एक बहुत बड़ा सवालिया निशान जरूर खड़ा कर दिया है।





