Gyanesh Kumar Won’t Resign: ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे पर अठावले का बड़ा बयान

Pooja Reddy
1 हफ्ते पहलेSarkar ko public ko jawab dena chahiye.
Sonu rai
1 हफ्ते पहलेBahut achhi reporting ki hai, keep it up!
Reyansh Joshi
1 हफ्ते पहलेSarkar ko public ko jawab dena chahiye.
Ananya Sharma
1 हफ्ते पहलेYeh rajneeti ka asli chehra hai.
Riya Jain
1 हफ्ते पहलेPehli baar itni sach khabar padhi, shukriya!
Trapti Tanwar
1 हफ्ते पहलेYeh khabar bahut important hai, sabko pata honi chahiye!
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग खारिज
केंद्रीय राज्यमंत्री और रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया के अध्यक्ष रामदास अठावले ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग का विरोध किया है। नवी मुंबई में दिए बयान में उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे के पक्ष में नहीं है। अठावले ने कहा कि हर मामले में किसी अधिकारी के इस्तीफे की मांग करना उचित नहीं है और आंदोलनकारियों को अपनी मांगें लोकतांत्रिक तरीके से रखनी चाहिए।
अभिजीत दिपके के आंदोलन पर प्रतिक्रिया
अभिजीत दिपके के आंदोलन और उनकी मांगों पर प्रतिक्रिया देते हुए अठावले ने कहा कि केवल इशारे देने से किसी समस्या का समाधान नहीं होगा। उन्होंने अपने आंदोलन के दिनों का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें भी कई बार पुलिस कार्रवाई का सामना करना पड़ा था। अठावले ने कहा कि आंदोलन करने का अधिकार है, लेकिन लगातार इस तरह की गतिविधियों से किसी अधिकारी के इस्तीफे की मांग अपने आप स्वीकार नहीं हो जाती।
पीएम मोदी पर बयानबाजी से बचने की सलाह
रामदास अठावले ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ की जा रही बयानबाजी पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के सामने अपनी मांग रखना लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन व्यक्तिगत या आपत्तिजनक बयानबाजी से बचना चाहिए। उन्होंने अभिजीत दिपके को सलाह दी कि अपनी मांगों को उचित तरीके से उठाएं और प्रधानमंत्री के खिलाफ इस तरह की बयानबाजी न करें।
ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा नहीं देना चाहिए
अठावले ने कहा कि उनकी पार्टी का स्पष्ट मत है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा नहीं देना चाहिए। मतदाता सूची से नाम हटाए जाने को लेकर उठाए गए आरोपों के संदर्भ में उन्होंने कहा कि यदि किसी मतदाता का नाम गलती से हट गया है, तो उसे दोबारा जुड़वाने की प्रक्रिया उपलब्ध है। उनके अनुसार ऐसी स्थिति में फिलहाल ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उचित नहीं है।
आरपीआई को राजनीतिक प्रतिनिधित्व की मांग
अठावले ने महाराष्ट्र सरकार में अपनी पार्टी को अपेक्षित राजनीतिक प्रतिनिधित्व नहीं मिलने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि आरपीआई को एमएलसी और विधानसभा स्तर पर पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं मिला है। उन्होंने आगामी कॉरपोरेशन में कम से कम दो चेयरमैन पद आरपीआई को देने और राज्यपाल कोटे से होने वाली पांच एमएलसी नियुक्तियों में कम से कम एक सीट पार्टी को देने की मांग रखी।
कमेटियों में भी हिस्सेदारी चाहते हैं
रामदास अठावले ने जिला, तालुका और राज्य स्तर की विभिन्न कमेटियों में भी आरपीआई कार्यकर्ताओं को प्रतिनिधित्व देने की मांग की। उन्होंने कहा कि पार्टी के कार्यकर्ताओं को राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर उचित भागीदारी मिलनी चाहिए। अठावले ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग का समर्थन नहीं करती है।






