Mallikarjun Kharge: संगठन में बड़ा फेरबदल: सचिन पायलट को पंजाब कांग्रेस का नया प्रभारी नियुक

Sonu rai
0 सेकंड पहलेBharat tab hi badlega jab log jagruk aur ekjut honge.
Vivaan Gupta
0 सेकंड पहलेIndia ki progress dekh ke dil khush ho gaya!
Nisha Shah
0 सेकंड पहलेIs decision ka poore desh par seedha asar padega.
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने संगठन में बड़ा फेरबदल करते हुए सचिन पायलट को पंजाब कांग्रेस का नया AICC प्रभारी नियुक्त किया है। पायलट ने भूपेश बघेल की जगह ली है, जिन्हें अब असम कांग्रेस का प्रभारी बनाया गया है। कांग्रेस की आधिकारिक वेबसाइट पर भी पायलट को पंजाब और बघेल को असम का प्रभारी दर्ज किया गया है। यह बदलाव पंजाब में अगले विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच किया गया है।
पंजाब में गुटबाजी सुलझाना बड़ी चुनौती
सचिन पायलट के सामने पंजाब कांग्रेस के भीतर चल रहे मतभेदों और गुटीय खींचतान को कम करना प्रमुख चुनौती होगी। हाल के दिनों में पंजाब कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति को लेकर पार्टी हाईकमान की चिंता सामने आई है। राहुल गांधी ने भी पंजाब के पार्टी नेतृत्व के साथ बैठक कर संगठनात्मक मतभेदों पर चर्चा की थी। ऐसे माहौल में पायलट को पार्टी नेताओं के बीच समन्वय स्थापित करने की जिम्मेदारी मिली है।
भूपेश बघेल को असम की जिम्मेदारी
संगठनात्मक फेरबदल के तहत पूर्व छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को पंजाब प्रभारी के पद से हटाकर असम का प्रभारी बनाया गया है। कांग्रेस ने इसके साथ कई अन्य राज्यों के संगठनात्मक प्रभार में भी बदलाव किए हैं। पार्टी की आधिकारिक सूची में बघेल को अब असम का प्रभारी दर्ज किया गया है।
सुरजेवाला को कर्नाटक के साथ गुजरात का प्रभार
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला को कर्नाटक के साथ गुजरात का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। पार्टी के मौजूदा AICC पदाधिकारियों की आधिकारिक सूची में भी सुरजेवाला को Karnataka और Gujarat दोनों का प्रभारी दर्ज किया गया है। इसके अलावा सुखदेव भगत को छत्तीसगढ़ और डॉ. सिरिवेला प्रसाद को महाराष्ट्र की जिम्मेदारी दी गई है।
राहुल गांधी के पंजाब दौरे से पहले फैसला
सचिन पायलट की नियुक्ति ऐसे समय हुई है जब कांग्रेस पंजाब में आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों को मजबूत करने में जुटी है। राहुल गांधी ने पंजाब के नेताओं के साथ बैठक की है और उनके राज्य दौरे की संभावना भी जताई जा रही है। हालांकि, उपलब्ध विश्वसनीय रिपोर्टों के आधार पर राहुल गांधी की किसी खास बस यात्रा को अभी निश्चित कार्यक्रम के रूप में नहीं लिखा जाना चाहिए।
पायलट के सामने संगठन मजबूत करने का टास्क
पंजाब की राजनीति में कांग्रेस के लिए संगठनात्मक एकजुटता आगामी चुनाव से पहले अहम मुद्दा है। सचिन पायलट को अब राज्य में पार्टी नेताओं के बीच तालमेल बढ़ाने और संगठन को चुनावी मोड में मजबूत करने की जिम्मेदारी संभालनी होगी। उनके सामने गुटीय मतभेदों को कम करने के साथ जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने की चुनौती भी रहेगी। कांग्रेस हाईकमान का यह फैसला पंजाब में संगठन को नई दिशा देने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।







