Dhirendra Shastri on Garba Entry: गरबा में मुस्लिमों की एंट्री पर धीरेंद्र शास्त्री का बयान
Kavya Mishra
0 सेकंड पहलेDesh ke navyuvak ko aage aana chahiye is mudde par.
Payal jadon
0 सेकंड पहलेBharat Mata ki Jai! Yeh khabar garv dilati hai.
Vaishali shinde
0 सेकंड पहलेBharat Mata ki Jai! Yeh khabar garv dilati hai.
बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने नवरात्रि के दौरान आयोजित होने वाले गरबा कार्यक्रमों में मुस्लिमों की भागीदारी को लेकर चल रहे विवाद पर प्रतिक्रिया दी है। 17 सितंबर को मुंबई में मीडिया से बातचीत के दौरान उनसे गरबा आयोजनों में मुस्लिमों की एंट्री को लेकर सवाल किया गया था। रिपोर्टों के मुताबिक उन्होंने नवरात्रि को सनातन परंपरा का त्योहार बताया और कहा कि सभी लोगों को अपने-अपने त्योहार मनाने चाहिए।
नवरात्रि को बताया सनातन परंपरा का हिस्सा
धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि नवरात्रि सनातन परंपरा का हिस्सा है और इसे सभी को मनाना चाहिए। उन्होंने अपने बयान में दुर्गा पूजा और गरबा उत्सव का उल्लेख किया। उनका कहना था कि इन आयोजनों में देवी की पूजा और मूर्ति आराधना की परंपरा जुड़ी हुई है। यह बयान ऐसे समय आया है, जब कई जगह गरबा और दांडिया आयोजनों में मुस्लिमों की भागीदारी को लेकर सार्वजनिक बहस चल रही है।
मूर्ति पूजा का दिया हवाला
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने अपने बयान में इस्लाम में मूर्ति पूजा को मान्यता नहीं होने का हवाला दिया। इसके बाद उन्होंने सवालिया अंदाज में कहा, “मेरे अंगने में तुम्हारा क्या काम है?” उपलब्ध रिपोर्टों में यह बयान सीधे गरबा और नवरात्रि आयोजनों में मुस्लिमों की भागीदारी से जुड़े सवाल के जवाब के तौर पर दर्ज किया गया है।
VHP की अपील का किया समर्थन
यह बयान ऐसे समय सामने आया है जब विश्व हिंदू परिषद की ओर से गरबा आयोजनों में मुस्लिमों की भागीदारी को लेकर आपत्ति जताई गई थी। रिपोर्टों के अनुसार VHP ने आयोजकों से प्रतिभागियों की पहचान को लेकर कदम उठाने और कुछ धार्मिक पहचान संबंधी नियम अपनाने की अपील की थी। धीरेंद्र शास्त्री ने इस मुद्दे पर VHP के रुख का समर्थन किया है।
बयान के बाद गरबा को लेकर बहस तेज
धीरेंद्र शास्त्री के बयान के बाद नवरात्रि और गरबा आयोजनों में धार्मिक आधार पर प्रवेश को लेकर बहस फिर चर्चा में आ गई है। इस मुद्दे पर अलग-अलग राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। कुछ नेताओं ने गरबा आयोजनों में सभी नागरिकों की भागीदारी के पक्ष में बात कही है, जबकि दूसरी ओर कुछ संगठनों ने धार्मिक आयोजन की प्रकृति और परंपराओं का हवाला देते हुए अलग रुख अपनाया है।
मुंबई में गणेश उत्सव में भी हुए शामिल
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री इन दिनों मुंबई दौरे पर थे और रिपोर्टों के अनुसार उन्होंने वहां गणेश उत्सव के कार्यक्रमों में भी हिस्सा लिया। इसी दौरान मीडिया से बातचीत में नवरात्रि और गरबा को लेकर उनसे सवाल पूछा गया, जिसके जवाब में उन्होंने यह टिप्पणी की। फिलहाल उनका यह बयान सोशल मीडिया और समाचार रिपोर्टों में नवरात्रि के दौरान गरबा में मुस्लिमों की भागीदारी को लेकर चल रही बहस के संदर्भ में चर्चा में है।



