Mary’s Space Dream: दशकों तक कोशिश करती रहीं, आखिरकार मिली स्पेस यात्रा

दशकों तक कोशिश करती रहीं, आखिरकार मिली स्पेस यात्रा
प्रतिक्रियाएँ
Taushif Shekh

Taushif Shekh

3 दिन पहले

Yeh khabar padh ke dil bhar aaya, kya himmat hai!

Ada khan

Ada khan

3 दिन पहले

Aisi success stories sabko inspire karti hain.

Kunal Rao

Kunal Rao

3 दिन पहले

Aisi success stories sabko inspire karti hain.

Rohan Desai

Rohan Desai

3 दिन पहले

Sapne dekhne waale hi unhe poora karte hain.

Kabir Shukla

Kabir Shukla

3 दिन पहले

Haar ke baad jeetna hi asli champion ki pehchaan hai.

Sonu rai

Sonu rai

3 दिन पहले

Haar ke baad jeetna hi asli champion ki pehchaan hai.

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20 साल की उम्र में देखा अंतरिक्ष का सपना

मैरी वालेस फंक ने बहुत कम उम्र में अंतरिक्ष में जाने का सपना देखा था। वर्ष 1961 में उन्होंने नासा के मरकरी प्रोग्राम से जुड़े मेडिकल स्क्रीनिंग टेस्ट में हिस्सा लिया और उसे पास भी किया। इस कार्यक्रम के तहत महिला पायलटों को अंतरिक्ष यात्रा के लिए तैयार करने की प्रक्रिया चल रही थी। मैरी ने अंतरिक्ष यात्री बनने के लिए नासा में चार बार आवेदन किया, लेकिन हर बार उनकी कोशिश सफल नहीं हो सकी। इसके बावजूद उन्होंने अपने सपने को छोड़ा नहीं और विमानन क्षेत्र से लगातार जुड़ी रहीं।

 

 

60 साल तक जारी रही कोशिश

मैरी ने अपने विमानन करियर में करीब 19,600 फ्लाइंग घंटे पूरे किए और लगभग 3,000 लोगों को उड़ान की ट्रेनिंग देने का काम किया। उनका मानना था कि अनुभव और प्रशिक्षण उन्हें एक दिन अंतरिक्ष तक पहुंचने में मदद कर सकते हैं। शुरुआती प्रयासों के बाद भी दशकों तक अंतरिक्ष यात्रा का अवसर नहीं मिला, लेकिन उन्होंने विमान उड़ाना और दूसरों को प्रशिक्षित करना जारी रखा। उनके जीवन की यह लंबी यात्रा इस बात से जुड़ी रही कि उम्र बढ़ने के बावजूद उन्होंने अपने पुराने सपने को पीछे नहीं छोड़ा।

 

मरकरी 13 प्रोग्राम से जुड़ी कहानी

मैरी उन 13 महिला पायलटों में शामिल थीं जिन्होंने उस समय पुरुष उम्मीदवारों के लिए तैयार किए गए समान परीक्षणों को सफलतापूर्वक पूरा किया था। इस कार्यक्रम को बाद में मरकरी 13 के नाम से जाना गया। स्रोत के अनुसार, मैरी ने परीक्षण के दौरान करीब 10 घंटे 35 मिनट सेंसरि डेप्रिवेशन टैंक में भी बिताए थे। हालांकि इन महिला पायलटों को नासा के अंतरिक्ष कार्यक्रम में आधिकारिक तौर पर अंतरिक्ष यात्री के रूप में शामिल नहीं किया गया। मैरी इसके बाद भी विमानन क्षेत्र में सक्रिय रहीं और अपने अनुभव के जरिए उड़ान प्रशिक्षण से जुड़ी रहीं।

 

 

82 साल की उम्र में पूरा हुआ सपना

आखिरकार 20 जुलाई 2021 को मैरी वालेस फंक का दशकों पुराना सपना पूरा हुआ। 82 साल की उम्र में उन्होंने पश्चिमी टेक्सास के रेगिस्तान से ब्लू ओरिजिन के न्यू शेपर्ड कैप्सूल में अंतरिक्ष की यात्रा की। इस यात्रा के साथ वह उस समय अंतरिक्ष में जाने वाली सबसे उम्रदराज व्यक्ति बनीं। जिस सपने की शुरुआत उन्होंने करीब छह दशक पहले की थी, उसे उन्होंने जीवन के 82वें वर्ष में पूरा किया। उनकी कहानी लंबे समय तक किसी लक्ष्य के लिए प्रयास करते रहने और उम्र को सपनों के रास्ते में बाधा न बनने देने की मिसाल के तौर पर सामने आई।

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Taushif Shekh

Taushif Shekh

3 दिन पहले

Yeh khabar padh ke dil bhar aaya, kya himmat hai!

Ada khan

Ada khan

3 दिन पहले

Aisi success stories sabko inspire karti hain.

Kunal Rao

Kunal Rao

3 दिन पहले

Aisi success stories sabko inspire karti hain.

Rohan Desai

Rohan Desai

3 दिन पहले

Sapne dekhne waale hi unhe poora karte hain.

Kabir Shukla

Kabir Shukla

3 दिन पहले

Haar ke baad jeetna hi asli champion ki pehchaan hai.

Sonu rai

Sonu rai

3 दिन पहले

Haar ke baad jeetna hi asli champion ki pehchaan hai.

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