Fake Government Website Scam: सरकारी वेबसाइट के नाम पर साइबर ठगीदेश में साइबर अपराधियों द्वारा फर्जी सरकारी वेबसाइटों के जरिए लोगों को ठगने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। ठग सरकारी विभागों और योजनाओं के नाम पर हूबहू दिखने वाली नकली वेबसाइट तैयार करते हैं और फिर लोगों को सरकारी नौकरी, स्कॉलरशिप, मुफ्त टैबलेट, सरकारी योजनाओं या आरटीओ सेवाओं का लाभ दिलाने का लालच देकर अपने जाल में फंसाते हैं। इसके बाद आवेदन शुल्क, रजिस्ट्रेशन फीस या अन्य चार्ज के नाम पर पैसे वसूले जाते हैं। असली वेबसाइट जैसी दिखती हैं फर्जी सरकारी साइटें साइबर ठग नकली वेबसाइटों को इस तरह डिजाइन करते हैं कि पहली नजर में उन्हें असली सरकारी पोर्टल से अलग पहचानना मुश्किल हो सकता है। वेबसाइट पर सरकारी विभाग का लोगो, रंग, तस्वीरें और अन्य डिजाइन एलिमेंट्स का इस्तेमाल किया जाता है। कई बार इन वेबसाइटों के लिंक ईमेल, एसएमएस, सोशल मीडिया पोस्ट या मैसेजिंग ऐप के जरिए लोगों तक पहुंचाए जाते हैं। लिंक खोलने के बाद यूजर से किसी योजना के लिए आवेदन करने या सरकारी सेवा का लाभ लेने के नाम पर व्यक्तिगत और वित्तीय जानकारी मांगी जा सकती है। आधार-पैन और बैंक डिटेल्स चुराने की कोशिश फर्जी सरकारी वेबसाइटों का इस्तेमाल केवल पैसे ऐंठने के लिए ही नहीं, बल्कि संवेदनशील जानकारी चोरी करने के लिए भी किया जाता है। ठग आवेदन प्रक्रिया के नाम पर आधार नंबर, पैन कार्ड की जानकारी, मोबाइल नंबर, बैंक अकाउंट डिटेल्स, पासवर्ड और अन्य व्यक्तिगत दस्तावेज मांग सकते हैं। इस जानकारी का गलत इस्तेमाल पहचान की चोरी, बैंकिंग फ्रॉड और अन्य साइबर अपराधों में किया जा सकता है। इसलिए किसी भी वेबसाइट पर अपनी संवेदनशील जानकारी दर्ज करने से पहले उसकी प्रामाणिकता की जांच करना बेहद जरूरी है।