Cyber Crime Alert: डिजिटल लेनदेन के साथ तेजी से बढ़ा साइबर अपराध का खतरा
आज के समय में बैंकिंग, ऑनलाइन शॉपिंग, यूपीआई पेमेंट, सोशल मीडिया और सरकारी सेवाओं सहित अधिकांश कार्य डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से किए जा रहे हैं। इंटरनेट के बढ़ते उपयोग ने जहां लोगों की जिंदगी को आसान बनाया है, वहीं साइबर अपराध (Cyber Crime) भी तेजी से बढ़ा है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि वर्ष 2026 तक साइबर अपराध से होने वाला वैश्विक आर्थिक नुकसान 20 ट्रिलियन डॉलर से अधिक पहुंच सकता है। ऐसे में प्रत्येक इंटरनेट उपयोगकर्ता के लिए साइबर सुरक्षा की जानकारी रखना पहले से कहीं अधिक आवश्यक हो गया है। क्या है साइबर अपराध (Cyber Crime)? साइबर अपराध वह अवैध गतिविधि है जिसमें कंप्यूटर, मोबाइल, इंटरनेट, डिजिटल नेटवर्क या अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपयोग करके किसी व्यक्ति, संस्था, व्यवसाय या सरकार को आर्थिक, तकनीकी या व्यक्तिगत नुकसान पहुंचाया जाता है। इसमें अपराधी किसी भी देश में बैठकर दुनिया के किसी भी हिस्से में मौजूद व्यक्ति या संस्था को निशाना बना सकता है। साइबर अपराध केवल वित्तीय धोखाधड़ी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें डेटा चोरी, पहचान की चोरी, हैकिंग, रैंसमवेयर, ऑनलाइन ब्लैकमेल, सोशल मीडिया फ्रॉड और डिजिटल जासूसी जैसे कई अपराध शामिल हैं।