पेंड्रा सड़क निर्माण में लापरवाही: पुलिया में फंसी यात्री बस

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पेंड्रा में निर्माण की लापरवाही ने खोल दी पोल, पुलिया में फंसी 33 यात्रियों से भरी बस—बाल-बाल बची जिंदगियां

 

जिला पेंड्रा। पेंड्रा-बिलासपुर मार्ग पर सड़क निर्माण की गुणवत्ता और जिम्मेदार विभाग की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। यात्रियों से भरी एक बस पुलिया से गुजरते समय अचानक फंस गई। बस में करीब 35 यात्री सवार बताए जा रहे हैं। घटना के दौरान यात्रियों में हड़कंप मच गया, हालांकि चालक की सूझबूझ से बड़ा हादसा टल गया।

 

बताया जा रहा है कि बस जब पुलिया से गुजर रही थी, तभी पुलिया का कमजोर हिस्सा बस का भार सहन नहीं कर सका और बस फंस गई। कुछ देर के लिए मौके पर ऐसी स्थिति बन गई कि जरा सी चूक यात्रियों की जान पर भारी पड़ सकती थी। चालक ने सतर्कता दिखाते हुए बस को नियंत्रित किया, जिससे किसी बड़ी जनहानि की घटना नहीं हुई।

 

कागजों में मजबूत, जमीन पर कमजोर निर्माण?

घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल पुलिया के निर्माण और उसकी गुणवत्ता को लेकर उठ रहा है। आखिर निर्माण के दौरान इसकी मजबूती की जांच किस स्तर पर की गई थी? क्या निर्माण कार्य तकनीकी मापदंडों के अनुसार हुआ था? क्या जिम्मेदार अधिकारियों ने समय-समय पर मौके पर पहुंचकर निर्माण की गुणवत्ता का निरीक्षण किया था?

अगर पुलिया निर्माण में गुणवत्ता का ध्यान रखा गया था तो फिर यात्रियों से भरी बस के गुजरते ही ऐसी स्थिति क्यों बनी? यह मामला केवल लापरवाही का नहीं, बल्कि लोगों की सुरक्षा से जुड़े गंभीर सवाल खड़े करता है।

 

स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क और पुलिया जैसे महत्वपूर्ण निर्माण कार्यों में यदि इसी तरह की लापरवाही बरती गई तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है। लोगों ने संबंधित विभाग से पूरे मामले की जांच कर पुलिया की गुणवत्ता की तकनीकी जांच कराने और लापरवाही सामने आने पर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

 

फिलहाल हादसा टल गया, लेकिन पेंड्रा-बिलासपुर मार्ग की इस घटना ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता और विभागीय निगरानी व्यवस्था की पोल जरूर खोल दी है।

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