IIT Bombay Student Death Probe Continues: IIT बॉम्बे छात्र साहिल वाकोडे मामले में जांच जारी, परिवार और दोस्त के दावे अलग

Ritika Ghosh
0 सेकंड पहलेBharat tab hi badlega jab log jagruk aur ekjut honge.
Aditya Verma
0 सेकंड पहलेJai Hind! Desh pahle, baaki sab baad mein.
Trapti Tanwar
0 सेकंड पहलेIs niti se desh ka bhala hoga ya nahi — debate honi chahiye.
Ada khan
26 मिनट पहलेHamara desh sahi direction mein ja raha hai, umeed hai.
Arjun Singh
55 मिनट पहलेIs decision ka poore desh par seedha asar padega.
जांच के बीच अलग-अलग दावे
IIT बॉम्बे के बीटेक द्वितीय वर्ष के छात्र साहिल वाकोडे की मौत के मामले में जांच जारी है। परिवार की ओर से संस्थागत उत्पीड़न और जाति आधारित भेदभाव के आरोप लगाए गए हैं, जबकि साहिल के करीबी दोस्त यतीश कुमार ने परिसर में जातिगत भेदभाव का अनुभव होने से इनकार किया है। मुंबई पुलिस ने मामले की जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी है।
दोस्त ने जातिवाद से किया इनकार
मीडिया से बातचीत में यतीश कुमार ने कहा कि उन्होंने IIT बॉम्बे परिसर में जातिगत भेदभाव का अनुभव नहीं किया। उनके मुताबिक परीक्षा से कुछ दिन पहले तक साहिल सामान्य और खुश नजर आ रहा था। उन्होंने पढ़ाई और परीक्षा से जुड़े दबाव को मामले के संदर्भ में महत्वपूर्ण पहलू बताया।
परीक्षा को लेकर क्या हुआ
उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार परीक्षा के दौरान साहिल के पास मोबाइल फोन पाए जाने की बात सामने आई थी। IIT बॉम्बे ने कहा था कि प्रश्नपत्र को AI प्लेटफॉर्म पर अपलोड कर जवाब लेने की कोशिश की गई थी और उस समय कोई औपचारिक अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू नहीं की गई थी। परिवार की ओर से हालांकि अलग आरोप लगाए गए हैं।
परिवार ने लगाए आरोप
साहिल के माता-पिता ने आरोप लगाया है कि उसे कथित तौर पर जाति आधारित भेदभाव और संस्थागत उत्पीड़न का सामना करना पड़ा। उनकी शिकायत के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के साथ अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के प्रावधान भी लगाए हैं। FIR में एक प्रोफेसर समेत अन्य अधिकारियों के नाम दर्ज किए गए हैं।
दादी ने मांगी सीबीआई जांच
साहिल की दादी श्यामलता तायडे ने मामले की विस्तृत जांच की मांग करते हुए सीबीआई जांच की अपील की है। उन्होंने साहिल को पढ़ाई में मेहनती और मेधावी छात्र बताते हुए उसके भविष्य को लेकर परिवार की उम्मीदों का भी जिक्र किया।
IIT बॉम्बे का पक्ष
IIT बॉम्बे ने जातिगत भेदभाव के आरोपों से इनकार किया है। संस्थान ने कहा है कि साहिल की ओर से SC-ST सेल या प्रशासन के सामने ऐसी कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई थी। संस्थान ने जांच में सहयोग करने और मामले में अटकलों से बचने की अपील की है।
जांच से सामने आएगा सच
फिलहाल परिवार के आरोप, दोस्त का अलग पक्ष और संस्थान का बयान जांच के महत्वपूर्ण हिस्से हैं। मामले की वास्तविक परिस्थितियों और लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने तथा संबंधित अधिकारियों के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही हो सकेगी।








