जम्मू-कश्मीर में डिजिटल अरेस्ट पर बड़ा एक्शन: साइबर ठगी रोकने के लिए सरकार का सख्त प्लान

Trapti Tanwar
0 सेकंड पहलेIs niti se desh ka bhala hoga ya nahi — debate honi chahiye.
Sai Mehta
0 सेकंड पहलेIndia ki progress dekh ke dil khush ho gaya!
Ishaan Tiwari
0 सेकंड पहलेBharat Mata ki Jai! Yeh khabar garv dilati hai.
Sneha Menon
30 मिनट पहलेIs decision ka poore desh par seedha asar padega.
जम्मू-कश्मीर के मुख्य सचिव अटल दुल्लू ने श्रीनगर में साइबर अपराध रोकथाम और डिजिटल अरेस्ट प्रिवेंशन मैकेनिज्म की प्रगति की समीक्षा के लिए उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में गृह विभाग, पुलिस, आईटी, कानून और अपराध शाखा के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। कई अधिकारी वर्चुअल माध्यम से भी बैठक में जुड़े।
डिजिटल अरेस्ट मैकेनिज्म को जल्द लागू करने के निर्देश
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि डिजिटल अरेस्ट रोकथाम तंत्र को युद्धस्तर पर लागू किया जाए और इसकी प्रगति की हर महीने समीक्षा की जाए। उन्होंने कहा कि सभी प्रशासनिक, कानूनी और तकनीकी प्रक्रियाओं को तय समयसीमा में पूरा कर सिस्टम को जल्द से जल्द पूरी तरह कार्यशील बनाया जाए।
20 जुलाई तक प्रगति रिपोर्ट अपलोड करने का आदेश
बैठक में संबंधित विभागों को निर्देश दिया गया कि वे अपनी प्रगति रिपोर्ट 20 जुलाई तक प्रगति पोर्टल पर अपलोड करें। साथ ही लंबित प्रस्तावों और आवश्यक दस्तावेजों को निर्धारित समय के भीतर जमा करने को कहा गया ताकि आवश्यक सरकारी आदेश जारी कर परियोजना को सुचारु रूप से लागू किया जा सके।
बढ़ते साइबर फ्रॉड पर जताई चिंता
मुख्य सचिव अटल दुल्लू ने कहा कि ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी और साइबर अपराध के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है। उन्होंने साइबर जांच से जुड़े अधिकारियों के लिए नियमित प्रशिक्षण, तकनीकी दक्षता और कौशल विकास कार्यक्रमों को बढ़ाने पर जोर दिया ताकि अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जा सके।
जनता को जागरूक करने के लिए चलेगा अभियान
सरकार ने डिजिटल अरेस्ट, फर्जी पुलिस कॉल, ऑनलाइन बैंकिंग धोखाधड़ी और अन्य साइबर अपराधों से लोगों को बचाने के लिए व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाने का फैसला किया है। इसके तहत सोशल मीडिया, प्रिंट मीडिया, टीवी और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का उपयोग कर नागरिकों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जाएगा।
मजबूत साइबर सुरक्षा ढांचे पर रहेगा फोकस
बैठक में डिजिटल अरेस्ट मैकेनिज्म के रोडमैप, मौजूदा तकनीकी ढांचे, संस्थागत तैयारियों और कमियों पर विस्तृत प्रस्तुति दी गई। मुख्य सचिव ने कहा कि विभागों के बीच बेहतर समन्वय, तकनीकी तैयारी और जनभागीदारी के जरिए जम्मू-कश्मीर में मजबूत साइबर सुरक्षा ढांचा विकसित किया जाएगा, जिससे नागरिकों को ऑनलाइन ठगी और डिजिटल अपराधों से बेहतर सुरक्षा मिल सके।








