NEET पेपर लीक मामले में CBI की बड़ी चार्जशीट: NTA एक्सपर्ट्स पर पेपर लीक की साजिश का आरोप

NTA एक्सपर्ट्स पर पेपर लीक की साजिश का आरोप
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Kunal Rao

Kunal Rao

0 सेकंड पहले

Logon ki madad karna hi asli dharam hai.

Harsh Pandya

Harsh Pandya

0 सेकंड पहले

Aam janta ka kya hoga? Koi nahi socha inke baare mein.

Myra Dubey

Myra Dubey

0 सेकंड पहले

Aise logon ko support karna humara farz hai.

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NEET UG 2026 पेपर लीक मामले में CBI ने दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में करीब 20 हजार पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है।चार्जशीट में 13 आरोपियों को नामजद किया गया है और जांच में 360 गवाहों के बयान शामिल किए गए हैं।इसके अलावा 422 दस्तावेज और 43 भौतिक साक्ष्यों को भी जांच का हिस्सा बनाया गया है।CBI ने देश के अलग-अलग हिस्सों में 92 स्थानों पर छापेमारी की थी।जांच एजेंसी के अनुसार, मामले में तकनीकी और डिजिटल साक्ष्यों की भी पड़ताल की गई है।10 अगस्त को हुई सुनवाई में कोर्ट ने चार्जशीट पर संज्ञान लेने का फैसला सुरक्षित रख लिया।


NTA एक्सपर्ट्स पर पेपर लीक में भूमिका का आरोप
CBI की जांच में दावा किया गया है कि पेपर लीक का नेटवर्क परीक्षा से पहले ही तैयार किया गया था।जांच एजेंसी के अनुसार, NTA से जुड़े तीन विषय विशेषज्ञों ने अपनी गोपनीय पहुंच का कथित तौर पर दुरुपयोग किया।आरोप है कि प्रश्नों को याद कर या लिखकर बाहर पहुंचाने की प्रक्रिया अपनाई गई।इसके बाद कथित तौर पर कोचिंग संचालकों और बिचौलियों के जरिए प्रश्नों को आगे साझा किया गया।जांच में व्हाट्सऐप, टेलीग्राम और PDF के माध्यम से नेटवर्क संचालित होने का भी दावा किया गया है।हालांकि इन आरोपों पर अंतिम फैसला अदालत में साक्ष्यों और सुनवाई के बाद ही होगा।


360 गवाह और 43 भौतिक साक्ष्य जांच में शामिल
NEET UG पेपर लीक मामले में CBI की चार्जशीट में बड़ी संख्या में गवाह और दस्तावेज शामिल किए गए हैं।जांच एजेंसी ने 360 गवाहों के बयान दर्ज किए हैं और 422 दस्तावेजों को साक्ष्य के रूप में जोड़ा है।इसके साथ ही 43 भौतिक साक्ष्यों का भी उल्लेख किया गया है।CBI की टीमों ने देश के अलग-अलग राज्यों में कई ठिकानों पर छापेमारी कर सबूत जुटाए।जांच में डिजिटल संचार और कथित पेपर वितरण नेटवर्क की भी पड़ताल की गई।अब कोर्ट यह तय करेगा कि चार्जशीट पर औपचारिक रूप से संज्ञान लिया जाए या नहीं।

 

पेपर प्रिंटिंग प्रेस से लीक नहीं होने का दावा
CBI की जांच में प्रश्नपत्र के लीक होने के तरीके को लेकर महत्वपूर्ण दावा किया गया है।जांच एजेंसी के मुताबिक, प्रश्नपत्र किसी प्रिंटिंग प्रेस से लीक होने के बजाय दूसरे तरीके से बाहर पहुंचा।आरोप है कि NTA से जुड़े कुछ विशेषज्ञों ने गोपनीय प्रश्नों तक अपनी पहुंच का कथित दुरुपयोग किया।इसके बाद प्रश्नों को याद करने और उन्हें अन्य लोगों तक पहुंचाने का नेटवर्क बनाया गया।जांच में कथित तौर पर कोचिंग संचालकों और बिचौलियों की भूमिका भी सामने आई है।CBI ने इन दावों के समर्थन में बड़ी संख्या में दस्तावेज और अन्य साक्ष्य अदालत के सामने रखे हैं।


करोड़ों की कथित डील और डिजिटल नेटवर्क की जांच
CBI ने कथित पेपर लीक नेटवर्क में पैसों के लेनदेन और डिजिटल संचार की भी जांच की है।चार्जशीट के अनुसार, आरोपियों ने कथित तौर पर सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया।जांच में छात्रों और बिचौलियों के बीच संपर्क की जानकारी जुटाने का दावा किया गया है।एजेंसी ने कथित तौर पर पैसे के लेनदेन और उम्मीदवारों से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की।मामले में 13 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई है।अब अदालत में आरोपों की कानूनी जांच और आगे की न्यायिक प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी।


कोर्ट ने चार्जशीट पर फैसला रखा सुरक्षित
दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में 10 अगस्त को NEET UG पेपर लीक मामले की सुनवाई हुई।सुनवाई के दौरान CBI ने अपनी चार्जशीट और जांच से जुड़े तथ्यों पर दलीलें पेश कीं।चार्जशीट पर संज्ञान लेने को लेकर अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आदेश सुरक्षित रख लिया।मामले की सुनवाई विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट में की जा रही है।CBI की विस्तृत चार्जशीट में आरोपी, गवाह, दस्तावेज और भौतिक साक्ष्यों का विवरण शामिल है।अब अदालत के अगले आदेश से तय होगा कि मामले में आगे की न्यायिक कार्रवाई किस दिशा में बढ़ेगी।

 

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Kunal Rao

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Harsh Pandya

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Aam janta ka kya hoga? Koi nahi socha inke baare mein.

Myra Dubey

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0 सेकंड पहले

Aise logon ko support karna humara farz hai.

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