Neha Jha liquor case: नेहा झा मामले पर बिहार में सियासी बवाल

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बिहार के समस्तीपुर जंक्शन पर स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस के फर्स्ट एसी कोच से 25 वर्षीय नेहा झा और उसके रिश्तेदार ईशान कुमार को करीब 75 लीटर विदेशी शराब के साथ पकड़ा गया। रेलवे सुरक्षा बल और जीआरपी की कार्रवाई के दौरान एच-1 कोच के एक बंद कूपे से दो सूटकेस में शराब बरामद होने की बात सामने आई। पुलिस के अनुसार नेहा बिना वैध टिकट के यात्रा कर रही थी, जबकि ईशान के नाम पर सीट बुक होने की बात कही गई थी, लेकिन जांच में उसके पास भी वैध टिकट नहीं मिला। दोनों को बाद में जीआरपी को सौंप दिया गया और मामले में मद्यनिषेध कानून के तहत कार्रवाई की गई।
शराब की खेप और सप्लाई नेटवर्क की जांच
पुलिस के अनुसार पूछताछ में नेहा ने दावा किया कि शराब हरियाणा से लाई गई थी और दिसंबर में घर में होने वाली शादी के लिए ले जाई जा रही थी। हालांकि जांच एजेंसियां इस दावे की पुष्टि कर रही हैं और यह पता लगाने में जुटी हैं कि शराब वास्तव में किसे और कहां पहुंचाई जानी थी। पुलिस ने दोनों आरोपियों के मोबाइल फोन जब्त कर कॉल डिटेल और व्हाट्सऐप बातचीत की जांच शुरू की है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक जांच का फोकस कथित सप्लाई नेटवर्क और संभावित स्थानीय संपर्कों तक पहुंचने पर है।
परिवार के पुराने शराब मामलों की भी जांच
जांच के दौरान नेहा के परिवार के पुराने मामलों की जानकारी भी सामने आई है। पुलिस और मीडिया रिपोर्टों के अनुसार उसके पिता संजय कुमार झा पहले शराब से जुड़े एक मामले में गिरफ्तार होकर जेल जा चुके हैं। उसकी बड़ी बहन निशु झा को भी 30 नवंबर 2025 को दरभंगा उत्पाद विभाग ने 21 लीटर विदेशी शराब के साथ गिरफ्तार किया था। इन पुराने मामलों को देखते हुए जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि वर्तमान मामले का किसी पुराने नेटवर्क से संबंध है या नहीं।
RJD की सोशल मीडिया पोस्ट से शुरू हुआ विवाद
मामला तब राजनीतिक रंग में आ गया जब आरजेडी की ओर से सोशल मीडिया पर ऐसी पोस्ट सामने आई जिसमें गिरफ्तार नेहा झा को जेडीयू के राज्यसभा सांसद और राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा से जोड़कर पेश किया गया। इस दावे के बाद बिहार की सियासत में आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए। हालांकि उपलब्ध फैक्ट-चेक रिपोर्टों में बताया गया कि गिरफ्तार नेहा के पिता समस्तीपुर जिले के सिंघिया क्षेत्र के रहने वाले संजय कुमार झा हैं, जबकि जेडीयू नेता संजय कुमार झा मधुबनी जिले के अररियासंग्राम के रहने वाले हैं। यानी दोनों अलग-अलग व्यक्ति हैं और केवल नाम की समानता से भ्रम पैदा हुआ।
फैक्ट चेक में दोनों संजय झा अलग निकले
अमर उजाला की फैक्ट-चेक रिपोर्ट के अनुसार जिस संजय झा को नेहा का पिता बताया जा रहा है, वह समस्तीपुर जिले के सिंघिया क्षेत्र से जुड़े किसान हैं। दूसरी ओर जेडीयू नेता संजय कुमार झा मधुबनी जिले के अररियासंग्राम के रहने वाले राज्यसभा सांसद हैं। उपलब्ध रिपोर्टों में दोनों के बीच पारिवारिक संबंध का कोई प्रमाण नहीं मिला है। इसलिए नेहा झा को जेडीयू नेता संजय झा की बेटी बताने वाला दावा तथ्यात्मक रूप से सही नहीं है। इस नाम-समानता ने सोशल मीडिया पर राजनीतिक भ्रम को बढ़ाया और मामले को शराब बरामदगी से आगे राजनीतिक विवाद में बदल दिया।
जांच जारी, राजनीतिक बयानबाजी भी तेज
फिलहाल पुलिस का मुख्य फोकस शराब की बरामदगी, आरोपियों के संपर्कों और कथित सप्लाई नेटवर्क की जांच पर है। नेहा और ईशान के खिलाफ दर्ज मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है और मोबाइल तथा व्हाट्सऐप डेटा की जांच से अन्य लोगों की भूमिका सामने आने की संभावना देखी जा रही है। दूसरी ओर नेहा को जेडीयू नेता संजय झा की बेटी बताए जाने के दावे ने बिहार में सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक बहस को तेज कर दिया है। उपलब्ध तथ्यों के आधार पर इस पूरे विवाद में सबसे अहम बात यही है कि शराब बरामदगी का मामला वास्तविक है, लेकिन नेहा के पिता और जेडीयू नेता संजय झा को एक ही व्यक्ति बताना गलत है।

