कॉमनवेल्थ में भारत का गोल्डन पंच: ग्लासगो में भारतीय मुक्केबाजों का ऐतिहासिक प्रदर्शन
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की बॉक्सिंग स्पर्धा में भारतीय मुक्केबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया। भारतीय टीम ने कुल 10 पदक अपने नाम किए, जिनमें 7 स्वर्ण और 3 रजत पदक शामिल हैं। यह राष्ट्रमंडल खेलों में भारत का अब तक का सर्वश्रेष्ठ बॉक्सिंग प्रदर्शन माना जा रहा है। 96 वर्षों के इतिहास में बना नया रिकॉर्ड भारतीय बॉक्सिंग टीम ने इस उपलब्धि के साथ राष्ट्रमंडल खेलों के इतिहास में नया कीर्तिमान स्थापित किया। किसी भी देश द्वारा एक ही संस्करण में 7 स्वर्ण पदक जीतने का यह रिकॉर्ड पहली बार बना है। इससे पहले एक संस्करण में सबसे अधिक 6 स्वर्ण पदक जीतने का रिकॉर्ड दर्ज था। भारत ने अपना ही 2018 गोल्ड कोस्ट खेलों का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन भी पीछे छोड़ दिया। महिला मुक्केबाजों ने दिखाया दम भारत की महिला मुक्केबाजों ने इस सफलता में सबसे बड़ी भूमिका निभाई। प्रीति पवार, जैस्मीन लम्बोरिया, साक्षी चौधरी, प्रिया घनघस और अरुंधति चौधरी ने अपने-अपने भार वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया। सात में से पांच गोल्ड महिलाओं के खाते में जाना भारतीय महिला मुक्केबाजी की बढ़ती ताकत का बड़ा प्रमाण माना जा रहा है।